Home झारखण्ड विश्वविद्यालय और राज्य सरकार उचित निर्णय नहीं लेती है, तो करेंगे वृहद आंदोलन – डी.के सिंह
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विश्वविद्यालय और राज्य सरकार उचित निर्णय नहीं लेती है, तो करेंगे वृहद आंदोलन – डी.के सिंह

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राँची । झारखंड में विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षकों के वर्ष 2008 से लंबित प्रमोशन की मांग को लेकर बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय शिक्षक संघ प्रतिनिधिमंडल ने अध्यक्ष डॉ. डी.के. सिंह और महासचिव डॉ. अमूल्य सुमन बेक के नेतृत्व में उच्चतर और तकनीकी शिक्षा के प्रधान सचिव एवं निदेशक से मिलकर प्रमोशन प्रक्रिया में आ रही बाधाओं से अवगत कराया तथा इसमें आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए आग्रह किया। इस मांग पर दोनों अधिकारियों ने जल्द से जल्द सकारात्मक कदम उठाने का आश्वासन दिया।
विदित हो कि शिक्षकों के प्रमोशन के लिए उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग झारखंड सरकार ने CAS-2010 को वर्ष 2022 में स्वीकृत एवं अनुमोदित किया था। जिसके पृष्ठ संख्या 15 में यह प्रावधान किया गया है कि पूर्वव्यापी जानकारी एकत्र करने की कठिनाइयों को दूर करने के लिए और CAS- 2010 प्रमोशन में 01-01-2009 से इन विनियमों के कार्यान्वयन को सुगम बनाने के लि‍ए API आधारित प्रमोशन को पूर्वव्यापी जानकारी को एकत्र करने की कठिनाइयां को दूर करने के लिए इसे उत्तरोत्तर और भावी रूप से लागू किया जाएगा। शिक्षकों के वर्षों से लंबित प्रमोशन के आवेदन को स्क्रूटनी प्रक्रिया पूरी करते हुए विश्वविद्यालय द्वारा अनुमोदित कर वर्ष 2023 में झारखंड लोक सेवा आयोग को प्रस्तुत किया गया था। जिसे जुलाई 2025 में आयोग ने यह कहते हुए लौटा दिया कि केटेगरी – ।एवं केटेगरी – II के लिए API SCORE से संबंधित दस्तावेज वर्ष 2008 अनुलग्न नहीं हैं।
इस अवसर पर संघ के अध्यक्ष डॉ. डी. के. सिंह ने कहा कि जब प्रमोशन के लिए CAS-2010 रेग्युलेशन वर्ष 2022 में आया है। तब कोई शिक्षक पीछे के तारीख वर्ष 2008 से इसे कैसे जमा कर सकता है, जबकि इस रेग्युलेशन में यह वर्णित है कि यह उत्तरोत्तर और भावी रूप से लागू होगा।झारखंड लोकसेवा आयोग का यह कदम अव्यवहारिक और CAS 2010 के अनुरूप कदापि नहीं हैं।
प्रोन्नति नहीं मिलने के कारण विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षक न सिर्फ अर्थिक क्षति और मानसिक रूप से परेशान है। बल्कि विश्वविद्यालय व अन्य जगहों के शैक्षणिक और प्रशासनिक पदों पर निकलने वाली नियुक्तियों पर आवेदन देने से भी वंचित हो जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह हमारा पहला कदम था। आगे अगर विश्वविद्यालय और राज्य सरकार समयबद्ध सकारात्मक उचित निर्णय नहीं लेती है, तो संघ आंदोलन के रणनीति तय करते हुए एक बड़ा आंदोलन करने पर विवश होगी।
प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से डॉ. संजय सिंह, डॉ. मुकुंद रविदास, डॉ. मासूफ अहमद, डॉ. अमूल्य सुमन बेग एवं डॉ. डी.के. सिंह शामिल थे।

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Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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