Home क्राईम कुएं में मिला अधेड़ का शव,10 दिन से था लापता, क्षेत्र में फैली सनसनी
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कुएं में मिला अधेड़ का शव,10 दिन से था लापता, क्षेत्र में फैली सनसनी

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हंटरगंज (चतरा) : जिले के हंटरगंज थाना क्षेत्र के तिलहेत पंचायत अंतर्गत एकतारा गांव में सोमवार दोपहर खेत में स्थित कुएं से एक अधेड़ व्यक्ति का शव मिला। शव को ग्रामीणों ने दोपहर करीब 2 बजे देखा और हंटरगंज थाना पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही हंटरगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कुएं से बाहर निकाला ।मृतक की पहचान क़ुब्बा निवासी बैजू भुईयां के 55 वर्षीय पुत्र दशरथ भारती के रूप में हुई है। वे 10 दिन से घर से गायब था।दरअसल, ग्रामीणों ने खेतों की ओर से बदबू आने पर कुएं में झांककर देखा तो एक तैरता हुआ व्यक्ति का शव मिला, जिसके बाद ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस दी। मृतक के पुत्र संतोष भारती ने बताया 23 अक्टूबर की शाम को मेरे पिता जी घर से निकले थे ,लेकिन उसके बाद वे वापस घर नहीं लौटे। परिवार और ग्रामीण लगातार उनकी खोजबीन में जुटे थे। पुत्र ने आगे बताया कि आसपास के रिश्तेदारों और इलाकों में भी काफी खोजबीन की,परंतु कही कुछ पता नहीं चल सका ।आज दोपहर करीब 2 बजे एकतारा गांव के ग्रामीणों ने बताया कि आपके पिता का शव कुएं में तैर रहा है। हालांकि परिजनों ने किसी पर शक संदेह नहीं जताई और पोस्टमार्टम करवाने से साफ इनकार कर दिया।

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Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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