दिल्ली पुलिस ने तमिलनाडु के तिरुपुर में संयुक्त इंटेलिजेंस ऑपरेशन में 6 लोगों को बड़ी आतंकी साजिश की योजना और सोशल मीडिया पर पाक-आधारित आतंकी संगठनों के समर्थन वाले कंटेंट पोस्ट करने के आरोप में गिरफ्तार किया। ISI व बांग्लादेशी आतंकी संगठनों से लिंक, फर्जी आधार, 8 फोन व 16 SIM जब्त; आरोपी दिल्ली लाए जा रहे हैं।
सोशल मीडिया पर पाक आतंकी संगठनों का समर्थन: तमिलनाडु से 6 अरेस्ट, ‘फ्री कश्मीर’ पोस्टर केस में नए खुलासे
तमिलनाडु के तिरुपुर में ‘टेरर प्लॉट’ का दावा: दिल्ली पुलिस ने 6 को पकड़ा, ISI-बांग्लादेशी लिंक की जांच
तमिलनाडु के तिरुपुर जिले में दिल्ली पुलिस ने एक संयुक्त, इंटेलिजेंस-आधारित ऑपरेशन में छह लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि ये लोग भारत के खिलाफ “बड़े आतंकी प्लॉट” की योजना बना रहे थे और कथित तौर पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI तथा बांग्लादेशी आतंकी संगठनों के समर्थन के साथ नेटवर्क बनाने की कोशिश कर रहे थे। कार्रवाई के पीछे इंटेलिजेंस इनपुट बताया गया, जिसमें तिरुपुर में कुछ लोगों द्वारा ऑनलाइन “एक्सट्रीमिस्ट कंटेंट” शेयर करने की सूचना मिली थी।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियों ने तमिलनाडु में कई ठिकानों पर एक साथ दबिश दी और आरोपियों को कथित प्लॉट को अंजाम देने से पहले ही पकड़ लिया। ऑपरेशन में अलग-अलग लोकेशन्स से गिरफ्तारियां हुईं, जिससे यह संकेत मिलता है कि संदिग्ध अलग-अलग जगहों पर फैले हुए थे और एक-दूसरे से समन्वय में काम कर रहे थे।
कहां-कहां से गिरफ्तार हुए आरोपी?
पुलिस के बयान के मुताबिक, छहों संदिग्धों को तिरुपुर के अलग-अलग इलाकों से पकड़ा गया।
– 2 आरोपी उथुकुली (Uthukuli) से पकड़े गए।
– 3 आरोपी पल्लदम (Palladam) से गिरफ्तार हुए।
– 1 आरोपी तिरुमुरुगनपूंडी (Thirumuruganpoondi) इलाके से पकड़ा गया।
दिल्ली पुलिस ने यह भी कहा कि गिरफ्तार लोगों में एक बांग्लादेशी नागरिक भी शामिल है। इस एंगल से अब जांच का दायरा सिर्फ लोकल नेटवर्क तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सीमा-पार कनेक्शन और पहचान छुपाने के तरीकों पर भी फोकस बढ़ गया है।
कौन हैं गिरफ्तार आरोपी? पुलिस ने क्या नाम बताए?
