कांग्रेस नेता राहुल गांधी RSS कार्यकर्ता की मानहानि याचिका पर ठाणे के भीवंडी कोर्ट में पेश हुए। पूर्व जमानती शिवराज पाटील के निधन के बाद महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने नए ‘सुरिटी’ के रूप में दस्तावेज दिए, जिन्हें सत्यापन के बाद कोर्ट ने स्वीकार किया। अगली सुनवाई 4 अप्रैल को होगी।
मुलुंड टोल पर काले झंडे, कोर्ट में पेशी: RSS डिफेमेशन केस में राहुल गांधी की अपडेट—सपकाल ने संभाली जमानत
RSS मानहानि केस में राहुल गांधी की कोर्ट पेशी: हर्षवर्धन सपकाल बने नए जमानती, अगली सुनवाई 4 अप्रैल
कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शनिवार को महाराष्ट्र के ठाणे जिले के भीवंडी स्थित मजिस्ट्रेट कोर्ट में RSS से जुड़े मानहानि मामले में पेश हुए। कोर्ट ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर नया ‘सुरिटी’ (जमानती) देने को कहा था, क्योंकि उनके पुराने जमानती और पूर्व केंद्रीय मंत्री शिवराज पाटील चाकुरकर का पिछले साल दिसंबर में निधन हो गया था। राहुल गांधी ने महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल को नया जमानती पेश किया, जिसे दस्तावेज सत्यापन के बाद अदालत ने स्वीकार कर लिया।
राहुल गांधी करीब 10:30 बजे कोर्ट पहुंचे और उनके साथ सपकाल के अलावा कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड़ और उनके वकील नारायण अय्यर व कुशल मोर मौजूद थे। पूरी प्रक्रिया लगभग 15 मिनट में पूरी हो गई और इसके बाद राहुल गांधी सड़क मार्ग से वापस मुंबई लौट गए। उन्होंने मीडिया से कोई बयान नहीं दिया।
मामला क्या है: 2014 के चुनावी भाषण से जुड़ी मानहानि शिकायत
यह केस RSS कार्यकर्ता राजेश कुंटे की शिकायत पर आधारित है, जो IPC की धारा 500 (मानहानि) के तहत दायर की गई थी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि 2014 लोकसभा चुनाव के दौरान सोनाले गांव की एक रैली में राहुल गांधी ने बयान दिया था कि महात्मा गांधी की हत्या के पीछे RSS का हाथ था। कुंटे ने कहा कि यह “झूठा बयान” RSS की छवि को नुकसान पहुंचाता है, इसलिए उनके खिलाफ मानहानि का केस बनता है।
इस केस की सुनवाई पहले भी लंबे समय तक धीमी रही। सुप्रीम कोर्ट ने मानहानि कानूनों को चुनौती देने वाली याचिकाओं के दौरान लगभग दो साल तक इस तरह की कार्यवाही पर रोक लगाई थी। रोक हटने के बाद 2016 में राहुल गांधी को कोर्ट में पेश होने पर जमानत मिली थी और उसी समय शिवराज पाटील चाकुरकर जमानती बने थे।
कोर्ट ने क्या आदेश दिया और अब अगली तारीख क्या है?
कोर्ट ने पुराने जमानती के निधन के कारण राहुल गांधी को नया जमानती देने के लिए व्यक्तिगत रूप से पेश होने को कहा था। शनिवार को सपकाल ने मजिस्ट्रेट के सामने आवेदन देकर जमानती बनने की अनुमति मांगी और शपथपत्र/दस्तावेज जमा किए। सत्यापन के बाद अदालत ने यह अर्जी मंजूर कर ली।
जॉइंट सिविल जज व ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (फर्स्ट क्लास) पी.एम. कोलसे ने मामले को 4 अप्रैल तक के लिए स्थगित कर दिया। उस दिन गवाहों की गवाही (testimony) रिकॉर्ड करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी और जांच अधिकारी की जिरह (cross-examination) भी आगे चलने की बात कही गई है।
ट्रायल की रफ्तार: सुप्रीम कोर्ट के निर्देश और फास्ट-ट्रैक प्रोसेस
राहुल गांधी के वकील नारायण अय्यर ने बताया कि कार्यवाही सुप्रीम कोर्ट के उस निर्देश के अनुसार हुई, जिसमें सांसदों और विधायकों के मामलों को तेज़ी से निपटाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट्स की व्यवस्था/प्राथमिकता की बात कही गई है। वकील ने कहा कि राहुल गांधी को भविष्य की सुनवाइयों में व्यक्तिगत पेशी से स्थायी छूट (permanent exemption) मिल चुकी है, और उचित समय पर बचाव पक्ष के गवाह पेश किए जाएंगे।
यह भी बताया गया कि कोविड-19 लॉकडाउन और कई अंतरिम अर्जियों (interim applications) के कारण 2018 से 2022 के बीच केस की गति धीमी रही, जबकि 2023 में कोर्ट ने शिकायतकर्ता की गवाही रिकॉर्ड कर ट्रायल की प्रक्रिया आगे बढ़ाई।
मुलुंड टोल पर BJP का ‘ब्लैक फ्लैग’ प्रदर्शन: क्या हुआ?
