भारत-UK ने सोशल सिक्योरिटी समझौता किया, 36 महीने तक डबल कंट्रीब्यूशन खत्म। TCS, Infosys जैसे IT फर्म्स को फायदा, 75,000 वर्कर्स लाभान्वित। CETA के साथ 2026 पहली छमाही में लागू।
3 साल तक UK में काम, बिना एक्स्ट्रा कंट्रीब्यूशन? TCS-Infosys के लिए खुशखबरी
भारत-UK सोशल सिक्योरिटी समझौता: क्या है खास बात?
10 फरवरी 2026 को नई दिल्ली में भारत और UK ने एक अहम सोशल सिक्योरिटी एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए। विदेश सचिव विक्रम मिश्री ने भारत की ओर से और ब्रिटिश हाई कमिश्नर लिंडी कैमरन ने UK की ओर से साइन किया। यह पैक्ट शॉर्ट-टर्म ओवरसीज असाइनमेंट्स पर डबल सोशल सिक्योरिटी कंट्रीब्यूशन को खत्म करने का लक्ष्य रखता है। कर्मचारी 36 महीने तक दूसरे देश में रहकर सिर्फ अपने होम कंट्री का कंट्रीब्यूशन देंगे। MEA ने कहा कि इससे मोबिलिटी बढ़ेगी और सोशल सिक्योरिटी कवरेज बना रहेगा। लगभग 75,000 इंडियन वर्कर्स को सीधा फायदा होगा।
डबल कंट्रीब्यूशन की समस्या क्या थी?
पहले इंडियन IT इंजीनियर्स UK प्रोजेक्ट्स पर जाते तो भारत में EPF और UK में नेशनल इंश्योरेंस (NI) दोनों भरते थे। यह दोहरा बोझ कंपनियों और कर्मचारियों पर पड़ता था। छोटे असाइनमेंट्स पर भी फुल कंट्रीब्यूशन देना पड़ता, जो कॉस्ट बढ़ाता। अब पैक्ट से 3 साल तक सिर्फ इंडिया का PF/ESI ही चलेगा। UK साइड से भी वर्कर्स को भारत में वैसा ही फायदा। इससे कंपनियां ज्यादा आसानी से टैलेंट भेज सकेंगी। कर्मचारियों को फाइनेंशियल प्रेडिक्टेबिलिटी मिलेगी।
किन कंपनियों को सबसे ज्यादा फायदा?
TCS और Infosys जैसी IT जायंट्स को डायरेक्ट बेनिफिट मिलेगा क्योंकि वो UK में बड़े ऑपरेशंस चलाती हैं। हर साल हजारों इंडियन इंजीनियर्स UK क्लाइंट साइट्स पर भेजती हैं। अब 3 साल तक UK NI पेमेंट से बचत होगी। कॉस्ट एफिशिएंसी बढ़ेगी और टैलेंट मोबिलिटी स्मूद। Wipro, HCL, Tech Mahindra जैसी दूसरी फर्म्स भी फायदा लेंगी। सर्विस सेक्टर पार्टनरशिप मजबूत होगी। हाई-स्किल्ड इंडियन वर्कफोर्स UK के लिए आकर्षक बनेगा।
CETA ट्रेड डील से कैसे जुड़ा?
यह SSA भारत-UK कम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक एंड ट्रेड एग्रीमेंट (CETA) का हिस्सा है। जुलाई 2025 में CETA साइन हुआ था, तब SSA पूरा करने का वादा किया। दोनों पहली छमाही 2026 में लागू होंगे। CETA से ट्रेड बूस्ट होगा, SSA से सर्विसेज सेक्टर मजबूत। IT, कंसल्टिंग, हेल्थकेयर में पार्टनरशिप बढ़ेगी। दोनों देशों के इनोवेटिव सेक्टर्स को बूस्ट। MEA ने कहा दोनों तरफ वर्कर्स को फायदा।
Certificate of Coverage कैसे मिलेगा?
अब कंपनियां MEA वेबसाइट और EPFO साइट से एग्रीमेंट डाउनलोड कर सकेंगी। वहाँ से Certificate of Coverage (CoC) अप्लाई करेंगी। CoC से साबित होगा कि वर्कर होम कंट्री में कंट्रीब्यूट कर रहा। UK अथॉरिटीज़ इसे मानेंगी। इससे डबल पेमेंट से बचाव। स्टेकहोल्डर्स के लिए आसान एक्सेस। कंप्लायंस सिंपल हो जाएगा। कर्मचारियों को बेनिफिट्स कंटिन्यू रहेंगे।
भारत के पास कितने SSA हैं और कौन-कौन देश?
