यूपी के शामली में बुर्का विवाद के बाद पति ने पत्नी और दो बेटियों की हत्या कर दी। आरोपी फारूक ने तीनों लाशें घर के आंगन में सात फुट गहरे गड्ढे में दफना दीं। छह दिन बाद गुमशुदगी से राज खुला, पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया।
इज्जत के बहाने हैवानियत: बुर्का विवाद पर पत्नी को गोली, बेटियों को भी मौत के घाट उतारकर 7 फुट गहरे गड्ढे में दबाया
शामली तिहरे हत्याकांड की पूरी घटना
यह दिल दहला देने वाली वारदात उत्तर प्रदेश के शामली जिले के कांधला थाना क्षेत्र के गरही (या घारी दौलत) गांव में हुई। आरोपी का नाम फारूक (या फारुख) है, जो यहीं का रहने वाला है और अपने माता-पिता दाऊद व असगरी से अलग रह रहा था। पुलिस के मुताबिक उसने अपनी 32 साल की पत्नी ताहिरा और दो बेटियों – आफरीन (करीब 14 वर्ष) और सेहरीम/शैरीन (करीब 7 वर्ष) – की हत्या कर दी।
घटना 9 और 10 दिसंबर की रात को हुई, लेकिन मामला तब सामने आया जब छह दिन तक ताहिरा और दोनों बेटियां घर नहीं दिखीं और परिजनों को शक हुआ। ताहिरा के ससुर ने बहू और पोतियों के गायब होने की शिकायत करते हुए पुलिस से संपर्क किया। पूछताछ में फारूक के जवाब टालमटोल और उलझाने वाले थे, जिस पर पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की तो उसने तीनों की हत्या की बात कबूल कर ली।
बुर्का विवाद और घरेलू कलह: हत्या की वजह क्या बनी?
पुलिस जांच और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस तिहरे हत्याकांड के पीछे घरेलू विवाद, आर्थिक तनाव और तथाकथित ‘इज्जत’ का मिलाजुला कारण सामने आया है। अधिकारियों ने बताया कि कुछ समय से पति-पत्नी के बीच लगातार झगड़े हो रहे थे और फारूक अपने माता-पिता से भी अलग रह रहा था।
ताजा विवाद तब भड़का जब ताहिरा बिना बुर्का पहने अपने मायके चली गई। रिपोर्टों के मुताबिक, फारूक को लगा कि पत्नी के इस व्यवहार से उसकी ‘सामाजिक इज्जत’ चली गई है और वह समाज में मजाक का पात्र बन गया है। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि उसे पत्नी के बुर्का न पहनने और खुले तौर पर मायके जाने से गुस्सा और ‘अपमान’ महसूस हुआ, जो आगे चलकर हिंसा में बदल गया।
हत्या कैसे की गई? (रात का पूरा सीन)
शामली के एसपी एन पी सिंह के अनुसार, फारूक ने अपराध की योजना पहले से बना रखी थी। उसने घर के आंगन में पहले ही सात से नौ फुट गहरा गड्ढा खोद लिया था, ताकि हत्या के बाद लाशें वहीं छिपा सके।
पुलिस के बयान और मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक घटनाक्रम इस तरह रहा:
- 9–10 दिसंबर की रात को फारूक ने ताहिरा को रात में चाय बनाने के बहाने जगाया और आंगन/किचन की तरफ बुलाया।
- जैसे ही ताहिरा वहां पहुंची, उसने पिस्तौल से गोली मारकर उसकी हत्या कर दी।
- गोली चलने की आवाज से बड़ी बेटी आफरीन जाग गई और मौके पर पहुंच गई; उसे भी उसने गोली मार दी, कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया कि उसकी एक आंख बाहर निकली मिली, जो वारदात की क्रूरता को दिखाता है।
- छोटी बेटी सेहरीम/शैरीन जब ये सब देख बैठी तो फारूक ने गला घोंटकर उसकी भी हत्या कर दी, ताकि कोई गवाह न बचे।
आंगन में दफनाई गईं लाशें
हत्या के बाद फारूक ने पहले से तैयार किए गए गड्ढे में तीनों शवों को डाल दिया। रिपोर्टों के मुताबिक, गड्ढा लगभग सात फुट गहरा था, जिसे उसने घर के आंगन में खोदा था। बाद में उसने उस जगह को ईंटों से पक्का कर दिया, ताकि किसी को शक न हो और बदबू या मिट्टी की ताजगी दिखकर मामला खुल न जाए।
कुछ विवरणों के अनुसार, जब पुलिस शक के आधार पर घर की तलाशी लेने पहुंची और आंगन में हाल ही में की गई ईंट-फर्श और मिट्टी की परतों में गड़बड़ी देखी, तो खुदाई करवाई गई। खुदाई के दौरान तीनों शव बरामद हुए, जिन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। शवों की बरामदगी के बाद गांव में तनाव और दहशत का माहौल बन गया।
परिवार और गांव की स्थिति
यह दंपति पांच बच्चों के माता-पिता थे, जिनमें से तीन बच्चे जिंदा हैं क्योंकि वारदात के समय वे घर पर मौजूद नहीं थे या किसी अन्य जगह पर थे। पुलिस के अनुसार, फारूक अपने पिता दाऊद और मां असगरी से पहले से अलग रह रहा था और परिवार में अक्सर बहस व झगड़े होते रहते थे।
घटना के खुलासे के बाद ताहिरा के मायके पक्ष ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और जब पुलिस फारूक को हिरासत में लेकर जा रही थी, तब कुछ लोगों ने कथित तौर पर उसे घेरने और हमला करने की कोशिश भी की। मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया, ताकि गांव में कानून व्यवस्था बिगड़ने से रोकी जा सके।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच