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मिजानुर रहमान, मोहम्मद शबात, उमर, मोहम्मद लितान, मोहम्मद शाहिद और मोहम्मद उज्जल के रूप में हुई है। पुलिस ने इन्हें “एंटी-सोशल एक्टिविटीज” में शामिल बताया है और आरोप लगाया है कि ये लोग सोशल मीडिया पर पाकिस्तान-आधारित आतंकी संगठनों के समर्थन वाला कंटेंट पोस्ट कर रहे थे।
यह केस इसलिए भी गंभीर है क्योंकि ऑनलाइन कट्टरपंथी प्रचार कई बार रिक्रूटमेंट, फंडिंग, और आगे के ऑपरेशनल प्लानिंग का शुरुआती कदम माना जाता है। इसी कारण पुलिस इन पोस्ट्स, चैट्स, कॉन्टैक्ट्स और डिजिटल सबूतों की फॉरेंसिक जांच पर जोर दे रही है।
फर्जी आधार कार्ड, गारमेंट इंडस्ट्री में नौकरी और नेटवर्किंग का शक
पुलिस के मुताबिक, आरोपी कथित तौर पर फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल कर अपनी पहचान छुपा रहे थे और तिरुपुर की गारमेंट इंडस्ट्री में काम करके “कवर” बनाए हुए थे। तिरुपुर देश के बड़े गारमेंट हब्स में गिना जाता है, जहां दूसरे राज्यों और देशों से भी कामगार आते हैं—ऐसे में फर्जी पहचान से काम करना और नेटवर्क बनाना जांच एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है।
ऑपरेशन के दौरान दिल्ली पुलिस ने 8 मोबाइल फोन और 16 SIM कार्ड जब्त किए हैं। पुलिस को शक है कि इनका इस्तेमाल देश के अलग-अलग हिस्सों में संपर्क बनाने, नेटवर्क खड़ा करने और कथित तौर पर कम्युनिकेशन/कोऑर्डिनेशन के लिए किया जा रहा था।
दिल्ली कनेक्शन: ‘फ्री कश्मीर’ पोस्टर, अलग-अलग शहरों की रेकी का दावा
दिल्ली पुलिस ने बयान में कहा कि ये आरोपी “आतंकियों की मदद” करने के संदेह में हैं और इन्होंने देश के कई शहरों की रेकी भी की थी। साथ ही, पुलिस ने यह भी कहा कि दिल्ली में “Free Kashmir” वाले पोस्टर लगाए गए थे, जिनका लिंक जांच के दायरे में है।
यहां जांच एजेंसियां आम तौर पर यह समझने की कोशिश करती हैं कि पोस्टर/प्रोपेगैंडा गतिविधि सिर्फ ‘प्रचार’ तक थी या इसके पीछे किसी बड़े ऑपरेशनल प्लान का इशारा है। इसी वजह से आरोपियों के डिजिटल डिवाइसेज, लोकेशन हिस्ट्री, ट्रैवल रूट्स और कॉन्टैक्ट लिस्ट की बारीकी से जांच होना लगभग तय है।
आगे क्या होगा: आरोपी दिल्ली लाए जा रहे, जांच जारी
दिल्ली पुलिस के अनुसार, सभी आरोपियों को ट्रेन के जरिए दिल्ली लाया जा रहा है और जांच जारी है। इस तरह के मामलों में आम तौर पर दिल्ली पहुंचने के बाद आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाता है और रिमांड लेकर पूछताछ, डिजिटल फॉरेंसिक और नेटवर्क मैपिंग जैसी प्रक्रियाएं तेज की जाती हैं।
साथ ही, फर्जी आधार और SIM कार्ड जैसे पहलुओं में अन्य एजेंसियों के साथ कोऑर्डिनेशन भी बढ़ सकता है, ताकि दस्तावेज़ों की जालसाजी, फंडिंग और सीमा-पार संपर्क जैसी कड़ियों को अलग-अलग धाराओं में जांचा जा सके।
तालिका: इस केस की प्रमुख बातें
| पॉइंट | विवरण |
|---|---|
| कुल गिरफ्तार | 6 |
| जगह | तिरुपुर, तमिलनाडु |
| गिरफ्तारी लोकेशन | 2 उथुकुली, 3 पल्लदम, 1 तिरुमुरुगनपूंडी |
| जब्त सामान | 8 मोबाइल फोन, 16 SIM कार्ड |
| मुख्य आरोप | भारत के खिलाफ आतंकी प्लॉट की योजना, pro-Pak terror content पोस्ट करना, फर्जी आधार का उपयोग |
| विशेष एंगल | एक बांग्लादेशी नागरिक भी गिरफ्तार |
FAQs (5)
- तिरुपुर में कितने लोग गिरफ्तार हुए और किस एजेंसी ने पकड़ा?
दिल्ली पुलिस ने तमिलनाडु के तिरुपुर में संयुक्त इंटेलिजेंस ऑपरेशन में 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। - गिरफ्तार लोगों पर मुख्य आरोप क्या है?
पुलिस का दावा है कि वे भारत के खिलाफ बड़े आतंकी प्लॉट की योजना बना रहे थे और सोशल मीडिया पर पाकिस्तान-आधारित आतंकी संगठनों के समर्थन वाला कंटेंट पोस्ट कर रहे थे। - क्या पुलिस ने कोई डिजिटल सामान बरामद किया?
हाँ, दिल्ली पुलिस ने 8 मोबाइल फोन और 16 SIM कार्ड जब्त किए हैं। - क्या इस केस में कोई विदेशी नागरिक भी शामिल है?
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार लोगों में एक बांग्लादेशी नागरिक भी शामिल है। - आगे की प्रक्रिया क्या होगी?
पुलिस के अनुसार, सभी आरोपी ट्रेन से दिल्ली लाए जा रहे हैं और जांच जारी है।
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