भारत ने अब तक 20+ देशों से SSA साइन किए हैं। इनमें जर्मनी, फ्रांस, बेल्जियम, कनाडा, जापान, साउथ कोरिया, ऑस्ट्रेलिया शामिल। UK अब 21वां। ये पैक्ट्स डबल कंट्रीब्यूशन अवॉइड करते हैं। ज्यादातर 36-60 महीने तक एग्जेम्प्शन। इससे एक्सपैट वर्कर्स और कंपनियां फायदा लेती। ग्लोबल मोबिलिटी बढ़ती। भारत अब यूरोप, नॉर्थ अमेरिका में मजबूत। SSA से कॉस्ट सेविंग्स करोड़ों में।
IT इंडस्ट्री पर क्या असर पड़ेगा?
इंडियन IT एक्सपोर्ट्स UK में मजबूत हैं। TCS का UK रेवेन्यू बड़ा हिस्सा। Infosys के पास लंदन डिलीवरी सेंटर्स। SSA से कॉस्ट 10-15% कम हो सकती असाइनमेंट्स पर। ज्यादा प्रोजेक्ट्स ले सकेंगी। टैलेंट रिटेंशन आसान। UK क्लाइंट्स को इंडियन स्किल्स सस्ते मिलेंगे। सर्विस एक्सपोर्ट्स ग्रोथ तेज। 2026 में CETA से टोटल ट्रेड बूस्ट। इंडस्ट्री बॉडी NASSCOM ने वेलकम किया।
कर्मचारियों के लिए फायदे क्या?
75,000 इंडियन वर्कर्स को राहत मिलेगी। सैलरी से एक्स्ट्रा डिडक्शन कम। PF/ESI कवरेज कंटिन्यू। UK हेल्थ/पेंशन बेनिफिट्स दोहरे नहीं। फैमिली के लिए सिक्योरिटी। शॉर्ट टर्म स्टिंट्स पर फोकस। रिटर्न इंडिया पर स्मूद ट्रांजिशन। फाइनेंशियल प्लानिंग आसान। ज्यादा ओवरसीज एक्सपीरियंस। करियर ग्रोथ तेज।
भविष्य में और देशों से क्या उम्मीद?
भारत अब US, सिंगापुर, UAE जैसे देशों से SSA तेज कर रहा। ग्लोबल टैलेंट वॉर में कंपटीटिव एज। सर्विस एक्सपोर्ट्स $300 बिलियन+। SSA से कॉस्ट कॉम्पिटिटिव रहेंगे। EPFO डिजिटलाइजेशन से CoC आसान। MEA और लेबर मिनिस्ट्री एक्टिव। IT सेक्टर 5 मिलियन+ जॉब्स। ये डिप्लोमेसी से बिजनेस बूस्ट।
कुल मिलाकर एक स्मार्ट मूव
यह पैक्ट भारत-UK रिश्तों को नई ऊंचाई देगा। IT फर्म्स कॉस्ट सेविंग्स से प्रॉफिट मार्जिन बढ़ाएंगी। वर्कर्स को राहत। CETA लागू होते ही असर दिखेगा। ग्लोबल मोबिलिटी का दौर, भारत आगे। कंपनियां प्लानिंग शुरू करें।
FAQs (Hindi)
- प्रश्न: भारत-UK SSA क्या कवर करता है?
उत्तर: 36 महीने तक शॉर्ट-टर्म असाइनमेंट्स पर डबल सोशल सिक्योरिटी कंट्रीब्यूशन अवॉइड, सिर्फ होम कंट्री का पेमेंट। - प्रश्न: किन कंपनियों को फायदा?
उत्तर: TCS, Infosys, Wipro जैसी IT फर्म्स, UK ऑपरेशंस वाली; कॉस्ट सेविंग्स और मोबिलिटी आसान। - प्रश्न: कब लागू होगा?
उत्तर: CETA के साथ 2026 पहली छमाही में; CoC EPFO/MEA से मिलेगा। - प्रश्न: कितने वर्कर्स लाभान्वित?
उत्तर: करीब 75,000 इंडियन वर्कर्स, UK और भारत दोनों तरफ। - प्रश्न: भारत के पास SSA कितने देशों से?
उत्तर: 20+ देशों से, अब UK 21वां; जर्मनी, फ्रांस आदि शामिल।
- 000 Indian workers benefit
- 75
- bilateral SSA India countries list
- Certificate of Coverage EPFO
- double social security contributions avoidance
- India UK CETA trade deal
- India UK social security agreement
- IT sector mobility India UK
- short-term overseas assignment SSA
- social security contributions exemption 36 months
- TCS Infosys UK benefit
- Vikram Misri Lindy Cameron pact
Leave a comment