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धनबाद उपायुक्त ने किया आंगनबाड़ी केंद्र का भ्रमण

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सबसे उत्कृष्ट प्ले स्कूल की तरह बनाए जाएंगे जिले के आंगनबाड़ी केंद्र – उपायुक्त

धनबाद । उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन ने बाबुडीह स्थित मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र का भ्रमण किया।

उपायुक्त ने कहा कि देश के सबसे उत्कृष्ट प्ले स्कूल की तरह जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों को विकसित करने का जिला प्रशासन प्रयास कर रहा है।

उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों का विकास राज्य सरकार की प्राथमिकता है। यहां पढ़ने वाले बच्चे हमारे देश का भविष्य है। केंद्रों में बच्चों को पौष्टिक आहार और अच्छी पढ़ाई देना, धातृ व गर्भवती महिलाओं को योजनाओं का लाभ प्रदान करना, प्रशासन का उद्देश्य है।

उन्होंने कहा कि इसके लिए प्रशासन तीन चरणों में काम कर रहा है। पहले चरण में सेविका व सहायिका का प्रशिक्षण, दूसरे में आंगनबाड़ी केंद्र, सेविका व सहायिका का असेसमेंट तथा तीसरे चरण में सेंटर का मोडलीकरण शामिल है।

इसके बाद उन्होंने केन्द्र की सेविका, सहायिका व पोषण सखी से विभिन्न विषयों पर जानकारी प्राप्त की।

मौके पर जिला समाज कल्याण पदाधिकारी अनीता कुजूर, डीएमएफटी टीम लीडर शैलेश तिवारी के अलावा डीएमएफटी पीएमयू के सदस्य, सेविका, सहायिका, पोषण सखी व अन्य लोग उपस्थित थे।

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Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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