Home झारखण्ड पंचायती राज क्षेत्र में धनबाद रहा अव्वल
झारखण्डराज्य

पंचायती राज क्षेत्र में धनबाद रहा अव्वल

Share
Share

धनबाद को मिला राज्य स्तरीय प्रशस्ति पत्र

धनबाद की उपलब्धि पूरे झारखंड राज्य के लिए प्रेरणास्रोत बनकर उभरी

धनबाद । पंचायती राज विभाग झारखंड सरकार द्वारा गुरुवार को रांची स्थित होटल चाणक्या बीएनआर में पंचायत एडवांसमेंट इंडेक्स 1.0 (पंचायत उन्नति सूचकांक) के अंतर्गत आयोजित राज्य स्तरीय प्रसार कर्यशाला में धनबाद जिला पूरे राज्य में अव्वल स्थान पर रहा। धनबाद को स्थानीय स्वशासन के सशक्तिकरण एवं सतत विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।

उप विकास आयुक्त सादात अनवर की उपस्थिति में जिले को यह प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। इससे धनबाद की पंचायत व्यवस्था को राज्य स्तर पर विशेष पहचान मिली।

इस अवसर पर उप विकास आयुक्त ने कहा कि यह सफलता जिला परिषद अध्यक्ष शारदा सिंह के कुशल नेतृत्व, सक्रिय जनप्रतिनिधियों और कर्मठ प्रशासनिक अधिकारियों के प्रयास का प्रतिफल है।

वहीं जिला परिषद अध्यक्ष शारदा सिंह ने कहा कि यह सम्मान धनबाद जिले के जनप्रतिनिधियों, कर्मियों और ग्रामीण जनता की भागीदारी का परिणाम है। हमारा उद्देश्य पंचायत व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी, जवाबदेही और जनकल्याणकारी बनाना है।

कार्यशाला में उपस्थित अधिकारियों और प्रतिनिधियों ने पंचायत उन्नति सूचकांक के विभिन्न मापदंडों पर चर्चा की और आगे की रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया।

उल्लेखनीय है कि धनबाद की यह उपलब्धि पूरे झारखंड राज्य के लिए प्रेरणास्रोत बनकर उभरी है।

Share
Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles