केंद्रीय कैबिनेट ने PMO के साउथ ब्लॉक से सेवां तीर्थ शिफ्ट को इतिहास-भविष्य का संगम बताया। दफ्तर को म्यूजियम बनाएंगे, नई बिल्डिंग्स कर्मयोगी के लिए।
95 साल पुराने दफ्तर से विदा: कैबिनेट ने PMO शिफ्ट को ‘विकसित भारत’ का प्रतीक बताया
कैबिनेट ने PMO शिफ्ट को इतिहास और भविष्य का संगम बताया – क्या है खास?
13 फरवरी 2026 को साउथ ब्लॉक में आखिरी कैबिनेट मीटिंग के बाद एक खास प्रस्ताव पारित हुआ। PM मोदी की अगुवाई में कैबिनेट ने PMO को पुराने दफ्तर से नए ‘सेवां तीर्थ’ और ‘कर्तव्य भावन’ भवनों में शिफ्ट होने को सराहा। इसे गुलामी के अतीत से विकसित भारत के भविष्य की ओर एक कदम बताया। सूचना मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पत्रकारों को पढ़ा। कहा यह सिर्फ जगह बदलना नहीं बल्कि सेवा संस्कृति को मजबूत करने का मौका। ब्रिटिश काल के साउथ–नॉर्थ ब्लॉक अब ‘युग-युगीन भारत नेशनल म्यूजियम’ का हिस्सा बनेंगे।
साउथ ब्लॉक का इतिहास: नेहरू से मोदी तक 16 PMs की गवाही
साउथ ब्लॉक 1920 के दशक में ब्रिटिश ने बनवाया था ताकि भारत पर कंट्रोल मजबूत रहे। आजादी के बाद 16 प्रधानमंत्रियों ने यहीं से देश चलाया। नेहरू से मोदी तक की सीढ़ियों पर उनके कदम पड़े। यहां विभाजन का दर्द, युद्ध–आपातकाल की चुनौतियाँ झेलीं। टाइपराइटर से डिजिटल गवर्नेंस तक का सफर देखा। कैबिनेट मीटिंग्स में संविधान, जनादेश और राष्ट्र की आकांक्षाओं से फैसले लिए। सफलताओं की खुशी, असफलताओं का मूल्यांकन, संकटों पर मजबूत कदम यहां उठे।
यहाँ से चले बड़े फैसले: 370 हटाना से सर्जिकल स्ट्राइक तक
साउथ ब्लॉक ने कई ऐतिहासिक निर्णय देखे। आर्टिकल 370 हटाना, ट्रिपल तलाक़ पर कानून, सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक, ऑपरेशन सिंदूर जैसे सुरक्षा कदम। DBT, स्वच्छ भारत, डिजिटल इंडिया, GST जैसे रिफॉर्म्स यहीं से शुरू हुए। मिनिमम गवर्नमेंट मैक्सिमम गवर्नेंस का प्रेरणा स्थल बना। आर्थिक चुनौतियों से उबरकर भारत विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्था बना। ग्लोबल मंच पर मजबूत आवाज बनी। कैबिनेट ने इसे धन्यवाद दिया।
PMO शिफ्ट क्यों: आधुनिक, पर्यावरण–फ्रेंडली दफ्तर की जरूरत
विकसित भारत के संकल्प के साथ आधुनिक, टेक्नोलॉजी–आधारित, पर्यावरण अनुकूल दफ्तर की जरूरत पड़ी। कर्मयोगियों की उत्पादकता बढ़े, सेवा भाव मजबूत हो। इसलिए 95 साल बाद साउथ ब्लॉक खाली कर सेवां तीर्थ में शिफ्ट। यह नागरिक–केंद्रित गवर्नेंस और राष्ट्र प्रगति का माइलस्टोन। कैबिनेट ने मोदी की दूरदर्शिता की सराहना की। नई बिल्डिंग्स सेवा संस्कृति को और मजबूत करेंगी।
युग-युगीन भारत म्यूजियम: अतीत को सहेजने का प्लान
साउथ–नॉर्थ ब्लॉक अब म्यूजियम का हिस्सा बनेंगे। भारत की सभ्यता विरासत को संजोएंगे। हजारों साल पुरानी संस्कृति को गौरवशाली अतीत से समृद्ध भविष्य से जोड़ेगा। नेहरू से मोदी तक के फैसले प्रेरणा देंगे। कैबिनेट ने इसे अपनाया। यह परिवर्तन गुलामी से आजादी, शक्ति से सेवा की ओर कदम। आने वाली पीढ़ियाँ प्रेरित होंगी।
सेवां तीर्थ क्या है: कर्मयोगियों का नया केंद्र
सेवां तीर्थ नई पीढ़ी का गवर्नेंस हब है। पर्यावरण–फ्रेंडली, टेक–सेवन, उत्पादकता बढ़ाने वाला। कर्तव्य भावन भवन के साथ मिलकर काम करेगा। PM मोदी ने इसे विकसित भारत का महत्वपूर्ण पड़ाव बताया। सेवा संस्कृति को मजबूत करेगा। केंद्र सरकार का यह कदम आधुनिक भारत की पहचान बनेगा। पुराने दफ्तर से विदाई भावुक लेकिन भविष्योन्मुखी।
कैबिनेट प्रस्ताव के मुख्य बिंदु क्या रहे?
