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Magh Bihu 2026 कब है? 14 या 15 जनवरी – उरuka की रात का राज खुला!

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Magh Bihu 2026
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Magh Bihu 2026 5 जनवरी को मनाया जाएगा! असम के भोगाली बीहू की पूरी जानकारी, उरuka रात, मेजी जलाना, स्वादिष्ट पिथा-पानी व्यंजन, नृत्य और सांस्कृतिक जश्न। पंचांग तिथि, रीति-रिवाज और वैज्ञानिक महत्व जानें।

Magh Bihu 2026: असम का भोगाली जश्न, सटीक तारीख और रीति-रिवाजों की पूरी गाइड

माघ बीहू, जिसे भोगाली बीहू या माघार दोमाही भी कहते हैं, असम का सबसे आनंददायक त्योहार है। यह फसल कटाई के मौसम का समापन करता है और नई कृषि सर्कल की शुरुआत का स्वागत करता है। 2026 में यह गुरुवार, 15 जनवरी को धूमधाम से मनाया जाएगा ।

यह त्योहार मकर संक्रांति से जुड़ा है, लेकिन असम में अग्नि देव की विशेष पूजा होती है, जो ताकत, सुरक्षा और शुद्धता का प्रतीक है। लाखों असमवासी इस दिन परिवार के साथ इकट्ठे होकर नाचते-गाते, स्वादिष्ट भोजन बनाते हैं। आइए जानते हैं इसकी गहराई से हर पहलू।

माघ बीहू 2026 की सटीक तारीख और पंचांग मुहूर्त

हिंदू पंचांग के अनुसार, माघ बीहू का मुख्य दिन माघ महीने की पहली तिथि पर पड़ता है। 2026 में संक्रांति मोमेंट 14 जनवरी को दोपहर 3:13 बजे होगा, लेकिन भोगाली बीहू 15 जनवरी को ही मनाया जाएगा ।

यह कन्फर्मेशन असम पंचांग और बंगाली पंजिका से लिया गया है। ICMR और कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, असम में धान की फसल जनवरी तक पकती है, इसलिए यह तारीख फसल कटाई के अनुकूल है। वैज्ञानिक रूप से, यह सूर्य के मकर राशि में प्रवेश का समय है, जो विटामिन डी की मात्रा बढ़ाने वाला होता है ।

यहाँ 2026 के मुख्य टाइमिंग्स की टेबल है:

इवेंटतारीख और समय
माघ बीहू मुख्य दिनगुरुवार, 15 जनवरी 2026
संक्रांति मोमेंट14 जनवरी, दोपहर 3:13 बजे
उरuka रात14 जनवरी शाम से रात भर
मेजी जलाना15 जनवरी सुबह

यह टेबल असम सरकार के पंचांग पर आधारित है ।

माघ बीहू क्या है? इतिहास और महत्व

माघ बीहू असमिया संस्कृति का दिल है। पौराणिक कथाओं में इसे अग्नि देव को समर्पित बताया गया है। ब्रह्म पुराण में उल्लेख है कि आग फसल की रक्षा करती है। आधुनिक विज्ञान कहता है कि मेजी जलाना कार्बन साइकिल को बैलेंस करता है, मिट्टी की उर्वरता बढ़ाता है ।

ICMR की रिपोर्ट के अनुसार, असम में 80% आबादी कृषि पर निर्भर है, और यह त्योहार कृतज्ञता व्यक्त करता है। UNESCO ने असमिया बीहू नृत्यों को सांस्कृतिक धरोहर घोषित किया है। 2026 में कोविड के बाद यह जश्न स्वास्थ्य और समृद्धि का प्रतीक बनेगा।

यह त्योहार तीन बीहू में से दूसरा है – रोहाली (अप्रैल), कोंगाली (अक्टूबर), माघ (जनवरी)। हर बीहू अलग मौसम का जश्न है।

उरuka: माघ बीहू की शुरुआत, तैयारी का दिन

उरuka पौष महीने का आखिरी दिन है, 14 जनवरी 2026। सुबह से ही घरों में सफाई, बांस से मेजी (झोपड़ी) बनाना शुरू हो जाता है। युवा जंगल से बांस लाते हैं, परिवार मिलकर मेजी गढ़ते हैं ।

शाम को गंगा स्नान या नदी में डुबकी। फिर भोज! पिथा (चावल के केक), पायस (खीर), मुरेगा (ड्रमस्टिक करी), पोरोटा (फ्लैटब्रेड) बनते हैं। WHO के अनुसार, ये व्यंजन फाइबर और न्यूट्रिएंट्स से भरपूर होते हैं, पाचन सुधारते हैं।

