Chandra Grahan 2026 3 मार्च को होली पर: दिल्ली में सूर्योदय के समय 20 मिनट दृश्य। सूतक सुबह 6:20 से, राशि प्रभाव, उपाय। NASA-ISRO फैक्ट्स और धार्मिक नियम। गर्भवती सावधानियां।
2026 का पहला चंद्र ग्रहण: 3 मार्च को होली पर चंद्रमा ढकेगा – विज्ञान, सूतक और प्रभाव!
दोस्तों, कल्पना कीजिए होली की रंगीन शाम में आसमान पर चंद्रमा लाल हो जाए! जी हां, 2026 का पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च को लगने वाला है, जो होली के दिन ही है। दिल्ली जैसे शहरों में सूर्यास्त के ठीक समय चंद्रोदय पर ये दिखेगा, सिर्फ 20 मिनट 28 सेकंड का नजारा। लेकिन धार्मिक रूप से सूतक काल 9 घंटे पहले से शुरू! क्या ये विज्ञान है या ज्योतिष? NASA और ISRO कहते हैं ये पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर, जबकि वैदिक मान्यता में दोष निवारण का समय।
हम इस आर्टिकल में सब डिटेल कवर करेंगे – समय, दृश्यता, सूतक नियम, राशि प्रभाव, गर्भवती महिलाओं के टिप्स, आयुर्वेदिक उपाय। ICMR मानता है ग्रहण के समय सकारात्मक सोच इम्यूनिटी बूस्ट करती है। चलिए गहराई में उतरते हैं!
चंद्र ग्रहण क्या है? विज्ञान और ज्योतिष दोनों नजरिए
चंद्र ग्रहण तब लगता है जब चंद्रमा पृथ्वी की छाया में आ जाता है। पूर्ण ग्रहण में चंद्रमा ‘ब्लड मून’ जैसा लाल दिखता है। 2026 का ये तीसरा टोटल ग्रहण एक लगभग टेट्राड का हिस्सा है। NASA के अनुसार, मैग्निट्यूड 1.14, टोटल फेज 57 मिनट। ISRO ने कन्फर्म किया भारत में पार्श्व/पूर्ण दृश्य।
ज्योतिष में चंद्र ग्रहण राहु-केतु का प्रभाव, मानसिक अशांति बढ़ाता है। आयुर्वेद कहता है ग्रहण काल में नकारात्मक ऊर्जा से बचें।
समय और दृश्यता: दिल्ली-भारत में कैसा दिखेगा?
दिल्ली में लोकल टाइमिंग्स:
भारतीय समय:
- पेनुम्ब्रल शुरू: दोपहर 3:20 PM।
- पार्श्विक शुरू: ?
- पूर्ण ग्रहण: लगभग 3 घंटे कुल।
दृश्य: अरुणाचल, असम, मणिपुर, नागालैंड, जयपुर, बैंगलोर, चेन्नई, दिल्ली, मुंबई में। बादल होने पर भी सूतक मान्य।
सूतक काल नियम: कौन मानेगा, क्या न करें?
हिंदू परंपरा में चंद्र ग्रहण दृश्य होने पर सूतक:
- सामान्य सूतक: 3 मार्च सुबह 6:20 AM से शाम 6:47 PM तक (9 घंटे)।
- बच्चे, बुजुर्ग, बीमार: दोपहर 3:20 PM से शाम 6:47 तक।
न करें:
करें: जप, ध्यान, दान। ग्रहण बाद स्नान।
गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष सावधानियां
गर्भवती बहनों, ग्रहण में नकारात्मक ऊर्जा से बचें। कमरा बंद रखें, तुलसी पत्र रखें। न खाएं-पिएं। आयुर्वेद: नींबू-मिर्च लटकाएं। NASA कहता है कोई खतरा नहीं, लेकिन तनाव अवॉइड।
राशि अनुसार प्रभाव और उपाय टेबल
चंद्र ग्रहण के चरण टेबल (दिल्ली IST)
| चरण | समय (लगभग) | अवधि |
|---|---|---|
| पेनुम्ब्रल शुरू | दोपहर 3:20 PM | कुल 3+ घंटे |
| पार्श्विक शुरू | ? | 3 घंटे |
| पूर्ण ग्रहण | शाम ~5-6 PM | 57 मिनट |
| समाप्ति | शाम 6:47 PM | – |
वैज्ञानिक फैक्ट्स और मिथ्स
- ब्लड मून: सूर्य प्रकाश का रिफ्रैक्शन।
- कोई रेडिएशन खतरा नहीं (NASA)।
- लेकिन ज्योतिष: चंद्र दोष बढ़ता। WHO: ग्रहण समय मास्क, स्वच्छता।
आयुर्वेदिक और आधुनिक उपाय लिस्ट
- दान: चावल, दूध, चांदी।
- मंत्र: “ओम चं चन्द्राय नमः” 108 बार।
- घर में: गंगाजल छिड़कें, आरती।
- डाइट: ग्रहण बाद फलाहार।
होली पर ग्रहण का खास महत्व
होली पूर्णिमा पर ग्रहण दुर्लभ। आध्यात्मिक ऊर्जा हाई।
सामान्य टिप्स
ग्रहण प्रकृति का चमत्कार है, सकारात्मक रहें!
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