प्रस्ताव में साउथ ब्लॉक को ब्रिटिश गुलामी की जंजीर बताया। आजादी के बाद के फैसलों को श्रद्धांजलि। 16 PMs के नेतृत्व में कैबिनेट्स की भूमिका सराही। संकटों पर मजबूत निर्णयों का जिक्र। रिफॉर्म्स, स्ट्राइक्स, सोशल जस्टिस कदमों को याद किया। नई बिल्डिंग्स में शिफ्ट सेवा मूल्यों को मजबूत करेगी। मोदी को धन्यवाद।
इस शिफ्ट का राजनीतिक मतलब क्या है?
यह शिफ्ट सिर्फ भौगोलिक नहीं बल्कि प्रतीकात्मक भी। औपनिवेशिक अतीत को म्यूजियम में बंद कर नया सेवा–केंद्रित भारत बनाना। विपक्ष इसे प्रतीकात्मक बताएगा लेकिन BJP इसे विकास का संदेश। म्यूजियम पर्यटन को बढ़ावा देगा। गवर्नेंस मॉडर्न बनेगा। नागरिकों के लिए ट्रांसपेरेंट, एफिशिएंट सिस्टम। आने वाले समय में इसका असर दिखेगा।
मुंबई–दिल्ली कनेक्शन: महाराष्ट्र के लिए क्या?
महाराष्ट्र से वैष्णव ने प्रस्ताव पढ़ा। राज्य में इंफ्रा प्रोजेक्ट्स तेज़ हैं। यह शिफ्ट पूरे देश के लिए प्रेरणा। म्यूजियम दिल्ली का नया आकर्षण बनेगा। सेवा तीर्थ कर्मचारियों के लिए बेहतर वर्कस्पेस। विकसित भारत के सपने को बल देगा। सभी पार्टियाँ सराहेंगी।
FAQs (Hindi)
- प्रश्न: कैबिनेट ने PMO शिफ्ट पर क्या प्रस्ताव पारित किया?
उत्तर: साउथ ब्लॉक से सेवां तीर्थ शिफ्ट को इतिहास–भविष्य संगम बताया, ब्लॉक्स को म्यूजियम बनाने को मंजूरी। - प्रश्न: सेवां तीर्थ क्या है?
उत्तर: PMO का नया आधुनिक, पर्यावरण–फ्रेंडली दफ्तर, कर्मयोगियों की उत्पादकता बढ़ाने वाला, कर्तव्य भावन भवन के साथ। - प्रश्न: साउथ ब्लॉक का भविष्य क्या?
उत्तर: युग-युगीन भारत नेशनल म्यूजियम का हिस्सा बनेगा, सभ्यता विरासत संजोएगा। - प्रश्न: कितने PMs ने साउथ ब्लॉक से काम किया?
उत्तर: 16 प्रधानमंत्रियों ने नेहरू से मोदी तक, महत्वपूर्ण फैसले लिए। - प्रश्न: प्रस्ताव में कौन–से बड़े फैसले याद किए?
उत्तर: 370 हटाना, ट्रिपल तलाक़ कानून, स्ट्राइक्स, DBT, GST, स्वच्छ भारत जैसे रिफॉर्म्स।
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