कर्नाटक BJP विधायक बायराथी बसवराज को बेंगलुरु एयरपोर्ट पर बिक्लू शिवा हत्या केस में गिरफ्तार किया गया। कित्तागनूर जमीन विवाद से जुड़ा केस, सुप्रीम कोर्ट ने बेल खारिज की।
कित्तागनूर जमीन विवाद से हत्या? BJP MLA की गिरफ्तारी ने खोला गैंगवार का राज
बेंगलुरु एयरपोर्ट पर BJP विधायक की गिरफ्तारी: क्या है पूरा मामला?
12 फरवरी 2026 को दोपहर के वक्त बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक बड़ा ड्रामा हो गया। अहमदाबाद से आ रहे कर्नाटक BJP विधायक बायराथी बसवराज को पुलिस ने टर्मिनल-1 पर ही हिरासत में ले लिया। वो KR पुरम से विधायक हैं और पूर्व मंत्री रह चुके हैं। गिरफ्तारी हत्या के एक केस में हुई, जिसमें वो पांचवें आरोपी के तौर पर नामित हैं।
ये गिरफ्तारी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के कुछ घंटों बाद हुई। कोर्ट ने उनकी एंटीसिपेटरी बेल की याचिका खारिज कर दी थी। बसवराज कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले के बाद गुजरात भाग गए थे, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें वापस आने को कहा। पुलिस पहले से एयरपोर्ट पर तैनात थी, लुकआउट नोटिस भी जारी हो चुका था।
हत्या का शिकार कौन था और कैसे हुआ वारदात?
मामला 15 जुलाई 2025 का है। बेंगलुरु के भारती नगर में शिवप्रकाश उर्फ बिक्लू शिवा (40) की माँ के सामने ही हत्या कर दी गई। हमलावर कार से आए और कुल्हाड़ी व लोहे की रॉड से उन पर ताबड़तोड़ हमला बोला। बिक्लू शिवा पहले हिस्ट्रीशीटर थे, बाद में रियल एस्टेट कारोबार में कूद पड़े।
पीड़ित की माँ विजयलक्ष्मी ने FIR दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि 8-9 लोग आए, बेटे को मारा और जब उनका दोस्त बीच में आया तो उसे भी लोहे की रॉड से पीटा। जांच में पता चला कि ये हत्या कित्तागनूर इलाके की ज़मीन को लेकर पुरानी दुश्मनी से हुई। फरवरी 2025 से विवाद चल रहा था, जिसमें रियल एस्टेट माफिया के कई बड़े नाम फंसे।
बायराथी बसवराज का केस में क्या कनेक्शन?
पुलिस ने जांच के दौरान बसवराज को पांचवां आरोपी बनाया। आरोप है कि उन्होंने साजिश रची या हमलावरों को उकसाया। मुख्य आरोपी जगदीश से उनका लिंक माना जा रहा है, जो ज़मीन विवाद में बिक्लू शिवा का दुश्मन था। कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स और अन्य सबूतों से बसवराज का नाम जोड़ा गया।
17 लोग अब तक गिरफ्तार हो चुके हैं, जिसमें बसवराज के करीबी सहयोगी भी शामिल हैं। बसवराज ने कई बार बेल लेने की कोशिश की – पहले स्पेशल कोर्ट ने खारिज किया, फिर हाईकोर्ट ने 10 फरवरी 2026 को एंटीसिपेटरी बेल ठुकराई। सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा कि कस्टोडियल इंटरोगेशन ज़रूरी है।
कित्तागनूर ज़मीन विवाद: असली वजह क्या?
ये पूरा केस कित्तागनूर सर्वे नंबर 212 की ज़मीन पर केंद्रित है। वहाँ टाइटल क्लियर नहीं था, तो रियल एस्टेट वाले – बिक्लू शिवा, जगदीश आदि – GPA लेकर कब्जा जमाने लगे। फरवरी 2025 में विवाद भड़का जब एक क्लेमेंट रवि ने किरण के. से शिकायत की कि बिक्लू ने अवैध कंपाउंड वॉल बना लिया।
बिक्लू शिवा ने जगदीश का कंपाउंड तोड़ दिया था, जिससे दुश्मनी बढ़ी। बसवराज का नाम इसलिए आया क्योंकि वो इलाके के प्रभावशाली नेता हैं और उनके सहयोगी इस डील में फंसे। पुलिस का कहना है कि ये रियल एस्टेट माफिया का पुराना पैटर्न है – ज़मीन हड़पना, विरोधियों को रास्ते से हटाना।
बायराथी बसवराज कौन हैं? राजनीतिक सफर कैसा रहा?
बायराथी बसवराज कर्नाटक के KR पुरम (कृष्णराजपुरम) से चार बार विधायक हैं। शुरू में कांग्रेस से 2013 और 2018 में जीते, 2019 में इस्तीफा देकर BJP में शामिल हुए और बाय-इलेक्शन जीता। बीएस येदियुरप्पा और बसवराज बोम्मई सरकार में अर्बन डेवलपमेंट मंत्री रहे।
सोशल सर्विस से राजनीति में आए, हुडी वार्ड से काउंसलर बने। लेकिन कई विवादों में फंसे रहे – ज़मीन डील्स, माफिया लिंक्स के आरोप। ये गिरफ्तारी उनके करियर पर बड़ा सवालिया निशान लगा रही है।
कोर्ट की जंग: बेल क्यों बार-बार खारिज हुई?
