चैत्र नवरात्रि 2026 दिन 6: मां कात्यायनी पूजा विधि, शुभ रंग लाल, अभिजीत मुहूर्त 12:04-12:53 PM, गुड़ भोग। ऋषि कात्यायन कथा, मंत्र जाप, आरती – संतान प्राप्ति और बाधा निवारण का पूर्ण गाइड!
चैत्र नवरात्रि 2026 दिन 6: मां कात्यायनी पूजा विधि, रंग, शुभ मुहूर्त, मंत्र और भोग
दोस्तों, चैत्र नवरात्रि के छठे दिन मां दुर्गा अपने कात्यायनी रूप में विराजमान होती हैं। 2026 में मां कात्यायनी पूजन 24 मार्च (मंगलवार) को होगा। ये उग्र स्वरूप राक्षसों का संहार करने वाली, भक्तों की संतान प्रदान करने वाली कात्यायनी मां हैं। शुभ रंग लाल, भोग गुड़ आधारित मिठाई। अभिजीत मुहूर्त 12:04 PM से 12:53 PM। आयुर्वेद में इस दिन को पित्त दोष शांति का समय माना गया। मां के त्रिशूल से जीवन की बाधाएं कटती हैं। चलिए पूर्ण विधि, कथा, मंत्र और रहस्य समझें।
नवरात्रि के छठे दिन चैत्र शुक्ल षष्ठी पर मां कात्यायनी प्रकट हुईं। ऋषि कात्यायन ने कन्या प्राप्ति का व्रत किया, मां उनके घर जन्मीं। महिषासुर संहार के बाद इन्हें कात्यायनी नाम मिला। रामायण में सीता मां से वरदान मांगती हैं।
मां कात्यायनी पूजन मुहूर्त 2026
- तिथि: चैत्र शुक्ल षष्ठी
- तारीख: 24 मार्च 2026 (मंगलवार)
- अभिजीत मुहूर्त: 12:04 PM – 12:53 PM (49 मिनट)
- विजय मुहूर्त: 2:30 PM – 3:19 PM
- रात्रि पूजा: 7:00 PM – 9:00 PM (कुमारी पूजन समय)
पूजन सामग्री लिस्ट
| सामग्री | मात्रा | उपयोग |
|---|---|---|
| लाल चंदन | 50 ग्राम | तिलक+उपचार |
| लाल फूल | 2 गज | अर्पण |
| गुड़ | 250 ग्राम | भोग मुख्य |
| घी दीपक | 5 | आरती |
| कपूर | 10 ग्राम | हवन |
| त्रिशूल | चित्र/मूर्ति | स्थापन |
मां कात्यायनी पूजन विधि स्टेप-बाय-स्टेप
सुबह की तैयारी:
- मंगल स्नान: गंगा जल+हल्दी
- आसन शुद्धि: गोबर से स्वास्तिक
- कलश स्थापना: नारियल+लाल कपड़ा
मुख्य षष्ठी पूजन (अभिजीत मुहूर्त):
- पंचोपचार: गंध, पुष्प, धूप, दीप, नैवेद्य
- त्रिशूल स्थापना: मां के हाथ में
- लाल वस्त्र अर्पण: शक्ति प्रतीक
- चंदन तिलक: भक्तों को भी
मंत्र जाप (108 बार):
बीज मंत्र: ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं कात्यायन्यै विद्महे
कन्ये प्रचुराणनायै धीमहि। तन्नो दुर्गा प्रचोदयात्॥
संतान गोपाल मंत्र: ॐ देवकीसुत गोविंद वासुदेव जगत्पते।
देही मे तनयं पुत्रं श्रियं च सौख्यं च देहि मे॥
रात्रि कुमारी पूजा:
2-10 साल की कन्याओं को भोजन कराना।
मां कात्यायनी कथा: संतान सुख की प्राप्ति
ऋषि कात्यायन ने पुत्री व्रत किया। मां प्रकट हुईं, उनके घर जन्म ले कात्यायनी बनीं। बाद में महिषासुर वध किया। सीता ने भी यही व्रत किया।
भोग विधि: गुड़ का विशेष महत्व
मां कात्यायनी को गुड़ भोग प्रसन्न करता।
गुड़ हलवा रेसिपी:
- 1 कप सूजी, 200 ग्राम गुड़, 4 चम्मच घी
- सूजी भूनें, गुड़ पानी में घोलकर मिलाएं
- केसर, बादाम डालकर चढ़ाएं
लाल रंग का रहस्य
लाल रंग शक्ति, साहस, उग्रता का प्रतीक। भक्त लाल वस्त्र पहनें।
आयुर्वेदिक लाभ षष्ठी व्रत
- गुड़: पित्त शांत, हीमोग्लोबिन बढ़ाए
- लाल चंदन: त्वचा शीतलता
- हल्दी स्नान: detoxification
क्षेत्रीय परंपराएं
- उत्तर भारत: कन्या भोजन मुख्य
- बंगाल: चंद्रघंटा-कात्यायनी एक साथ
- गुजरात: गरबा में लाल जोड़ा
संतान प्राप्ति विशेष उपाय
- मां को लाल चुनरी चढ़ाएं
- संतान गोपाल मंत्र 1.25 लाख जाप
- कन्या दान
गलतफहमियां दूर
- केवल उग्र पूजा: भक्ति मुख्य
- मांस भोग: शुद्ध शाकाहारी
- रात पूजा अनिवार्य: दिन भी शुभ
मां कात्यायनी संदेश
मां का त्रिशूल जीवन के तीनों दोष – काम, क्रोध, लोभ काटता है। संतान सुख के साथ मर्यादा जीवन जिएं। जय मां कात्यायनी!
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5 FAQs
1. चैत्र नवरात्रि 2026 दिन 6 कब?
24 मार्च 2026 (मंगलवार), अभिजीत मुहूर्त 12:04-12:53 PM।
2. मां कात्यायनी का शुभ रंग?
लाल – शक्ति और साहस का प्रतीक।
3. मुख्य भोग क्या चढ़ाएं?
गुड़ हलवा, गुड़ की रोटी, पंचामृत।
4. संतान सुख के लिए कौन सा मंत्र?
ॐ देवकीसुत गोविंद… संतान गोपाल मंत्र।
5. कुमारी पूजा कब करें?
रात्रि 7-9 PM, 2-10 साल की कन्याओं को।
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