AAP ने भारत-US ट्रेड डील को किसानों का सबसे बड़ा धोखा बताया। अमेरिकी रेड सोरघम, मक्का ज़ीरो ड्यूटी पर आएंगे, पंजाब-UP-महाराष्ट्र किसान बर्बाद। ड्राफ्ट पब्लिक करो, संसद में चर्चा हो।
किसानों को क्यों बेच दिया? AAP ने ट्रेड डील को धोखा कहा, जाखड़ चुप क्यों?
AAP ने भारत-US ट्रेड डील को किसानों का सबसे बड़ा धोखा क्यों कहा?
पंजाब AAP के चीफ स्पोक्सपर्सन और विधायक कुलदीप सिंह ढिल्लों ने चंडीगढ़ प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत-अमेरिका ट्रेड डील को देश के किसानों के साथ सबसे बड़ा विश्वासघात बताया। उन्होंने कहा कि ये डील नेशनल इंटरेस्ट से समझौता है। ढिल्लों ने पंजाब BJP चीफ सनील जाखड़ को चैलेंज किया कि ड्राफ्ट पब्लिक करो, मीडिया में तारीफ़ क्यों कर रहे हो। उनका कहना था कि अमेरिका ने भारतीय सामान पर 18 परसेंट टैरिफ लगाया है, जबकि मोदी सरकार ने अमेरिकी प्रोडक्ट्स को भारत में ज़ीरो ड्यूटी पर आने दिया। ये कैसे फेयर डील हो सकती है जब हमारे किसानों को US में ऊंचा टैरिफ और अमेरिकी किसानों को भारत में फ्री एंट्री। केंद्र ने डिटेल्स ट्रंप के बयानों से ही पता चली, संसद में चर्चा क्यों नहीं हुई।
अमेरिकी फसलें भारत में कैसे तबाही मचाएंगी?
ढिल्लों ने चेतावनी दी कि ये डील रेड सोरघम जैसी अमेरिकी फसलों को भारत में बाढ़ ला देगी। पंजाब, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के मक्का, बाजरा, ज्वार उगाने वाले किसान बर्बाद हो जाएंगे। अमेरिकी सब्सिडी वाली फसलें सस्ते दाम पर बाजार भर देंगी, हमारे किसानों की आय गिर जाएगी। कश्मीर और हिमाचल के फल उत्पादक भी प्रभावित होंगे क्योंकि अमेरिकी सेब और ड्राई फ्रूट्स ज़ीरो ड्यूटी पर आएंगे। उन्होंने कहा कि ये 2020 के कृषि कानूनों जैसा ही है, जो बाद में हटाए गए थे। AAP पूरे देश में इसका विरोध जारी रखेगी। BJP की एंटी-फार्मर पॉलिसी के खिलाफ आवाज उठाएंगे।
सनील जाखड़ ने डील का समर्थन क्यों किया?
पंजाब BJP चीफ सनील जाखड़ ने कहा कि ये डील देशहित में है और पंजाब के किसानों को कोई नुकसान नहीं। उन्होंने किसान यूनियनों को डायलॉग के लिए बुलाया। जाखड़ का दावा है कि पंजाब की मुख्य फसलें – गेहूं, चावल, मक्का, गन्ना – डील से बाहर रखी गई हैं। डेयरी सेक्टर को भी फुल प्रोटेक्शन मिला है। PM मोदी ने किसानों के हित सुरक्षित रखे। ये एग्रीमेंट इंडस्ट्री को बूस्ट देगा, नौकरियाँ पैदा होंगी। जाखड़ ने कहा कि US की 30 ट्रिलियन इकोनॉमी में एक्सेस मिलेगा। AAP चुप क्यों है, विरोध करो तो ड्राफ्ट पढ़ लो। उन्होंने किसानों से बातचीत का आह्वान किया। प्रोटेस्ट से पहले डायलॉग का रास्ता अपनाओ।
ट्रेड डील की डिटेल्स क्या हैं और कब हुई घोषणा?
US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर डील की घोषणा की, लेकिन PM मोदी ने संसद में कुछ नहीं कहा। AAP का आरोप है कि ये सीक्रेट एग्रीमेंट है, देश को कांफिडेंस में नहीं लिया गया। ढिल्लों ने कहा कि पहले भारतीय सामान पर US टैरिफ 2.8 परसेंट था, ट्रंप ने 50 तक बढ़ाया, अब 18 परसेंट। भारत ने 60 परसेंट से घटाकर लगभग ज़ीरो कर दिया। ये इकोनॉमिक सरेंडर है। US एग्रीकल्चर सेक्रेटरी ब्रूक रोलिंस ने इसे US एक्सपोर्ट बूस्ट बताया। AAP सांसदों ने संसद के बाहर प्रोटेस्ट किया। दिल्ली AAP चीफ सौरभ भारद्वाज ने कहा कि मोदी ने किसानों का डेथ वारंट साइन किया। संजय सिंह ने कहा कि मोदी ने भारत को गिरवी रख दिया।
पंजाब किसानों पर असर क्यों सबसे ज्यादा?
