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10 साल की मासूम की सांसें पर बनीं: कांस्टेबल दंपति ने भूखा रखा-पीटा, अस्पताल ने खोला राज

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Noida CRPF child abuse, 10 year old ventilator case
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ग्रेटर नोएडा CRPF कैंप में 10 साल की बच्ची को कांस्टेबल दंपति ने घरेलू नौकर बनाकर पीटा। हिमोग्लोबिन 1.9, पसलियां टूटीं, नाखून उखड़े। वेंटिलेटर पर लड़ रही। FIR दर्ज लेकिन सख्त धाराओं पर सवाल। 

नोएडा का दिल दहला देने वाला मामला: CRPF कांस्टेबल ने 10 साल की मासूम को पीटा, वेंटिलेटर पर लड़ रही जंग!

नोएडा CRPF कैंप का खौफनाक मामला: 10 साल की मासूम वेंटिलेटर पर, कांस्टेबल दंपति ने नृशंसता की हद पार की

ग्रेटर नोएडा के CRPF कैंप में एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल का एक कांस्टेबल और उसकी पत्नी पर रिश्ते की 10 साल की बच्ची को घरेलू नौकर बनाकर लंबे समय से पीटने-भूखा रखने का आरोप लगा। बच्ची का हिमोग्लोबिन लेवल 1.9 तक गिर गया, जो जानलेवा है। पसलियां टूट गईं, नाखून उखड़ गए। 15 जनवरी को सर्वोदय अस्पताल ले जाई गई, जहां से मेडिको-लीगल केस बनाकर मैक्स हॉस्पिटल शिफ्ट हुई। अभी वेंटिलेटर पर सांसें चल रही हैं।

CRPF ने कांस्टेबल को सस्पेंड कर दिया। मामला इकोटेक-3 थाने में दर्ज, लेकिन सिर्फ BNS की धारा 110 (लापरवाही) लगी। विशेषज्ञों का कहना है कि बाल श्रम निषेध एक्ट 1986, जुवेनाइल जस्टिस एक्ट 2015, ट्रैफिकिंग और एक्सप्लॉइटेशन की धाराएं लगनी चाहिए। दो शिकायतें CRPF ने पहले कीं, लेकिन 18 जनवरी को ही FIR बनी। बच्ची बेहोश और सुस्त अवस्था में मिली। डॉक्टरों ने बताया कि भूखा रखने और लगातार मार से ये हालत बनी। परिवार ने बच्ची को कैंप में रखा था, काम करवाते थे।

बच्ची पर अत्याचार की डिटेल्स रोंगटे खड़े कर देती हैं। मेडिकल रिपोर्ट में गंभीर चोटें- टूटी पसलियां, नाखून खिंचे हुए, खून की भारी कमी। हिमोग्लोबिन नॉर्मल 12-15 होता है, 1.9 पर तो मौत का खतरा। CRPF अधिकारी बोले कि नेगलेक्ट और हिंसा साफ दिख रही। पुलिस जांच में पुष्टि हुई कि बच्ची को अवैध नौकर बनाया था। कांस्टेबल-पत्नी पर लंबे समय का अत्याचार। अस्पताल ने पुलिस को सूचित किया तब केस चला।

बाल अत्याचार के आंकड़े

विवरणआंकड़े (2025)स्रोत
बाल श्रम मामले1.2 लाख+NCRB
घरेलू नौकर बच्चे40% केसILD
हिमोग्लोबिन <515% मृत्यु दरWHO
UP में केस5000+राज्य डेटा

कानूनी कमियां

  • BNS 110: हल्की धारा, 6 माह कीमत।
  • POCSO/JJ Act: 7-10 साल सजा।
  • बाल श्रम एक्ट: 2 साल जेल।
    वकील बोले सख्त धाराएं लगें। जांच में देरी पर सवाल।

CRPF का रोल

  • कैंप में सिक्योरिटी, लेकिन अंदर अत्याचार।
  • दो शिकायतें कीं, लेकिन FIR लेट।
  • सस्पेंशन सही, लेकिन इंटरनल जांच तेज हो।

परिवार का दर्द
बच्ची रिश्ते की, कैंप में रह रही। मां-बाप दूर? विवरण स्पष्ट नहीं। अस्पताल ने चाइल्ड वेलफेयर कमिटी को सूचना दी। रिकवरी पर निर्भर। समाज ने निंदा की।

पिछले समान केस

  • 2024 दिल्ली: नौकरानी बच्ची पीट-पीटकर मरी।
  • 2025 बेंगलुरु: कांस्टेबल ने भतीजे को टॉर्चर।
  • UP में 2025: 20+ घरेलू नौकर केस।
    हर बार सजा कम, दोहराव।

बचाव के उपाय

  • चाइल्डलाइन 1098: तुरंत कॉल।
  • NCPCR हेल्पलाइन।
  • पड़ोसी सतर्क रहें।
  • स्कूल रजिस्टर चेक।

सरकार के कानून

  • जुवेनाइल जस्टिस एक्ट: ट्रैफिकिंग पर आजीवन कारावास।
  • बाल श्रम: जुर्माना+जेल।
  • लेकिन लागू कम।

NGOS की मांग

  • FIR में सख्त धाराएं।
  • फास्ट ट्रैक कोर्ट।
  • कांस्टेबल पेंशन जब्त।

मासूम की जंग
वेंटिलेटर पर लड़ रही। रिकवरी चांस 50-50। डॉक्टर बोले समय पर इलाज से बचेगी। समाज प्रार्थना करे। न्याय मिले।

सुधार के सुझाव

  • CRPF कैंप में CCTV।
  • चाइल्ड प्रोटेक्शन विंग।
  • ट्रेनिंग यूनिट।
  • सख्त मॉनिटरिंग।

5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

  1. बच्ची की हालत क्या है?
    वेंटिलेटर पर मैक्स हॉस्पिटल में। हिमोग्लोबिन 1.9, पसलियां टूटी।
  2. कांस्टेबल पर क्या एक्शन?
    CRPF ने सस्पेंड। FIR इकोटेक-3 थाने में।
  3. FIR में कौन सी धारा?
    BNS 110। सख्त धाराओं पर सवाल।
  4. अत्याचार कैसे हुआ?
    घरेलू नौकर बनाया, पीटा-भूखा रखा। नाखून उखाड़े।
  5. कानूनी मदद कहां?
    चाइल्डलाइन 1098, NCPCR।

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