शामली पुलिस ने फारूक को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ तिहरे हत्या (ट्रिपल मर्डर) का मामला दर्ज कर लिया है। एसपी एन पी सिंह ने मीडिया से कहा कि पूछताछ में आरोपी ने अपराध कबूल कर लिया है और उसने बुर्का विवाद, घरेलू झगड़े, आर्थिक तनाव एवं ‘अपमान’ की भावना को हत्या का कारण बताया है।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि हत्या में इस्तेमाल हुई पिस्तौल कहां से लाई गई, क्या वह लाइसेंसी थी या अवैध। कुछ रिपोर्टों में दावा है कि फारूक ने हथियार खरीदने और गड्ढा तैयार करने की योजना पहले ही बना ली थी, जिससे यह घटना अचानक गुस्से में हुई ‘क्राइम ऑफ पैशन’ से ज्यादा ‘प्रि-प्लांड मर्डर’ की तरह दिख रही है। आगे की जांच में फॉरेंसिक रिपोर्ट, पोस्टमार्टम और इलेक्ट्रॉनिक/कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स से भी सुराग जुटाए जा रहे हैं।
‘इज्जत’ के नाम पर बढ़ती घरेलू हिंसा की चिंता
यह मामला केवल एक क्राइम स्टोरी नहीं, बल्कि समाज में ‘इज्जत’, कपड़े और महिला की स्वतंत्रता से जुड़े विकृत नजरिए की खतरनाक मिसाल भी है। सिर्फ बुर्का या हिजाब न पहनने पर पत्नी की ‘इज्जत’ से जोड़कर हत्या तक पहुंच जाना दिखाता है कि कैसे पितृसत्तात्मक सोच और कंट्रोल की चाह घरेलू हिंसा को क्रूर अपराध में बदल सकती है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि घरेलू विवाद, आर्थिक तनाव, नशा, मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं और ‘ऑनर’ के नाम पर समाज क्या कहेगा, इन सबका कॉम्बिनेशन कई बार अत्यधिक हिंसक घटनाओं का कारण बनता है। इस तरह की वारदातें यह भी याद दिलाती हैं कि घरेलू झगड़ों को ‘घर का मामला’ कहकर नज़रअंदाज़ करना, समय रहते काउंसलिंग और लीगल हेल्प न लेना कितना खतरनाक साबित हो सकता है।
घरेलू हिंसा रोकने के लिए क्या किया जा सकता है?
ऐसे मामलों को पूरी तरह रोकना आसान नहीं, लेकिन कुछ कदम जोखिम को कम कर सकते हैं:
- परिवार के भीतर संवाद की संस्कृति: पति-पत्नी और दोनों पक्षों के परिजन विवाद को शांतिपूर्वक सुलझाने के लिए बात करें, न कि कपड़ों या व्यवहार पर एकतरफा नियंत्रण थोपें।
- समय रहते शिकायत: किसी भी तरह की धमकी, शारीरिक हिंसा या लगातार मानसिक प्रताड़ना पर तुरंत भरोसेमंद लोगों, महिलाओं की हेल्पलाइन या पुलिस से संपर्क करना चाहिए।
- कानूनी और काउंसलिंग सपोर्ट: घरेलू विवादों के लिए फैमिली काउंसलिंग, महिला आयोग, लीगल एड क्लिनिक और NGOs की सेवाएं लेना, ताकि तनाव हत्याकांड तक न पहुंचे।
5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
- सवाल: शामली का यह तिहरा हत्याकांड कहाँ हुआ और आरोपी कौन है?
जवाब: यह घटना उत्तर प्रदेश के शामली जिले के कांधला थाना क्षेत्र के गरही/घारी दौलत गांव में हुई। आरोपी का नाम फारूक (या फारुख) है, जो वहीं का निवासी है। - सवाल: हत्या की मुख्य वजह क्या बताई जा रही है?
जवाब: पुलिस और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, फारूक अपनी पत्नी ताहिरा के बिना बुर्का पहनकर मायके जाने से नाराज था। वह इसे अपनी ‘इज्जत पर धब्बा’ मान रहा था, साथ ही घरेलू कलह और आर्थिक तनाव भी चल रहा था। - सवाल: हत्या कैसे की गई और लाशें कहाँ मिलीं?
जवाब: फारूक ने 9–10 दिसंबर की रात ताहिरा को चाय बनाने के बहाने बुलाकर गोली मार दी, फिर बड़ी बेटी आफरीन को गोली मारी और छोटी बेटी सेहरीम/शैरीन का गला दबाकर हत्या की। तीनों शव घर के आंगन में सात फुट गहरे गड्ढे में दफन मिले। - सवाल: मामला सामने कैसे आया?
जवाब: ताहिरा और दोनों बेटियाँ छह दिन तक दिखाई नहीं दीं तो फारूक के पिता ने पुलिस से शिकायत की। पूछताछ में फारूक के गोलमोल जवाबों से शक गहरा गया, सख्ती से पूछने पर उसने अपराध कबूल किया और खुदाई में तीनों शव बरामद हुए। - सवाल: आगे पुलिस क्या कर रही है?
जवाब: फारूक को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ तिहरे हत्या का केस दर्ज किया गया है। पुलिस हथियार की सप्लाई, हत्या की साजिश, आर्थिक और पारिवारिक विवाद समेत सभी एंगल की जांच कर रही है और फॉरेंसिक व पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
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