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उत्तराखंड में बड़ा फैसला: स्कूलों में भगवद्गीता पाठ अनिवार्य, CM धामी का संस्कृति मिशन!

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Bhagavad Gita Compulsory: Uttarakhand CM Roots Kids in Heritage – Experts React!
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उत्तराखंड CM पुष्कर सिंह धामी ने स्कूलों में भगवद्गीता श्लोक पाठ अनिवार्य किया। भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों से बच्चों का विकास। कट्टरमल सूर्य मंदिर हाइलाइट। X पर ऐलान, चरित्र निर्माण का लक्ष्य!

गीता पाठ से बच्चों का चरित्र निर्माण: धामी ने स्कूलों में अनिवार्य किया, विवाद क्यों?

उत्तराखंड में भगवद्गीता का स्कूलों में प्रवेश: CM धामी का संस्कृति संकल्प

21 दिसंबर 2025 को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऐलान किया कि राज्य भर के सभी स्कूलों में भगवद्गीता के श्लोकों का पाठ अनिवार्य कर दिया गया है। ये कदम छात्रों को भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और जीवन दर्शन से जोड़ने के लिए। इससे बच्चों का सर्वांगीण विकास होगा और वे अपनी जड़ों से जुड़े रहेंगे। धामी ने X पर शेयर करते हुए कहा, ये चरित्र निर्माण और मूल्यों की नींव रखेगा।

भगवद्गीता महाभारत का हिस्सा है, जिसमें भगवान कृष्ण ने अर्जुन को कर्मयोग, भक्तियोग, ज्ञानयोग सिखाया। स्कूलों में रोज सुबह प्रार्थना सभा में 5-10 मिनट श्लोक पाठ। शिक्षक ट्रेनिंग के बाद शुरू। धामी सरकार का ये फैसला देवभूमि की सांस्कृतिक पहचान मजबूत करेगा।

कट्टरमल सूर्य मंदिर: धामी का सांस्कृतिक संदेश

इसी दिन CM ने अल्मोड़ा जिले के ऐतिहासिक कट्टरमल सूर्य मंदिर का वीडियो शेयर किया। कत्युरी काल (9वीं-11वीं शताब्दी) का ये मंदिर भगवान सूर्य को समर्पित। अद्भुत वास्तुकला और आध्यात्मिक महत्व। धामी ने कहा, ये उत्तराखंड के गौरवशाली इतिहास का प्रतीक। विंटर ट्रैवल के दौरान विजिटर्स को आमंत्रित। मंदिर पहुंचने के लिए अल्मोड़ा से 30 KM।

गीता पाठ vs आधुनिक शिक्षा: संतुलन कैसे?

धामी सरकार का तर्क: गीता नैतिक शिक्षा देगी – कर्तव्य, निष्काम कर्म, समानता। NCERT में भी गीता अध्याय। गुजरात, MP, UP में पहले से योग-गीता क्लासेस। आलोचक कहते हैं, धर्म विशेष किताब अनिवार्य से धर्मनिरपेक्षता खतरा। CM स्पष्ट: संस्कृति से संस्कार, किसी धर्म का प्रचार नहीं।

पहलूभगवद्गीता पाठ का लाभचिंताएं
संस्कृतिजड़ों से जुड़ावधर्मनिरपेक्षता
नैतिकताचरित्र निर्माणसमय की कमी
शिक्षाजीवन दर्शनअल्पसंख्यक भावना
व्यावहारिकरोज 10 मिनटशिक्षक ट्रेनिंग

उत्तराखंड में सांस्कृतिक पहलें: धामी का रोडमैप

  • 2024: सभी सरकारी कार्यालयों में गीता रखना अनिवार्य
  • योग दिवस पर गीता जाप
  • स्कूलों में रामायण-महाभारत स्टोरीटेलिंग
  • मंदिरों का डिजिटल मैपिंग

ये UCC (यूनिफॉर्म सिविल कोड) के बाद दूसरा बड़ा कदम। देवभूमि को सनातन संस्कृति हब बनाना लक्ष्य।

कट्टरमल सूर्य मंदिर: इतिहास और रहस्य

कत्युरी राजाओं ने बनवाया। 50+ छोटे मंदिरों का कॉम्प्लेक्स। सूर्य पूजा का केंद्र। सर्दियों में सूर्योदय का खास दृश्य। ASI प्रोटेक्टेड। पर्यटन बूस्ट से लोकल इकोनॉमी फायदा।

शिक्षा विशेषज्ञों की राय

  • समर्थक: गीता वैज्ञानिक – क्वांटम फिजिक्स से लिंक (अवस्थिति)
  • विरोधी: साइंस, मैथ्स पर फोकस कम हो सकता
  • बैलेंस: वैकल्पिक रखें, संस्कृत ट्रेनिंग दें

धामी: जबरदस्ती नहीं, प्रेरणा।

राजनीतिक कोण

BJP का हिंदुत्व एजेंडा। कांग्रेस ने सवाल उठाए। AAP बोली, साइंस पढ़ाओ। लेकिन उत्तराखंड में BJP स्ट्रॉन्ग – 47/70 विधानसभा सीटें। 2027 चुनाव से पहले पॉपुलर मूव।

भारत में अन्य राज्य

  • गुजरात: तीनों त्रिविध पाठ (गीता, रामचरितमानस, बाइबल/कुरान)
  • MP: गीता सप्ताह
  • हरियाणा: योग-गीता क्लास

उत्तराखंड पहाड़ी संस्कृति से मैच।

भविष्य की संभावनाएं

गीता ऐप, ऑडियो श्लोक, टीचर मैनुअल। परीक्षा में इंटीग्रेट? अभिभावक वर्कशॉप्स। कट्टरमल जैसे साइट्स को एजुकेशनल टूर।

5 FAQs

  1. भगवद्गीता पाठ कब से अनिवार्य?
    21 दिसंबर 2025 से, सभी उत्तराखंड स्कूलों में।
  2. उद्देश्य क्या?
    संस्कृति, नैतिकता, चरित्र निर्माण।
  3. कट्टरमल सूर्य मंदिर कहां?
    अल्मोड़ा जिला, कत्युरी काल का।
  4. कितने मिनट पाठ?
    सुबह प्रार्थना सभा में 5-10 मिनट।
  5. अन्य राज्यों में?
    गुजरात, MP, UP में समान पहलें।
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