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अगर INDIA ब्लॉक होता तो ट्रंप से डेटा प्रोटेक्ट करवाते: राहुल का मोदी पर हमला

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राहुल गांधी ने लोकसभा में कहा – INDIA ब्लॉक ट्रंप से डेटा को प्रोटेक्ट करवाता। मोदी सरकार पर US ट्रेड डील में डेटा फ्री फ्लो, लोकलाइजेशन खत्म करने का आरोप लगाया। डेटा हमारा सबसे बड़ा एसेट।

राहुल का ट्रंप को मैसेज: भारतीय डेटा पर बात करो तो बराबरी से, क्या सरकार ने बेच दिया?

लोकसभा में राहुल गांधी का धमाकेदार भाषण: डेटा पर केंद्रित

10 फरवरी 2026 को लोकसभा में बजट चर्चा के दौरान LoP राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि अगर INDIA ब्लॉक ट्रंप से नेगोशिएट कर रहा होता तो सबसे पहला मुद्दा भारतीय डेटा का होता। हम ट्रंप से कहते – अगर हमारा डेटा चाहते हो तो बराबरी से बात करो। राहुल ने डेटा को 21वीं सदी का सबसे बड़ा हथियार बताया। उन्होंने कहा कि हमारी 1.4 अरब आबादी डेटा जेनरेट करती है जो US डॉलर बचाने में मदद कर सकता है। सदन में हंगामा मच गया।

भारतीय डेटा क्यों है ग्लोबल पावर का राज?

राहुल ने जोर देकर कहा कि 20वीं सदी में आबादी को बोझ कहा जाता था लेकिन अब ये ताकत है। हमारी जनसंख्या डिजिटल एज में डेटा का खजाना पैदा करती है। ये डेटा AI का पेट्रोल है। अगर US सुपरपावर बने रहना चाहता है तो भारतीय डेटा ज़रूरी। ट्रंप से बात में भारत को बराबरी का दर्जा मिलना चाहिए। राहुल बोले – हम नौकर नहीं, पार्टनर हैं। उन्होंने कहा कि डेटा से हम अमेरिकी इकॉनमी को सपोर्ट कर सकते हैं लेकिन बदले में अपना हक मांगेंगे।

मोदी सरकार पर US ट्रेड डील का आरोप

राहुल ने आरोप लगाया कि भारत-US इंटरिम ट्रेड डील में सरकार ने डेटा सरेंडर कर दिया। डील में डिजिटल ट्रेड बैरियर्स हटाने का नाम लेकर फ्री डेटा फ्लो允许 किया गया। डेटा लोकलाइजेशन खत्म, डिजिटल टैक्स सीमित, सोर्स कोड ट्रांसपेरेंसी नो, बिग टेक को टैक्स हॉलिडे। उन्होंने कहा कि ये अमेरिकी कंपनियों को फायदा पहुँचाएगा। फेसबुक, व्हाट्सऐप, अमेज़न पहले से हमारा डेटा लेते हैं। अब भारत 1.5 अरब लोगों का डेटा सुरक्षित रखने में मुश्किल होगी।

ट्रेड डील में टैरिफ और किसानों पर खतरा

राहुल ने टैरिफ पर कहा कि एवरेज टैरिफ 3% से 18% हो गया लेकिन भारत को कोई कमिटमेंट नहीं। अमेरिका को फ्री एक्सेस लेकिन भारत को कुछ नहीं। मैकेनाइज्ड US फार्म्स से हमारे गरीब किसान कुचल जाएंगे। एनर्जी सिक्योरिटी खतरे में क्योंकि US तय करेगा कि हम तेल किससे खरीदें। उन्होंने कहा कि ये डील भारत को कमजोर बनाती है। ट्रंप पाकिस्तान आर्मी से बात करते हैं लेकिन भारत को इक्वल ट्रीटमेंट नहीं। भारत पाकिस्तान नहीं है।​

AI और IT जॉब्स पर राहुल की चेतावनी

राहुल ने कहा कि AI से भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स के जॉब्स खतरे में हैं। हमारा डेटा कंट्रोल हमें AI में आगे ले जाएगा। लेकिन डील से विदेशी कंपनियाँ हमारा डेटा ले लेंगी। उन्होंने कहा कि बजट में AI, डेटा पर कोई प्लान नहीं। सरकार ने भविष्य बेच दिया। BJP का फाइनेंशियल फ्रेमवर्क US जांच के दबाव में आया। ये ट्रेजिक है। हमें डेटा को अपनी करेंसी मानना चाहिए।

INDIA ब्लॉक की नेगोशिएशन स्ट्रेटजी क्या होती?

