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PM मोदी का ‘AI Impact Summit’ मैसेज: “दुनिया ने भारत की अद्भुत AI ताकत देखी”, 3 देसी AI मॉडल भी लॉन्च

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PM Modi AI Impact Summit 2026
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PM मोदी ने ‘मन की बात’ में कहा कि AI Impact Summit में दुनिया ने भारत की “amazing” AI क्षमताएं देखीं। समिट में 3 Made-in-India AI मॉडल लॉन्च हुए और अमूल के AI पशुपालन व सुश्रुत संहिता जैसे प्राचीन ग्रंथों को AI से संरक्षित करने की तकनीक ने सबको प्रभावित किया।

New Delhi Declaration: AI Impact Summit 2026 में 88 देशों की सहमति, मोदी बोले—यह “टर्निंग पॉइंट” है

PM मोदी: AI Impact Summit में दुनिया ने देखी भारत की ‘अद्भुत’ AI क्षमता, 3 देसी AI मॉडल लॉन्च और New Delhi Declaration अपनाई गई

मन की बात में AI समिट का खास जिक्र
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ के 131वें एपिसोड में कहा कि हाल ही में हुए India Impact Global AI Summit (AI Impact Summit 2026) में दुनिया ने AI के क्षेत्र में भारत की “amazing” यानी अद्भुत क्षमताएं देखीं। उन्होंने बताया कि यह समिट भारत मंडपम, नई दिल्ली में 16 से 20 फरवरी के बीच हुआ और इसमें कई देशों के नेता, इंडस्ट्री एक्सपर्ट, इनोवेटर्स और स्टार्टअप सेक्टर के प्रतिनिधि शामिल हुए। PM मोदी के मुताबिक, समिट ने उन्हें दुनिया के नेताओं और बड़ी टेक कंपनियों के CEOs से मिलने का मौका भी दिया।

PM मोदी ने इस समिट को “टर्निंग पॉइंट” बताया—यानी ऐसा मोड़ जो आगे चलकर दुनिया में AI की ताकत के इस्तेमाल की दिशा तय करेगा। उन्होंने खास तौर पर यह भी रेखांकित किया कि इसी अवधि में भारत ने तीन “Made in India” AI मॉडल लॉन्च किए। यह बात इसलिए अहम है क्योंकि पिछले कुछ सालों में AI की रेस में दुनिया भर के देश अपने-अपने फाउंडेशन मॉडल्स और AI इकोसिस्टम बनाने में तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं।

समिट में किन 2 इनोवेशन्स ने सबसे ज्यादा ध्यान खींचा?
PM मोदी ने ‘मन की बात’ में AI Summit Exhibition की दो ऐसी चीजों का उल्लेख किया, जिनसे उनके अनुसार विश्व नेताओं पर खास प्रभाव पड़ा। पहली चीज अमूल (Amul) के बूथ पर दिखी, जहां AI को पशुपालन और डेयरी ऑपरेशन्स में इस्तेमाल करने के तरीके समझाए गए। मोदी ने कहा कि AI पशुओं के इलाज में मदद कर रहा है और 24×7 AI असिस्टेंट के जरिए किसान अपने डेयरी ऑपरेशन और पशुधन की मॉनिटरिंग ज्यादा बेहतर तरीके से कर पा रहे हैं।

दूसरी चीज भारत की सांस्कृतिक विरासत को बचाने से जुड़ी थी। मोदी ने कहा कि दुनिया भर के नेता यह देखकर हैरान थे कि AI की मदद से प्राचीन शास्त्र, पारंपरिक ज्ञान और पांडुलिपियों को संरक्षित किया जा रहा है और आज की पीढ़ी के लिए “एडॉप्ट” किया जा रहा है। यहां संदेश साफ था—भारत सिर्फ AI का उपभोक्ता नहीं, बल्कि AI को खेती, डेयरी और संस्कृति जैसे “इंडिया-सेंट्रिक” उपयोगों में भी उतार रहा है।

सुश्रुत संहिता का AI डिस्प्ले: टेक्नोलॉजी से पढ़ने योग्य, फिर अनुवाद और AI अवतार
PM मोदी ने Sushruta Samhita से जुड़े एक डिस्प्ले का भी विवरण दिया, जिससे यह समझ आता है कि AI और डिजिटल टेक्नोलॉजी मिलकर ऐतिहासिक सामग्री को कैसे “रिवाइव” कर सकती है। उनके अनुसार, पहले चरण में तकनीक की मदद से पांडुलिपियों की इमेज क्वालिटी बेहतर की गई ताकि पाठ पढ़ने लायक बन सके। दूसरे चरण में उस टेक्स्ट इमेज को मशीन-रीडेबल फॉर्मेट में बदला गया। इसके बाद AI avatar बनाया गया और टेक्स्ट का भारतीय और विदेशी भाषाओं में अनुवाद किया गया।

मोदी ने यह भी कहा कि विश्व नेताओं ने भारत के प्राचीन ज्ञान को इस “मॉडर्न अवतार” के जरिए जानने में काफी रुचि दिखाई। इस तरह की पहल एक साथ दो बातें करती है—भारत की टेक प्रगति दिखाती है और साथ ही उसके ज्ञान-परंपरा के “डिजिटाइजेशन” को नई पीढ़ी तक पहुंचाती है।

समिट में लॉन्च हुए 3 Made-in-India AI मॉडल कौन से हैं?
PM मोदी के अनुसार, AI Impact Summit में तीन AI मॉडल लॉन्च हुए:

