Home स्पोर्ट्स Ronaldo स्ट्राइक पर क्यों? अल-हिलाल ने बेंज़ेमा पर लुटाया, अल-नस्र को पैसा नहीं!
स्पोर्ट्स

Ronaldo स्ट्राइक पर क्यों? अल-हिलाल ने बेंज़ेमा पर लुटाया, अल-नस्र को पैसा नहीं!

Share
cristiano ronaldo
Share

Ronaldo अल-नस्र स्ट्राइक पर: अल-हिलाल ने बेंज़ेमा को 18 महीने का कॉन्ट्रैक्ट दिया। PIF निवेश असमानता से नाराज़ CR7। €488K/दिन सैलरी, ट्रांसफर विंडो ड्रामा। सऊदी लीग टाइटल रेस प्रभावित।

क्रिस्टियानो Ronaldo स्ट्राइक पर क्यों हैं? अल-हिलाल–बेंज़ेमा डील का पूरा कनेक्शन

सऊदी प्रो लीग में क्रिस्टियानो रोनाल्डो और करीम बेंज़ेमा की वजह से जबरदस्त पावर गेम छिड़ गया है। अल-नस्र स्टार रोनाल्डो क्लब से नाराज़ होकर स्ट्राइक पर चले गए हैं, और माना जा रहा है कि प्रतिद्वंद्वी क्लब अल-हिलाल द्वारा बेंज़ेमा पर पैसा लुटाने ने आग में घी डालने का काम किया है।

रोनाल्डो स्ट्राइक पर – क्या हुआ?

  • रिपोर्ट्स के मुताबिक रोनाल्डो ने अल-नस्र के लिए अगला मैच खेलने से इनकार कर दिया और खुद को स्क्वॉड से बाहर रखा, इसे ही स्ट्राइक के रूप में देखा जा रहा है।
  • उनका गुस्सा दो मुख्य बातों पर है:
    • सऊदी PIF और अल-नस्र प्रबंधन द्वारा क्लब में पर्याप्त निवेश न करना।
    • आक्रामक ट्रांसफर विंडो में अल-हिलाल जैसे क्लबों को ज्यादा तरजीह मिलना।
  • मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वह अल-नस्र की दिशा से नाखुश हैं और गर्मियों में क्लब छोड़ने के विकल्पों पर भी विचार कर रहे हैं।

अल-हिलाल ने कैसे आग भड़काई? बेंज़ेमा की ब्लॉकबस्टर मूव

  • 2 फरवरी 2026 को करीम बेंज़ेमा ने अल-इत्तिहाद छोड़कर सीधे शहर के प्रतिद्वंद्वी अल-हिलाल जॉइन कर लिया।
  • उन्हें 18 महीने का कॉन्ट्रैक्ट मिला है, जो जून 2027 तक चलेगा, और अल-हिलाल ने इसे सीज़न की सबसे बड़ी डील बताया है।
  • बेंज़ेमा के अल-हिलाल जाने से पहले उनकी अपने पुराने क्लब के साथ कॉन्ट्रैक्ट को लेकर टकराव चल रहा था, और डेडलाइन डे पर सऊदी मिनिस्ट्री ऑफ स्पोर्ट व PIF की मंजूरी के बाद ये डील फाइनल हुई।
  • रिपोर्ट्स कहती हैं कि इस मूव को लेकर PIF स्तर पर भी काफी धक्का-मुक्की हुई, जिसमें रोनाल्डो की ओर से भी आपत्तियां बताई गईं, लेकिन DEAL फिर भी हो गई।

रोनाल्डो की नाराज़गी की जड़: पैसा कहां जा रहा है?

  • सऊदी PIF अल-हिलाल, अल-इत्तिहाद, अल-अहली और अल-नस्र – चार बड़े क्लबों में हिस्सेदार है, लेकिन हालिया विंडो में सबसे ज्यादा पैसा अल-हिलाल की ओर जाता दिखा।
  • बेंज़ेमा के अलावा अल-हिलाल पहले से ही SPL का “सुपरस्टार क्लब” बन चुका है, और उनकी साइनिंग्स से रोनाल्डो को लगता है कि अल-नस्र को अपेक्षित सपोर्ट नहीं मिल रहा।
  • ब्रिटिश रिपोर्ट्स के मुताबिक रोनाल्डो का मानना है कि PIF ने अल-नस्र की तुलना में अल-हिलाल को कई गुना ज्यादा बैक किया है, जबकि उन्हें खुद दुनिया की सबसे बड़ी सैलरी दी जा रही है।

