कर्नाटक के बागलकोट में शिव जयंती के जुलूस के दौरान कथित पथराव हुआ, जिसमें SP सिद्धार्थ गोयल समेत दो पुलिसकर्मी घायल हुए। घटना ओल्ड सिटी में पांका मस्जिद के सामने बताई गई। पुलिस CCTV व जुलूस की वीडियो फुटेज जांच रही है और 19–24 फरवरी तक धारा 163 (BNS) के तहत निषेधाज्ञा लागू की गई है।
शिव जयंती जुलूस के सामने मस्जिद के पास पथराव: SP के कंधे पर लगी चोट, 19–24 फरवरी तक निषेध आदेश लागू
बागलकोट में शिव जयंती जुलूस के दौरान पथराव: SP समेत दो पुलिसकर्मी घायल, CCTV फुटेज की जांच
कर्नाटक के बागलकोट में छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती के अवसर पर निकाले गए जुलूस के दौरान कथित तौर पर पथराव किया गया, जिसमें दो पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। घायलों में बागलकोट के पुलिस अधीक्षक (SP) सिद्धार्थ गोयल भी शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना गुरुवार को बागलकोट के ओल्ड सिटी इलाके में उस समय हुई, जब जुलूस पांका मस्जिद के सामने से गुजर रहा था।
SP सिद्धार्थ गोयल ने बताया कि जुलूस लगभग 3:30 बजे निकाला गया था और वे खुद मौके पर मौजूद थे। उनके अनुसार, जैसे ही जुलूस मस्जिद के पास पहुंचा, दूर से दो पत्थर फेंके गए। एक पत्थर उनके कंधे पर लगा, जबकि दूसरा एक पुलिस कांस्टेबल को लगा। SP ने यह भी कहा कि किसी को गंभीर चोट नहीं आई, जुलूस इसके बाद भी शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ता रहा और इलाके में माहौल सामान्य रहा।
पुलिस की कार्रवाई: वीडियो समीक्षा, अतिरिक्त तैनाती और सख्त कदम
घटना के बाद पुलिस ने तुरंत इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त बल तैनात किया गया है। पुलिस प्रशासन जुलूस की रिकॉर्डिंग और CCTV कैमरों की फुटेज की समीक्षा कर रहा है ताकि पत्थर फेंकने वालों की पहचान की जा सके। SP ने कहा कि जिस जगह यह घटना हुई, वह CCTV निगरानी में है, और जुलूस की वीडियो रिकॉर्डिंग भी उपलब्ध है—इन सबकी जांच के आधार पर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ऐसे मामलों में पहचान और साक्ष्य बहुत महत्वपूर्ण होते हैं, इसलिए पुलिस आमतौर पर फुटेज, चश्मदीदों के बयान और मोबाइल वीडियो के आधार पर एक स्पष्ट टाइमलाइन बनाती है। बागलकोट में भी पुलिस इसी दिशा में आगे बढ़ रही है ताकि अफवाहों की जगह तथ्यों के आधार पर कार्रवाई हो और स्थिति बिगड़े नहीं।
धारा 163 (BNS) के तहत निषेधाज्ञा: 19 से 24 फरवरी तक प्रतिबंध
कानून-व्यवस्था की स्थिति को और बिगड़ने से रोकने के लिए बागलकोट के कुछ हिस्सों में निषेधाज्ञा जैसे प्रतिबंध लगाए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita) की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश 19 फरवरी की आधी रात से 24 फरवरी की आधी रात तक लागू किए गए हैं। इसका उद्देश्य भीड़ जुटने, संभावित उकसावे और दोबारा हिंसा जैसी घटनाओं को रोकना है।
इस तरह के प्रतिबंध आमतौर पर संवेदनशील इलाकों में अस्थायी तौर पर लगाए जाते हैं ताकि पुलिस जांच शांतिपूर्वक कर सके और किसी भी पक्ष को कानून अपने हाथ में लेने से रोका जा सके। प्रशासन का फोकस इस समय “शांति बनाए रखने” और “दोषियों की पहचान”—दोनों पर है।
घटना से जुड़े प्रमुख तथ्य एक नजर में
तालिका: बागलकोट पथराव घटना—मुख्य बातें
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| घटना | शिव जयंती जुलूस के दौरान कथित पथराव |
| स्थान | ओल्ड सिटी, पांका मस्जिद के सामने (रिपोर्ट) |
| समय | जुलूस लगभग 3:30 pm पर निकला |
| घायल | SP सिद्धार्थ गोयल और एक पुलिस कांस्टेबल |
| हालात | “गंभीर चोट नहीं”, जुलूस जारी रहा, माहौल शांत |
| कार्रवाई | CCTV/वीडियो फुटेज की समीक्षा, अतिरिक्त बल तैनात, सख्त कार्रवाई का आश्वासन |
| प्रतिबंध | BNS धारा 163 के तहत 19–24 फरवरी तक निषेधाज्ञा/प्रतिबंधात्मक आदेश |
कानून-व्यवस्था के लिहाज से आगे क्या?
इस तरह की घटनाओं में सबसे बड़ा जोखिम अफवाहों और उकसावे से हालात बिगड़ने का होता है। इसलिए पुलिस की कोशिश रहती है कि वह जल्दी से जल्दी आरोपियों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई करे और साथ ही संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त निगरानी रखे। बागलकोट में भी पुलिस ने बताया कि स्थिति शांत है, लेकिन सतर्कता के तौर पर तैनाती और मॉनिटरिंग बढ़ाई गई है।
आम लोगों के लिए जरूरी है कि वे किसी भी अपुष्ट वीडियो/मैसेज को आगे न बढ़ाएं और अगर किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी हो तो स्थानीय पुलिस को सूचित करें। इससे शांति बनाए रखने और जांच में मदद मिलती है।
FAQs (5)
- बागलकोट में क्या हुआ?
शिव जयंती के जुलूस के दौरान कथित तौर पर पत्थर फेंके गए, जिसमें बागलकोट के SP सिद्धार्थ गोयल और एक पुलिस कांस्टेबल घायल हुए। - पथराव कहां हुआ बताया गया है?
रिपोर्ट के अनुसार, जुलूस जब ओल्ड सिटी इलाके में पांका मस्जिद के सामने से गुजर रहा था, तब पत्थर फेंके गए। - क्या किसी को गंभीर चोट आई?
SP के अनुसार, एक पत्थर उनके कंधे पर और दूसरा कांस्टेबल को लगा, लेकिन किसी को बड़ी/गंभीर चोट नहीं आई और जुलूस शांतिपूर्वक आगे बढ़ गया। - पुलिस क्या कार्रवाई कर रही है?
पुलिस CCTV निगरानी और जुलूस की वीडियो रिकॉर्डिंग की फुटेज की जांच कर रही है, इलाके में पर्याप्त बल तैनात है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। - धारा 163 (BNS) के तहत क्या आदेश लगाए गए हैं?
बागलकोट के कुछ हिस्सों में कानून-व्यवस्था बिगड़ने से रोकने के लिए 19 फरवरी की आधी रात से 24 फरवरी की आधी रात तक धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक/निषेध आदेश लागू किए गए हैं।
Leave a comment