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उपायुक्त ने की बिरसा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना रबी की समीक्षा

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धनबाद । उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन की अध्यक्षता में जिला स्तरीय अनुश्रवण समिति की बैठक आयोजित की गई। इसमें उपायुक्त ने बिरसा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना रबी 2025 की समीक्षा की। जिसमें बीमाकृत क्षेत्रफल डेटा को अंतिम रूप दिया गया।

समीक्षा के क्रम में उपायुक्त ने चना, सरसों एवं आलु के लिए हुए बीमाकृत क्षेत्रफल का अनुमोदन किया। जबकि गेहूं के क्षेत्रफल में त्रुटि मिलने पर उसमें आवश्यक संशोधन करने का निर्देश दिया।

बैठक में जिला सहकारिता पदाधिकारी ने बताया कि रबी 2024-25 में धनबाद जिले में गेहूँ, चना एवं राई-सरसों फसलों का बीमा के लिए आच्छादित कुल क्षेत्रफल 6228 हेक्टेयर है। जिसमें गेहूँ के लिए 2035, चना 901 एवं राई-सरसों के लिए 3292 हेक्टेयर क्षेत्रफल है।

बैठक में उपायुक्त आदित्य रंजन, जिला सहकारिता पदाधिकारी वेद प्रकाश, अग्रणी जिला प्रबंधक अमित कुमार, जिला पशुपालन पदाधिकारी अरूण कुमार, डीडीएम नाबार्ड रवि लोहानी, बजाज आलियांज के राघवेन्द्र सिंह, धनबाद डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल कॉ-ओपरेटिव बैंक के बिनय कुमार के अलावा अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।

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Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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