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AI Impact Summit 2026: लुला, मैक्रों और मोदी की तिकड़ी क्या नया ग्लोबल टेक गठजोड़ बनाएगी?

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Lula India visit 2026
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ब्राज़ील राष्ट्रपति लुला 18–22 फरवरी को भारत दौरे पर रहेंगे, 2nd AI Impact Summit में हिस्सा लेंगे, UNSC सुधार, व्यापार, कृषि और टेक सहयोग पर अहम बातचीत तय मानी जा रही है।

तेल के बाद अब टेक में साझेदारी? ब्राज़ील राष्ट्रपति की भारत यात्रा से क्या बदलेगा व्यापार समीकरण

ब्राज़ील के राष्ट्रपति लुला 18 से 22 फरवरी के बीच भारत की राज्य यात्रा पर आएंगे और 19–20 फरवरी को दिल्ली में होने वाले 2nd AI Impact Summit में हिस्सा लेंगे।

ब्राज़ील के राष्ट्रपति लुला की भारत यात्रा: तारीखें, कार्यक्रम और बड़ा एजेंडा

विदेश मंत्रालय के मुताबिक ब्राज़ील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लुला दा सिल्वा 18 से 22 फरवरी 2026 तक भारत की राज्य यात्रा पर रहेंगे। इस दौरान वो 19–20 फरवरी को दिल्ली में होने वाले दूसरे AI Impact Summit में हिस्सा लेंगे। ये दौरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर हो रहा है और इसे लुला सरकार की सबसे बड़ी ओवरसीज़ मिशनों में से एक बताया जा रहा है।

MEA के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने साप्ताहिक ब्रीफिंग में बताया कि 21 फरवरी को इस यात्रा का मुख्य दिन होगा जब औपचारिक द्विपक्षीय बातचीत होगी। उस दिन भारत के राष्ट्रपति उनकी मेजबानी करेंगे और उपराष्ट्रपति सहित कई वरिष्ठ नेता उनसे मुलाकात करेंगे।

AI Impact Summit: लीडरशिप लेवल पर ग्लोबल मंच

AI Impact Summit 19–20 फरवरी को दिल्ली में होगा, जहाँ टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ग्लोबल रेगुलेशन पर बड़े स्तर की चर्चा होने वाली है। भारत पहले ही घोषणा कर चुका है कि फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों भी इस समिट के लिए भारत आएंगे, और अब लुला की पुष्टि दूसरी बड़ी लीडर-लेवल सहभागिता है।

MEA ने संकेत दिया है कि और भी देशों के प्रमुख इस समिट में शामिल हो सकते हैं, जिनके नाम जल्द साझा किए जाएंगे। सरकार इसे “स्केल पर होने वाला इंटरनेशनल एंगेजमेंट” बता रही है, जहाँ AI के जरिए विकास, रेगुलेशन, डेटा गवर्नेंस और ग्लोबल साउथ की भूमिका जैसे मुद्दे उभरकर सामने आ सकते हैं।

बिलेटरल डे: 21 फरवरी को क्या-क्या होगा?

21 फरवरी को राष्ट्रपति लुला की औपचारिक राज्य यात्रा का मुख्य दिन तय है। भारत के राष्ट्रपति इनके सम्मान में आधिकारिक कार्यक्रम और भोज रखेंगे, जहाँ दोनों देशों के रिश्तों पर चर्चा होगी। इसके अलावा उपराष्ट्रपति और अन्य वरिष्ठ गणमान्य नेता भी उनसे मुलाकात करेंगे।

लुला के साथ कई मंत्री और एक बड़ा बिज़नेस डेलिगेशन भी आ रहा है। अलग-अलग सेशन और मीटिंग्स प्लान की गई हैं, ताकि ब्राज़ील और भारतीय कंपनियों के बीच B2B इंटरैक्शन और इन्वेस्टमेंट की संभावनाएँ बढ़ सकें।

बिज़नेस डेलिगेशन: 150 से ज़्यादा कॉर्पोरेट प्रतिनिधि

ब्राज़ील की ट्रेड और इन्वेस्टमेंट प्रमोशन एजेंसी ApexBrasil ने इस मिशन के लिए लगभग 200 बिज़नेस लीडर्स के लिए रजिस्ट्रेशन खोला था। रजिस्ट्रेशन खत्म होने तक करीब 150 प्राइवेट सेक्टर प्रतिनिधियों ने भाग लेने की पुष्टि कर दी। ये दिखाता है कि भारतीय मार्केट को लेकर ब्राज़ील के कॉर्पोरेट जगत में कितना उत्साह है।

ब्राज़ील ने भारत में दो दिन के लिए 500 सीट वाले ऑडिटोरियम को बुक किया है, जहाँ लुला भारतीय बिज़नेस लीडर्स से सीधे संवाद करेंगे। लक्ष्य है – निवेश के अवसरों को हाईलाइट करना, जॉइंट वेंचर्स पर चर्चा और दोनों देशों के बीच पूंजी प्रवाह बढ़ाना।