  • Sarvam AI के LLMs (Large Language Models)
  • Gnani.ai का Vachana text-to-speech मॉडल
  • BharatGen का Param2 17B multilingual foundational model

ये तीनों घोषणाएं इसलिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि भारत में लोकल भाषाओं, लोकल यूज़-केसेज़ और इंडियन डेटा-कॉन्टेक्स्ट के लिए AI मॉडल्स की मांग लगातार बढ़ रही है। टेक और स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए यह एक संकेत भी है कि भारत “बिल्डिंग” वाले चरण में और तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।

New Delhi Declaration on AI Impact: 88 देशों/संस्थाओं का समर्थन
AI Impact Summit 2026 का एक बड़ा नतीजा “New Delhi Declaration on AI Impact” का अपनाया जाना रहा। रिपोर्ट के अनुसार, इस घोषणा को 88 देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों का समर्थन मिला, जिसे वैश्विक सहयोग में एक बड़ा माइलस्टोन माना गया।

इस घोषणा का मार्गदर्शक सिद्धांत “Sarvajan Hitaya, Sarvajan Sukhaya” बताया गया—यानी AI के लाभ मानवता में समान रूप से साझा हों। इसमें अंतरराष्ट्रीय सहयोग और multi-stakeholder engagement पर ज़ोर दिया गया, साथ ही राष्ट्रीय संप्रभुता (national sovereignty) का सम्मान करने की बात कही गई। घोषणा में AI को अधिक “accessible” और “trustworthy” फ्रेमवर्क्स के साथ आगे बढ़ाने, और AI को मानवता के हित में इस्तेमाल करने की साझा समझ बनाने पर भी जोर है।

AI Impact Summit में PM मोदी द्वारा बताए गए मुख्य बिंदु (त्वरित सूची)

  • समिट में भारत की AI क्षमताओं को वैश्विक स्तर पर पहचान मिली।
  • 3 Made-in-India AI मॉडल लॉन्च किए गए।
  • अमूल बूथ पर AI आधारित पशुपालन/डेयरी मॉनिटरिंग सॉल्यूशंस दिखाए गए।
  • AI से पांडुलिपियों, शास्त्रों और पारंपरिक ज्ञान का संरक्षण व अनुवाद दिखाया गया।
  • New Delhi Declaration अपनाई गई, 88 देशों/संस्थाओं ने समर्थन किया।

यह खबर क्यों मायने रखती है? (सरल समझ)
पहली बात, यह स्पष्ट संकेत है कि भारत अब AI को सिर्फ “टेक ट्रेंड” की तरह नहीं बल्कि खेती, डेयरी और सांस्कृतिक संरक्षण जैसे रोज़मर्रा के क्षेत्रों तक में लागू करने के लिए आगे बढ़ रहा है। PM मोदी ने जिन दो इनोवेशन्स को चुना, वे सीधे जनता और भारत की पहचान से जुड़े हुए हैं, इसलिए उनका प्रभाव भी “लोकल + ग्लोबल” दोनों स्तर पर पड़ता है।

दूसरी बात, 88 देशों/संस्थाओं द्वारा New Delhi Declaration का समर्थन भारत की कूटनीतिक और टेक-पॉलिसी भूमिका को मजबूत करता है। ऐसे समय में जब AI पर सुरक्षा, भरोसे और नैतिकता को लेकर दुनिया में अलग-अलग दृष्टिकोण हैं, तब “सहयोग + संप्रभुता” वाला संदेश एक बैलेंस बनाने की कोशिश है।

FAQs (5)

  1. PM मोदी ने AI Impact Summit के बारे में क्या कहा?
    उन्होंने कहा कि दुनिया ने AI के क्षेत्र में भारत की “amazing” क्षमताएं देखीं और यह समिट भविष्य में AI की शक्ति के उपयोग के तरीके के लिए एक “टर्निंग पॉइंट” है।
  2. समिट में कौन से 3 Made-in-India AI मॉडल लॉन्च हुए?
    PM मोदी के अनुसार Sarvam AI के LLMs, Gnani.ai का Vachana text-to-speech मॉडल और BharatGen का Param2 17B multilingual foundational model लॉन्च हुए।
  3. PM मोदी ने समिट में कौन-सी 2 चीजें खास तौर पर बताईं?
    उन्होंने अमूल बूथ पर AI का पशुपालन/डेयरी मॉनिटरिंग में उपयोग और AI से प्राचीन शास्त्र/पांडुलिपियों के संरक्षण व अनुवाद वाली पहल को खास बताया।
  4. सुश्रुत संहिता डिस्प्ले में क्या प्रोसेस बताया गया?
    मोदी के मुताबिक इमेज क्वालिटी बढ़ाकर पांडुलिपि पढ़ने योग्य बनाई गई, फिर टेक्स्ट को मशीन-रीडेबल बनाया गया, AI अवतार बनाया गया और भारतीय व विदेशी भाषाओं में अनुवाद किया गया।
  5. New Delhi Declaration on AI Impact क्या है और इसे कितनों ने समर्थन दिया?
    यह AI पर वैश्विक सहयोग से जुड़ी घोषणा है, जिसे 88 देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने समर्थन दिया; इसमें AI के लाभ समान रूप से साझा करने, सहयोग बढ़ाने और राष्ट्रीय संप्रभुता का सम्मान करने पर जोर है।
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