पंजाब देश का फूड बास्केट है, गेहूं-पaddy से बफर स्टॉक भरता है। लेकिन डील से मक्का बेल्ट, कॉटन बेल्ट, डेयरी और फिश मार्केट प्रभावित होंगे। AAP ने कहा कि सब्सिडाइज्ड US प्रोड्यूक्ट्स से कीमतें गिरेंगी। किसान दिवालिया हो जाएंगे, सुसाइड बढ़ेंगे। हिमाचल-कश्मीर के फ्रूट ग्रोअर्स को भी झटका। जाखड़ कहते हैं पंजाब फसलें सेफ लेकिन AAP ड्राफ्ट देखने को कह रही। ये पॉलिटिकल कांस्पिरेसी है। किसान आंदोलन फिर शुरू हो सकता है। BJP को संसद में जवाब देना चाहिए।
क्या डील से इंडस्ट्री को फायदा होगा?
जाखड़ का कहना है कि US मार्केट एक्सेस से पंजाब इंडस्ट्री ग्रो करेगी, यूथ को जॉब्स मिलेंगी। कॉमर्स मिनिस्टर पीयूष गोयल ने लंबी नेगोशिएशन के बाद फाइनलाइज किया। PM मोदी ने किसान हित प्रोटेक्ट किए। लेकिन AAP कहती है कि एग्रीकल्चर सरेंडर से इंडस्ट्री को क्या फायदा। अमेरिकी किसानों को बड़ा बाजार मिला, हमारे को कहाँ जाएं। ट्रंप का Make America Great Again, मोदी का India First कहाँ गया। ये किसानों के साथ धोखा है। AAP अमृतसर में धरना दे चुकी। आगे प्रोटेस्ट बढ़ सकते हैं।
विपक्ष का रुख़ क्या है और आगे क्या?
AAP ने संसद में डिस्कशन की मांग की। संजय सिंह ने कहा रूस से ऑयल बंद करने का भी जवाब दो। विपक्ष पूरे देश में मुद्दा बना रहा। किसान यूनियन जाखड़ के इनविटेशन पर विचार कर रही। अगर ड्राफ्ट पब्लिक हुआ तो बहस तेज़। सरकार चुप्पी साधे हुए। ट्रेड डील किसानों को बर्बाद करेगी या इंडस्ट्री बूस्ट – समय बताएगा। AAP विरोध जारी रखेगी। राजनीतिक तनाव बढ़ रहा।
कुल मिलाकर विवाद की जड़ क्या?
ये डील ट्रंप-मोदी के बीच हुई लेकिन डिटेल्स छिपीं। AAP इसे एंटी-फार्मर बता रही, BJP प्रो-इंडस्ट्री। पंजाब जैसे एग्री स्टेट में सियासत गरम। किसान फिर सड़क पर आ सकते हैं। ड्राफ्ट पब्लिकेशन से साफ होगा। तब तक बहस जारी। देशहित या सरेंडर – जनता फैसला करेगी।
FAQs (Hindi)
- प्रश्न: AAP ने भारत-US ट्रेड डील को धोखा क्यों कहा?
उत्तर: अमेरिकी फसलें ज़ीरो ड्यूटी पर आएंगी, भारत को 18% टैरिफ; पंजाब-UP किसान बर्बाद, ड्राफ्ट छिपाया गया। - प्रश्न: कौन सी फसलें प्रभावित होंगी?
उत्तर: रेड सोरघम, मक्का, बाजरा, ज्वार; कश्मीर-हिमाचल के सेब, ड्राई फ्रूट्स। - प्रश्न: सनील जाखड़ ने क्या कहा?
उत्तर: पंजाब फसलें (गेहूं, चावल, मक्का, गन्ना) बाहर, डेयरी सेफ; इंडस्ट्री बूस्ट, किसानों से डायलॉग करो। - प्रश्न: डील कब घोषित हुई?
उत्तर: ट्रंप ने सोशल मीडिया पर, मोदी ने संसद में नहीं बताया; दिसंबर-जनवरी 2026 में फाइनल। - प्रश्न: AAP ने क्या एक्शन लिया?
उत्तर: प्रेस कॉन्फ्रेंस, संसद प्रोटेस्ट, अमृतसर धरना; संसद में डिस्कशन की मांग।
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