राहुल गांधी जब मुंबई एयरपोर्ट से सड़क मार्ग से भीवंडी जा रहे थे, तो मुलुंड टोल प्लाजा पर BJP कार्यकर्ताओं ने उनकी कार को काले झंडे दिखाए और नारेबाजी की। BJP समर्थकों ने आरोप लगाया कि Youth Congress के कुछ प्रदर्शन से देश की छवि को नुकसान पहुंचा, इसलिए वे विरोध कर रहे हैं। पुलिस ने टकराव रोकने के लिए व्यापक इंतजाम किए।
इसके जवाब में महाराष्ट्र कांग्रेस नेता सचिन सावंत ने कहा कि यह विरोध “मुख्य राष्ट्रीय मुद्दों से ध्यान भटकाने” की कोशिश है और उन्होंने US राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने BJP सरकार के कथित “सरेंडर” पर सवाल उठाया। NCP (SP) ने भी ‘ब्लैक फ्लैग’ प्रदर्शन को “लोकतांत्रिक मानदंडों से हटकर” और “अपमानजनक” बताया।
मुंबई में कांग्रेस की समीक्षा बैठक: BMC चुनाव प्रदर्शन पर सवाल
कोर्ट पेशी के बाद राहुल गांधी ने मुंबई में कांग्रेस नेताओं से मुलाकात की और 15 जनवरी के मुंबई सिविक पोल्स (BMC चुनाव) में पार्टी के कमजोर प्रदर्शन के कारणों पर सवाल किए। रिपोर्ट के मुताबिक, पार्टी ने पिछले महीने हुए BMC चुनाव में 227 में से सिर्फ 24 सीटें जीतीं, जिससे MVA सहयोगियों (शिवसेना UBT और NCP SP) के साथ गठबंधन न करने के फैसले पर भी सवाल उठे। इस बैठक में सपकाल और मुंबई कांग्रेस प्रमुख वर्षा गायकवाड़ मौजूद थे।
राहुल गांधी ने नेताओं को संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने पर काम करने को कहा और सपकाल के साथ अलग से वन-ऑन-वन बैठक भी की, फिर वे दिल्ली लौट गए।
टेबल: केस का संक्षिप्त टाइमलाइन
| साल/तारीख | क्या हुआ |
|---|---|
| 2014 | सोनाले गांव की रैली में बयान को लेकर विवाद, बाद में शिकायत |
| 2016 | सुप्रीम कोर्ट की रोक हटने के बाद केस आगे; राहुल को जमानत, शिवराज पाटील जमानती बने |
| 2018-2022 | कोविड और अंतरिम अर्जियों से केस धीमा |
| 2023 | ट्रायल शुरू, शिकायतकर्ता की गवाही रिकॉर्ड |
| 2026 (फरवरी) | पुराने जमानती के निधन के बाद सपकाल नए जमानती बने; अगली तारीख 4 अप्रैल |
FAQs (5)
- राहुल गांधी किस केस में भीवंडी कोर्ट पहुंचे थे?
वे RSS कार्यकर्ता द्वारा दायर मानहानि (IPC 500) केस में अदालत के सामने पेश हुए थे। - राहुल गांधी को नया जमानती क्यों देना पड़ा?
क्योंकि उनके पुराने जमानती, पूर्व केंद्रीय मंत्री शिवराज पाटील चाकुरकर का दिसंबर में निधन हो गया था और कोर्ट ने नया सुरिटी पेश करने को कहा था। - नया जमानती कौन बना और कोर्ट ने क्या किया?
महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने जमानती बनने की अनुमति मांगी; दस्तावेज सत्यापन के बाद कोर्ट ने अर्जी मंजूर कर ली। - अगली सुनवाई कब है और क्या होगा?
केस 4 अप्रैल को तय किया गया है, जब गवाहों की गवाही आगे बढ़ेगी और जांच अधिकारी की जिरह जारी रह सकती है। - मुलुंड टोल पर काले झंडे क्यों दिखाए गए?
BJP कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी की कार को काले झंडे दिखाकर विरोध किया और आरोप लगाया कि कांग्रेस/यूथ कांग्रेस की गतिविधियों से देश की छवि खराब होती है; पुलिस ने टकराव रोकने के इंतजाम किए।
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