ब्राज़ील की विदेश नीति में भारत की जगह

ब्राज़ील 2026 में अपनी विदेश नीति को फिर से बैलेंस कर रहा है। लुला प्रशासन की कोशिश है कि देश केवल अमेरिका या चीन जैसे पारंपरिक पार्टनर्स पर निर्भर न रहे, बल्कि भारत जैसे उभरती अर्थव्यवस्थाओं के साथ रिश्तों को गहरा करे। ब्राज़ीलियन मीडिया प्लेटफॉर्म Brasil 247 ने इस दौरे को इसी बड़े रीकैलिब्रेशन का हिस्सा बताया है।

राष्ट्रपति भवन के अधिकारियों ने इसे मौजूदा प्रशासन का सबसे बड़ा ओवरसीज़ मिशन माना है, जो साफ दिखाता है कि ब्राज़ील भारत को कितनी प्राथमिकता दे रहा है। इससे ब्रिक्स, G20 और ग्लोबल साउथ के मंचों पर भी दोनों देशों की कोऑर्डिनेशन बढ़ सकती है।

भारत–ब्राज़ील व्यापार: आँकड़ों में तस्वीर

ट्रेड डेटा के हिसाब से भारत, ब्राज़ील के लिए तेजी से महत्वपूर्ण पार्टनर बनता जा रहा है। 2025 में भारत ब्राज़ील का दसवां सबसे बड़ा एक्सपोर्ट डेस्टिनेशन बना, जहाँ ब्राज़ील की निर्यात राशि 6.9 अरब डॉलर रही। वहीं इम्पोर्ट सोर्सेज में भारत छठे नंबर पर रहा, 8.4 अरब डॉलर के इम्पोर्ट के साथ।

ये व्यापार भारत के पक्ष में नहीं, बल्कि ब्राज़ील के लिए 1.5 अरब डॉलर के ट्रेड डेफिसिट पर खत्म हुआ। इसके बावजूद दोनों तरफ का ट्रेंड पॉज़िटिव रहा – 2025 में ब्राज़ील का भारत को एक्सपोर्ट 30.2% बढ़ा, जबकि भारत से इम्पोर्ट में 21.9% की वृद्धि दर्ज हुई। अभी ब्राज़ील से भारत आने वाले निर्यात में लगभग 30% हिस्सा कच्चे तेल का है, जिसे डाइवर्सिफाई करने की कोशिश चल रही है।

नई बिज़नेस ऑफिस और डाइवर्सिफिकेशन की कोशिश

भारत के बढ़ते महत्व को देखते हुए ब्राज़ील ने हाल ही में यहाँ अपना नया बिज़नेस ऑफिस खोला है। ये दुनिया भर में ब्राज़ील के लगभग 20 दफ्तरों में से एक है, जो दिखाता है कि भारत को खास टार्गेट मार्केट की तरह देखा जा रहा है।

इस ऑफिस का उद्देश्य है – ब्राज़ील के एक्सपोर्ट को विविध बनाना, ताकि केवल कच्चे तेल या सीमित कमोडिटीज पर निर्भरता न रहे। कृषि, मैन्युफैक्चरिंग, टेक और सर्विसेस सेक्टर में भी नई साझेदारियाँ तलाशने की योजना है।

रक्षा और रणनीतिक सहयोग: पिछली मुलाक़ातें क्या संकेत देती हैं?

अक्टूबर 2025 में ब्राज़ील के उपराष्ट्रपति जेराल्डो अल्कमिन भारत आए थे, उनके साथ रक्षा मंत्री जोज़े मुशियो मोंतेइरो भी थे। उस समय भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ मीटिंग में डिफेंस कोऑपरेशन और संप्रभुता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।

उसी विज़िट में Mercosur–India Preferential Trade Agreement को विस्तार देने की संभावना पर भी बात हुई, जो 2009 से लागू है। लुला की मौजूदा यात्रा इस प्रोसेस को आगे बढ़ाने और डिफेंस–इंडस्ट्री टाई-अप्स को और मजबूत करने का मौका बन सकती है।

UNSC रिफॉर्म और ग्लोबल गवर्नेंस

23 जनवरी 2026 को प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति लुला के बीच फोन कॉल हुई थी। इस बातचीत में दोनों नेताओं ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) समेत व्यापक UN सुधारों के प्रति अपना समर्थन दोहराया। भारत और ब्राज़ील दोनों लंबे समय से UNSC रिफॉर्म के बड़े समर्थक रहे हैं, खासकर स्थायी सदस्यता के सवाल पर।