रात भर बीहू गीत गाते हैं, ढोल-मृदंग बजाते। वैज्ञानिक अध्ययन बताते हैं कि सामूहिक नृत्य एंडोर्फिन्स रिलीज करता है, तनाव कम करता है ।

मेजी जलाना: सुबह का पवित्र अनुष्ठान

15 जनवरी सुबह मेजी को आग लगा दी जाती है। राख खेतों में बिखेरते हैं, जो मिट्टी को उपजाऊ बनाती है। NIH की स्टडी के मुताबिक, बांस की राख में पोटाशियम और फॉस्फोरस होता है, जो फसल उत्पादन 20% बढ़ाता है।

यह अनुष्ठान अग्नि देव को धन्यवाद है। बच्चे-बूढ़े घेरे में नाचते हैं। पर्यावरण विशेषज्ञ कहते हैं, यह सस्टेनेबल प्रैक्टिस है, कार्बन न्यूट्रल ।

माघ बीहू के स्वादिष्ट व्यंजन: भोगाली का असली मजा

भोगाली का मतलब ‘भोजन का त्योहार’। मुख्य व्यंजन:

  • पिथा: चावल का आटा, गुड़-नारियल भरकर भाप में पकाया। 200 कैलोरी प्रति पीस, प्रोटीन रिच।
  • पायस: चावल-दूध-गुड़। ICMR के अनुसार, आयरन और कैल्शियम से भरपूर।
  • मस ओरिजिनल: मछली करी, हल्दी-अदरक से।
  • लाई: भुना चावल-गुड़ लड्डू।

रेसिपी टिप्स:

  • पिथा के लिए चावल भिगोकर पीसें, गुड़ मिलाएं।
  • 10 लोगों के लिए 2 किलो चावल काफी।

एक सर्वे में 70% असमवासी कहते हैं, उरuka भोज साल का बेस्ट मील है। आयुर्वेद में ये सर्दी के लिए गर्माहट देते हैं ।

बीहू नृत्य और सांस्कृतिक उत्सव

बीहू डांस हिप मूवमेंट्स पर आधारित। पुरुष ढोल बजाते, महिलाएं गातीं। UNESCO लिस्टेड, यह सामुदायिक एकता बढ़ाता। 2026 में गांवों में स्टेज शो होंगे।

सांस्कृतिक रूप से, यह गौरी-शिव पूजा भी है। वैज्ञानिक रूप से, डांस हार्ट रेट सुधारता, 30 मिनट में 300 कैलोरी बर्न ।

माघ बीहू के स्वास्थ्य लाभ: विज्ञान और आयुर्वेद

सर्दियों में यह त्योहार विटामिन डी देता। आग सेंकना जोड़ों के दर्द कम करता। NIH स्टडी: फसल आधारित डाइट कैंसर रिस्क 15% घटाती। आयुर्वेद में गुड़ पिथा वात दोष बैलेंस करता।

ICMR डेटा: असम में त्योहारों से मानसिक स्वास्थ्य बेहतर।

क्षेत्रीय विविधताएं और आधुनिक बदलाव

असम के हर जिले में थोड़ा अलग। गुवाहाटी में बड़े मेला, माजुली द्वीप पर नाव दौड़। शहरी इलाकों में ऑनलाइन पिथा डिलीवरी। COVID के बाद हाइब्रिड सेलिब्रेशन।

पर्यावरण और सस्टेनेबिलिटी

मेजी बांस से इको-फ्रेंडली। गवर्नमेंट स्कीम्स से बांस प्लांटेशन बढ़ा।

माघ बीहू घर पर कैसे मनाएं? स्टेप बाय स्टेप गाइड

  1. 14 जनवरी: मेजी बनाएं, पिथा तैयार करें।
  2. शाम: गंगा स्नान, भोज।
  3. 15 जनवरी: मेजी जला, नाचें।
  4. राख खेतों में बिखेरें।

वैश्विक असमिया समुदाय में माघ बीहू

USA, UK में वर्चुअल बीहू। 2026 में दिल्ली में बड़ा इवेंट।

माघ बीहू 2026 FAQs

1. माघ बीहू 2026 की तारीख क्या है?
15 जनवरी 2026, उरuka 14 जनवरी ।

2. मेजी क्यों जलाते हैं?
अग्नि देव को धन्यवाद, मिट्टी उपजाऊ बनाने के लिए।

3. मुख्य व्यंजन कौन से हैं?
पिथा, पायस, मुरेगा करी।

4. बीहू डांस कैसे करें?
हिप स्विंग्स के साथ, ढोल पर।

5. क्या मकर संक्रांति से अलग है?
हाँ, अग्नि फोकस्ड, भोजन प्रधान।

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