Magha Purnima 2026: 1 फरवरी, पूर्णिमा तिथि सुबह 5:52 से। चंद्र अर्घ्य शाम 5:26। प्रयागराज संगम स्नान, विष्णु-लक्ष्मी पूजा। व्रत विधि, भोजन नियम, दान फायदे। पाप नाश, संतान सुख।
Magha Purnima 2026: तिथि, पूजा समय, व्रत विधि, महत्व – आध्यात्मिक शुद्धि का दिवस
दोस्तों, हिंदू पंचांग की सबसे पवित्र पूर्णिमाओं में माघ पूर्णिमा टॉप पर! 2026 में 1 फरवरी, रविवार को मनाया जाएगा। शुक्ल पक्ष माघ की पूर्णिमा। विष्णु-चंद्र भगवान की पूजा। प्रयागराज त्रिवेणी संगम में लाखों स्नान। चंद्रमा पूर्ण रूप में – मानसिक शांति। भविष्य पुराण के अनुसार 32 पूर्णिमा व्रत (बत्तीसियों)। स्कंद, पद्म, नारद पुराण, महाभारत में महिमा। पाप नाश, शुद्धि, समृद्धि, संतान सुख। चंद्रोदय 5:26 PM – अर्घ्य का स्वर्णिम समय। इस आर्टिकल में पूरी गाइड – तिथि, विधि, कथा, दान। व्रत रखो, जीवन पवित्र करो!
माघ पूर्णिमा 2026 तिथि और शुभ मुहूर्त
पूर्णिमा तिथि 1 फरवरी सुबह 5:52 से 2 फरवरी सुबह 3:38।
| इवेंट | तारीख और समय |
|---|---|
| माघ पूर्णिमा | रविवार, 1 फरवरी 2026 |
| पूर्णिमा शुरू | 1 फरवरी, सुबह 5:52 |
| पूर्णिमा समाप्त | 2 फरवरी, सुबह 3:38 |
| चंद्रोदय (अर्घ्य) | शाम 5:26 बजे |
| दिल्ली समय। लोकल चेक। |
माघ पूर्णिमा का महत्व: शास्त्रीय आधार
माघ महीना तप का। पूर्णिमा व्रत से पाप नाश। भविष्य पुराण: बत्तीसी पूर्णिमा। चंद्र पूजा से मानसिक संतुलन। प्रयागराज में देवता स्नान। गंगा स्नान से मनोकामना। विष्णु कृपा।
व्रत विधि: संक्षिप्त पूजा प्रक्रिया
- पुण्य स्नान: संगम उत्तम। घर पर गंगाजल।
- संकल्प: परिवार सुख हेतु।
- कलश स्थापना: विष्णु-लक्ष्मी।
- गणेश पूजा: विघ्नहर्ता।
- षोडशोपचार: शिव-पार्वती।
- चंद्र अर्घ्य: चंद्रोदय पर।
- सत्यनारायण कथा: रात्री।
- प्रसाद: खीर-हलवा।
भोजन नियम: क्षेत्रीय भिन्नता
| क्षेत्र | भोजन |
|---|---|
| उत्तर | फलाहार |
| दक्षिण | दूध-फल |
| बंगाल | खीर पायेश |
| तामसिक निषेध। |
प्रयागराज संगम स्पेशल
त्रिवेणी स्नान। काशी विश्वनाथ दर्शन।
दान सामग्री और फल
| दान | फल |
|---|---|
| तिल-अन्न | पाप नाश |
| वस्त्र-चावल | समृद्धि |
| गाय-गंगा जल | मोक्ष |
सत्यनारायण कथा महत्व
सत्यनारायण स्वामी पूजा। परिवार उन्नति।
आधुनिक लाभ
डिटॉक्स। मेडिटेशन। ग्रेटिट्यूड।
अन्य नाम
माघी पूर्णिमा।
महिलाएं
संतान-स्वास्थ्य।
सावधानियां
शुद्धता। समय पालन।
5 FAQs
1. माघ पूर्णिमा कब?
1 फरवरी 2026।
2. चंद्र अर्घ्य कब?
शाम 5:26।
3. मुख्य पूजा?
विष्णु-चंद्र।
4. स्नान कहां?
त्रिवेणी संगम।
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