पैसे का मसला: रोनाल्डो का कॉन्ट्रैक्ट और पुरानी तनख्वाह कटौती रिपोर्ट

  • रोनाल्डो की सैलरी करीब 4.8 लाख पाउंड प्रतिदिन के आसपास बताई जाती है, जो सालाना लगभग 200 मिलियन यूरो के ब्रैकेट में आती है।
  • 2025 में खबर आई थी कि अल-नस्र ने उन्हें कॉन्ट्रैक्ट एक्सटेंशन के बदले 52% सैलरी कट के साथ क्लब में 5% ओनरशिप का ऑफर दिया था, जिस पर रोनाल्डो ने साफ रिएक्ट नहीं किया।
  • ताजा रिपोर्ट्स कहती हैं कि स्ट्राइक की पृष्ठभूमि में क्लब के साथ यही आर्थिक तनाव और नए साइनिंग्स की कमी भी जुड़ी हुई है।

बेंज़ेमा भी स्ट्राइक पर थे – “डबल देवदास” मोड

  • बेंज़ेमा खुद अल-इत्तिहाद में कॉन्ट्रैक्ट ऑफर से नाराज़ होकर पहले स्ट्राइक मोड में चले गए थे, क्योंकि नए डील का बड़ा हिस्सा सिर्फ इमेज राइट्स के जरिए देने की बात थी, बेस सैलरी लगभग ज़ीरो बताई जा रही थी।
  • बाद में अल-हिलाल ने उन्हें पूरा पैकेज ऑफर कर झट से साइन कर लिया, जिससे SPL में दो बड़े स्ट्राइकर – रोनाल्डो और बेंज़ेमा – दोनों अलग-अलग क्लबों के खिलाफ “वर्क स्टॉपेज” से सुर्खियों में आ गए।

क्या यूरोप वापसी का रास्ता खुल रहा है?

  • दक्षिण कोरियाई रिपोर्ट के अनुसार, रोनाल्डो ने अल-नस्र के साथ पिछले साल जो दो साल का एक्सटेंशन साइन किया था, उसमें करीब 43 मिलियन पाउंड का रिलीज क्लॉज़ शामिल है।
  • वहीं यह भी खबर है कि वे 2026-27 से पहले ही यूरोप लौटने या किसी नए प्रोजेक्ट से जुड़ने के विकल्प खंगाल रहे हैं।
  • स्ट्राइक को कई पंडित “नेगोशिएशन टूल” की तरह देख रहे हैं, ताकि या तो अल-नस्र और PIF उनसे किए वादों पर खर्च बढ़ाएं या उन्हें किसी नए डेस्टिनेशन की राह साफ मिले।

अल-नस्र, अल-हिलाल और SPL पर क्या असर?

  • अल-नस्र की टाइटल रेस प्रभावित हो सकती है, क्योंकि रोनाल्डो टीम के टॉप स्कोरर और मार्केटिंग फेस हैं।
  • अल-हिलाल बेंज़ेमा के आने से और मजबूत हो गया है, और लीग में पावर बैलेंस और ज्यादा उनकी तरफ झुकता दिख रहा है।
  • SPL के लिए ये दोधारी तलवार है: स्टार साइनिंग्स लीग को ग्लोबल सुर्खियों में रखती हैं, लेकिन लगातार स्ट्राइक्स और वेतन विवाद लीग की “स्टेबल डेस्टिनेशन” वाली इमेज को नुकसान भी पहुंचा सकते हैं।

आगे क्या हो सकता है?

  • शॉर्ट टर्म में:
    • क्लब और PIF के साथ बातचीत के बाद रोनाल्डो की टीम में वापसी, बदले में कुछ नए साइनिंग्स और आर्थिक आश्वासन।
    • या फिर स्ट्राइक लंबी चले और वे ट्रांसफर विंडो तक सीमित मैच खेलें या बिल्कुल न खेलें।
  • लॉन्ग टर्म में:
    • 2026 से पहले यूरोप या किसी दूसरे महाद्वीप में बड़ा मूव, अगर रिलीज क्लॉज़ के आसपास कोई क्लब डील करने को तैयार हुआ।

फिलहाल इतना साफ है कि अल-हिलाल द्वारा बेंज़ेमा पर लुटाए गए पैसे ने रोनाल्डो की नाराज़गी को खुले विरोध में बदल दिया है, और सऊदी फुटबॉल अब सिर्फ मैदान पर नहीं, बोर्डरूम में भी हाई-वोल्टेज ड्रामा देख रहा है।

Share

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

झारखण्ड खिलाड़ी पेंशन योजना अन्तर्गत योग्य लाभुक 16 अप्रैल 2026 तक कर सकते हैं आवेदन।

धनबाद । झारखण्ड खेल नीति-2022 कंडिका-7.4.4 के आलोक में विभागीय अधिसूचना द्वारा...

दिल्ली कैपिटल्स IPL 2026 का SWOT: क्या इस बार प्लेऑफ से आगे निकल पाएंगे DC?

दिल्ली कैपिटल्स IPL 2026 SWOT एनालिसिस: अक्षर पटेल (कप्तान), KL राहुल, मिचेल...

IPL मीडिया राइट्स की तेज़ कमाई के दिन खत्म हुए – अगला साइकल कैसा होगा

IPL मीडिया राइट्स की तेज़ ग्रोथ अब ख़त्म होने के संकेत दिख...