सबसे पहले स्पेशल कोर्ट ने बेल ठुकराई, कहा ये पब्लिक ऑर्डर को खतरा है। फिर हाईकोर्ट ने 13 अगस्त 2025 को अंतरिम प्रोटेक्शन दिया, लेकिन 10 फरवरी 2026 को खारिज कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कस्टडी ज़रूरी है ताकि पूरी साजिश खुल सके।
बसवराज के वकील मुकुल रोहतगी ने दलील दी कि उनका क्लाइंट मेन आरोपी नहीं, लेकिन स्टेट के वकील सिद्धार्थ लूथरा ने सबूत दिखाए। अब रेगुलर बेल के लिए अप्लाई कर सकते हैं।
राजनीतिक हलचल: BJP पर क्या असर?
कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के दौर में BJP विधायक की गिरफ्तारी से सियासत गरम हो गई। विपक्ष कह रहा है कि ये राजनीतिक बदले की कार्रवाई है, जबकि सत्ताधारी दल इसे कानून का राज बता रहा। बसवराज के समर्थक एयरपोर्ट पर जमा हो गए थे, लेकिन पुलिस ने कंट्रोल कर लिया।
BJP ने अभी आधिकारिक बयान नहीं दिया, लेकिन पार्टी के कई नेता इसे “फर्जी केस” बता रहे। कर्नाटक में रियल एस्टेट माफिया और पॉलिटिशियन के लिंक्स पुरानी बात है, ये केस और एक मिसाल बन सकता है।
रियल एस्टेट माफिया का अंधेरा चेहरा बेंगलुरु में
बेंगलुरु तेज़ी से बढ़ते शहर में ज़मीन की होड़ ने कई गैंगवार जन्म दिए। बिक्लू शिवा जैसे पूर्व गुंडे रियलर बन जाते हैं, GPA लेकर ज़मीनें हड़पते हैं। कित्तागनूर जैसी जगहों पर क्लियर टाइटल न होने से माफिया फायदा उठाते हैं। हमेशा एक ही पैटर्न – विवाद, धमकी, फिर हत्या।
पुलिस ने 17 गिरफ्तारियाँ कीं, लेकिन मास्टरमाइंड कौन, ये सवाल बाकी। अगर बसवराज का कनेक्शन साबित हुआ तो ये केस बड़े पॉलिटिकल-माफिया नेटवर्क को एक्सपोज़ कर सकता है।
अब आगे क्या? जांच और कोर्ट में क्या होगा?
CID अब बसवराज से कस्टोडियल इंटरोगेशन करेगी। वो गुजरात में क्यों छिपे थे, किससे मिले, साजिश कैसे रची – ये सवालों का केंद्र होगा। ट्रायल में कॉल रिकॉर्ड्स, वॉट्सऐप चैट्स और गवाह बयान अहम होंगे।
अगर दोषी साबित हुए तो लाइफ इम्प्रिज़नमेंट भी हो सकती है। वरना रेगुलर बेल मिल सकती है। ये केस कर्नाटक पॉलिटिक्स को लंबे समय तक हिलाए रखेगा।
कुल मिलाकर ये घटना दिखाती है कि पावर और प्रॉपर्टी की भूख में इंसान कितना नीचे गिर सकता है। आम लोग सोचें – अपनी ज़मीन के डॉक्यूमेंट्स चेक करवाएँ, माफिया से दूर रहें।
FAQs (Hindi)
- प्रश्न: BJP विधायक बायराथी बसवराज को कब और कहाँ गिरफ्तार किया गया?
उत्तर: 12 फरवरी 2026 को बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर अहमदाबाद फ्लाइट से उतरते ही पुलिस ने हिरासत में लिया। - प्रश्न: हत्या किसकी हुई और कब?
उत्तर: शिवप्रकाश उर्फ बिक्लू शिवा की 15 जुलाई 2025 को भारती नगर में माँ के सामने कुल्हाड़ी-रॉड से हत्या हुई। - प्रश्न: बसवराज का केस में क्या रोल माना जा रहा?
उत्तर: वो FIR में पांचवें आरोपी हैं, साजिश रचने या हमलावरों को उकसाने का आरोप; कॉल डिटेल्स से लिंक। - प्रश्न: सुप्रीम कोर्ट ने बेल क्यों खारिज की?
उत्तर: कस्टोडियल इंटरोगेशन ज़रूरी बताया, क्योंकि पॉलिटिकल इन्फ्लुएंस से जांच प्रभावित हो सकती है। - प्रश्न: हत्या की वजह क्या थी?
उत्तर: कित्तागनूर इलाके सर्वे नंबर 212 की ज़मीन विवाद, जो फरवरी 2025 से चल रहा था; रियल एस्टेट माफिया के बीच दुश्मनी।
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