अगर INDIA ब्लॉक सत्ता में होता तो ट्रंप से कहते – डेटा पर बराबरी से बात। एनर्जी सिक्योरिटी, किसान हित नॉन-नेगोशिएबल। हम US को सपोर्ट करेंगे लेकिन अपना हक लेंगे। राहुल ने कहा कि डेटा से US डॉलर बच सकता है। भारत को लीवरेज यूज़ करना चाहिए। ये दोस्ती बनाए रखें लेकिन कमजोरी न दिखाएँ। विपक्ष ने सदन में नारेबाज़ी की। स्पीकर ने बहस रोकी।​

डेटा प्राइवेसी पर पुराने आरोप

राहुल ने पुराने उदाहरण दिए जैसे नरेंद्र मोदी ऐप डेटा US कंपनियों को भेजता था। कैम्ब्रिज एनालिटिका कांड का हवाला। उन्होंने कहा कि विदेशी ऐप्स हमारा डेटा मोनोपॉली कर रहे। डील से ये और बढ़ेगा। भारत को सोर्स कोड, एल्गोरिदम ट्रांसपेरेंसी मांगनी चाहिए। टैक्स से प्रॉफिट शेयर। RTI, डेटा प्रोटेक्शन एक्ट स्ट्रॉन्ग होने चाहिए।

ग्लोबल इकॉनमी में भारत का डेटा एडवांटेज

भारत दुनिया का सबसे बड़ा डेटा पूल है। 2026 तक हमारी डिजिटल इकॉनमी $1 ट्रिलियन क्रॉस करेगी। ये डेटा AI, बिग डेटा में गोल्डमाइन। US-चाइना कंटेस्ट में भारत किंगमेकर। ट्रंप टैरिफ वॉर में भारत लीवरेज यूज़ करे। बजट में डेटा सॉवरेन्टी पर फोकस हो। प्राइवेसी लॉ, लोकल सर्वर मजबूत। युवाओं के जॉब्स प्रोटेक्ट।

केंद्र सरकार का जवाब क्या रहा?

सरकार ने डील को इंटरिम बताया, डेटा सिक्योरिटी पर कोई समझौता नहीं। टैरिफ बैलेंस्ड, एक्सपोर्ट बूस्ट। राहुल के आरोपों को राजनीतिक बताया। FM सीतारामन ने बजट में डिजिटल इंफ्रा पर जोर दिया। सदन में BJP ने काउंटर किया। विपक्ष ने वॉकआउट किया। बहस जारी रहेगी। ये मुद्दा 2026 इलेक्शन्स तक चलेगा।

कुल मिलाकर डेटा युद्ध का नया दौर

राहुल का स्पीच डेटा को नेशनल एसेट बनाने का कॉल है। अगर भारत अपना डेटा कंट्रोल रखे तो ग्लोबल प्लेयर बनेगा। US डील से सॉवरेन्टी खतरे में। युवा सोचें – हमारा डेटा हमारी ताकत। प्राइवेसी प्रोटेक्ट, AI में लीडरशिप। राजनीति से ऊपर उठकर नीति बने। भविष्य डेटा पर निर्भर।

FAQs (Hindi)

  1. प्रश्न: राहुल गांधी ने ट्रंप नेगोशिएशन में डेटा क्यों टॉप प्रायोरिटी बताया?
    उत्तर: क्योंकि भारतीय डेटा US डॉलर बचाने और सुपरपावर स्टेटस के लिए सबसे बड़ा एसेट, बराबरी से बात करनी चाहिए।
  2. प्रश्न: US ट्रेड डील में डेटा पर क्या आरोप लगाए?
    उत्तर: फ्री फ्लो, लोकलाइजेशन खत्म, डिजिटल टैक्स लिमिट, सोर्स कोड छुपाना, बिग टेक को फायदा।
  3. प्रश्न: AI और जॉब्स पर राहुल ने क्या कहा?
    उत्तर: डेटा AI का पेट्रोल, कंट्रोल न रहा तो IT इंजीनियर्स के जॉब्स जाएंगे।
  4. प्रश्न: टैरिफ पर क्या दावा किया?
    उत्तर: भारत का एवरेज टैरिफ 3% से 18% बढ़ा लेकिन US को कमिटमेंट बिना फ्री एक्सेस।
  5. प्रश्न: किसानों और एनर्जी पर खतरा क्यों?
    उत्तर: US मैकेनाइज्ड फार्म्स से कुचलाव, तेल खरीद US तय करेगा।

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