Home धर्म यमुना छठ 2026 कब? 24 मार्च को नदी देवी की कृपा से पाप धोएं!
धर्म

यमुना छठ 2026 कब? 24 मार्च को नदी देवी की कृपा से पाप धोएं!

Share
Chaiti Chhath 2026
Share

यमुना छठ 2026 24 मार्च को! षष्ठी तिथि समय, पूजा विधि, मथुरा-वृंदावन उत्सव, यमुना जयंती महत्व और कृष्ण भक्ति लाभ जानें। नदी स्नान से पाप मुक्ति पाएं।

यमुना छठ 2026: नदी देवी यमुना जयंती पर स्नान, पूजा और कृष्ण भक्ति का महापर्व

भाइयों-बहनों, चैत्र शुक्ल पक्ष की षष्ठी को यमुना छठ या यमुना जयंती मनाते हैं। 2026 में यह मंगलवार, 24 मार्च को आएगा । मथुरा-वृंदावन में लाखों भक्त यमुना तट पर जमा होते हैं। नदी में स्नान से पाप धुल जाते हैं।

यह पर्व कृष्ण भक्ति का प्रतीक है। यमुना जी सूर्य देवी की पुत्री हैं, जो वृंदावन की जीवनरेखा हैं। आधुनिक विज्ञान भी बताता है कि नदी स्नान से माइंड रिफ्रेश होता है, NIH स्टडीज में हाइड्रोथेरेपी से स्ट्रेस 25% कम ।

यमुना छठ 2026 की तिथि और शुभ मुहूर्त

षष्ठी तिथि दिल्ली पंचांग के अनुसार 23 मार्च शाम 6:38 बजे शुरू होकर 24 मार्च दोपहर 4:07 बजे तक रहेगी । पूजा ब्रह्म मुहूर्त में करें।

शुभ मुहूर्त:

  • अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:05 से 12:53 तक ।
  • अमृत काल: सुबह 5:30 से 7:00 (अनुमानित)।
  • सूर्योदय पूर्व स्नान: 5:45 AM।
विवरणसमय
षष्ठी प्रारंभ23 मार्च 6:38 PM
षष्ठी समाप्त24 मार्च 4:07 PM
यमुना स्नानसूर्योदय पूर्व
आरती समयशाम 6-8 PM 

लोकल पंचांग से कन्फर्म करें।

यमुना छठ क्या है? जन्म कथा और महत्व

यमुना छठ देवी यमुना के पृथ्वी अवतरण दिवस का उत्सव है। ब्रज क्षेत्र में मुख्य रूप से मनाया जाता। पुराणों में यमुना सूर्य और संज्ञा की पुत्री हैं, यम की बहन ।

कथा: यमुना ने कृष्ण को वृंदावन में साथी बनाया। एक भक्त ने स्नान किया, रोग मुक्त हो गया। महत्व: पाप नाश, मोक्ष प्राप्ति ।

आध्यात्मिक लाभ: आत्म शुद्धि, कृष्ण भक्ति वृद्धि। ज्योतिष में सूर्य कमजोर वालों के लिए रामबाण 。

यमुना छठ और स्कंद षष्ठी में अंतर

दोनों चैत्र षष्ठी पर आते हैं। यमुना छठ नदी पूजा पर, स्कंद षष्ठी कार्तिकेय पर ।

अंतरयमुना छठस्कंद षष्ठी
देवतायमुना मांकार्तिकेय
फोकसशुद्धि, कृष्ण भक्तिसंतान सुख
स्थानयमुना घाटमंदिर
मुख्य कर्मस्नान, दीपदानव्रत, पूजा

यमुना पूजा विधि: सरल स्टेप्स

सुबह उठ स्नान करें। यमुना तट पर जाएं या घर पर कलश स्थापित ।

सामग्री:

  • फूल, फल, मिठाई, दीपक।
  • गंगाजल कलश, चंदन, कुमकुम।
  • यमुना अष्टक पुस्तिका।

विधि:

  1. यमुना स्नान (या कलश स्नान)।
  2. मूर्ति/फोटो स्थापित, वस्त्र चढ़ाएं।
  3. यमुना अष्टक पाठ: “नमामि यमुनां देवी…”।
  4. आरती, दीपदान।
  5. दान: अनाज, वस्त्र 。

घर पर: रंगोली बनाएं, दीये जलाएं।

मथुरा-वृंदावन में यमुना छठ उत्सव

विश्राम घाट, केसी घाट पर भक्त जमा। प्रोसेसन, कीर्तन, भजन । नाव से फूल अर्पित। प्रयागराज संगम स्नान।

उत्तर भारत: होम पूजा। ब्रज में लाखों दीये।

यमुना अष्टक: लाभ और पाठ

वल्लभाचार्य रचित। लाभ: शांति, समृद्धि, मोक्ष । रोज पाठ से पितृ शांति।

आयुर्वेदिक और वैज्ञानिक फायदे

स्नान से विटामिन D, इम्यूनिटी बूस्ट। आयुर्वेद: जल थेरेपी से डिटॉक्स । WHO: नेचर एक्सपोजर से मेंटल हेल्थ बेहतर। फल प्रसाद: केला, गन्ना विटामिन्स।​

कृष्ण भक्तों के उपाय

  1. यमुना जल पीपे लो।
  2. अष्टक 108 बार जप।
  3. दीपक में तिल तेल।
  4. नारियल बहते जल में ।

व्रत नियम और प्रसाद रेसिपी

व्रत वैकल्पिक। फलाहार: केला, सिंगाड़ा। प्रसाद: खीर, फल।

सावधानियां

  • प्रदूषित पानी से बचें।
  • साफ वस्त्र।
  • ब्रह्मचर्य पालन 。

यमुना छठ का व्यापक संदेश

नदी संरक्षण, भक्ति बैलेंस। पर्यावरण: स्नान से जागरूकता।

FAQs

1. यमुना छठ 2026 कब?
24 मार्च 。

2. स्नान का समय?
सूर्योदय पूर्व 。

3. पूजा सामग्री?
फूल, दीप, फल 。

4. लाभ क्या?
पाप नाश, शांति 。

5. कहां मनाएं?
मथुरा-वृंदावन घाट 。

Share

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

चैती छठ 2026 कब से? 22 मार्च नहाय-खाय से धन्य जीवन का राज खुल जाएगा!

चैती छठ पूजा 2026: 22-25 मार्च नहाय-खाय से उषा अर्घ्य तक! 36...

अशोक अष्टमी व्रत 2026 कब? 26 मार्च को दुख भगाने का चमत्कारिक फॉर्मूला!

यह व्रत सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि वैज्ञानिक भी है। आयुर्वेद में अशोक...

170 टन का इंजीनियरिंग चमत्कार: नाथद्वारा हनुमान मूर्ति का पूरा रहस्य!

नाथद्वारा में 131 फीट हनुमान प्रतिमा का उद्घाटन 26 मार्च 2026 को...

लक्ष्मी पंचमी 2026 कब? 23 मार्च को धन वर्षा का राज खुल जाएगा!

लक्ष्मी पंचमी 2026 23 मार्च को! पूजा विधि, शुभ मुहूर्त, व्रत कथा,...