लुला की भारत यात्रा के दौरान ये मुद्दा फिर से फोकस में आ सकता है, खास करके तब जब ग्लोबल साउथ अपनी आवाज़ को ज्यादा एकजुट और प्रभावी तरीके से उठाने की कोशिश कर रहा है। AI Summit जैसे मंच पर भी ग्लोबल गवर्नेंस, डेटा जस्टिस और टेक्नोलॉजी इक्विटी पर इंडिया–ब्राज़ील की कॉमन पोज़िशन दिख सकती है।

कृषि और फैमिली फार्मिंग: Embrapa की भूमिका

इस यात्रा में कृषि भी अहम एजेंडा होगा। ब्राज़ील फैमिली फार्मिंग में टेक्निकल कोऑपरेशन ऑफर करने की योजना बना रहा है, और इसके लिए Embrapa (ब्राज़ील की कृषि रिसर्च एजेंसी) का प्रतिनिधि भी डेलिगेशन में शामिल होगा।

भारत और ब्राज़ील दोनों बड़े कृषि उत्पादक देश हैं, लेकिन दोनों के चैलेंज अलग हैं – भारत में छोटे किसान, ब्राज़ील में बड़े एग्रीबिज़नेस। ऐसे में फैमिली फार्मिंग पर सहयोग से छोटे किसानों के लिए टेक, रिसर्च और प्रैक्टिकल मॉडल शेयर किए जा सकते हैं।

AI Summit के संदर्भ में यात्रा का महत्व

AI Impact Summit सिर्फ़ टेक कॉन्फ़्रेंस नहीं बल्कि पॉलिटिकल सिग्नल भी है कि ग्लोबल साउथ AI की बहस में साइडलाइन नहीं रहेगा। लुला और मैक्रों जैसे नेताओं की मौजूदगी भारत की “AI गवर्नेंस हब” बनने की कोशिश को अंतरराष्ट्रीय वैधता देती है।

AI, साइबर सिक्योरिटी, डेटा लोकलाइज़ेशन, और डिजिटल ट्रेड जैसे मुद्दों पर भारत–ब्राज़ील की साझा लाइन विकसित हो सकती है। इससे WTO, G20 और UN प्लेटफॉर्म पर भी दोनों देशों की कोऑर्डिनेशन और स्ट्रॉन्ग होगी।

आम भारतीय और बिज़नेस के लिए क्या मतलब?

आम नागरिक के लिए ये यात्रा सीधे रोज़मर्रा के जीवन में तुरंत बदलाव नहीं लाएगी, लेकिन मीडियम–लॉन्ग टर्म में तेल, कृषि, फार्मा, टेक और स्टार्टअप्स में नए अवसर खुल सकते हैं। अगर Mercosur–India PTA का विस्तार होता है तो कुछ प्रोडक्ट्स पर टैरिफ घटने से मार्केट में नए विकल्प दिख सकते हैं।

भारतीय कंपनियों के लिए ब्राज़ील लैटिन अमेरिका का बड़ा गेटवे है। लुला की यात्रा के दौरान होने वाली B2B मीटिंग्स में IT, फिनटेक, क्लीन एनर्जी, और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे सेक्टर्स में जॉइंट वेंचर, इन्वेस्टमेंट और प्रोजेक्ट्स पर डील्स की जमीन तैयार हो सकती है।

FAQs (Hindi)

  1. प्रश्न: ब्राज़ील के राष्ट्रपति लुला भारत कब और कितने दिन के लिए आ रहे हैं?
    उत्तर: वे 18 से 22 फरवरी 2026 तक भारत की राज्य यात्रा पर रहेंगे, यानी कुल पाँच दिन के लिए।
  2. प्रश्न: लुला AI Summit में कब हिस्सा लेंगे?
    उत्तर: 2nd AI Impact Summit 19–20 फरवरी को दिल्ली में होगा, जिसमें लुला बतौर लीडर हिस्सा लेंगे।
  3. प्रश्न: इस यात्रा में मुख्य द्विपक्षीय दिन कौन सा है?
    उत्तर: 21 फरवरी मुख्य दिन होगा, जब भारत के राष्ट्रपति औपचारिक रूप से लुला की मेजबानी करेंगे और द्विपक्षीय वार्ताएँ होंगी।
  4. प्रश्न: बिज़नेस डेलिगेशन कितना बड़ा है?
    उत्तर: ApexBrasil के अनुसार लगभग 150 निजी क्षेत्र के प्रतिनिधि इस डेलिगेशन के साथ भारत आ रहे हैं।
  5. प्रश्न: भारत–ब्राज़ील व्यापार का 2025 का आँकड़ा क्या है?
    उत्तर: 2025 में भारत को ब्राज़ील का निर्यात 6.9 अरब डॉलर और भारत से आयात 8.4 अरब डॉलर रहा, जिससे ब्राज़ील को करीब 1.5 अरब डॉलर का व्यापार घाटा हुआ।
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