मणिपुर में राज्यव्यापी सर्च ऑपरेशनों के दौरान सुरक्षा बलों ने AK-47 राइफल, कई ग्रेनेड, हाई-एक्सप्लोसिव बम और IED बरामद किए। इम्फाल वेस्ट और तेंग्नौपाल (मोरेह) सहित कई जिलों में कार्रवाई हुई, 3 प्रतिबंधित संगठनों के कैडर गिरफ्तार हुए और 20 एकड़ पॉप्पी खेती नष्ट की गई।
मणिपुर में कॉर्डन-एंड-सर्च: लोइतांग पहाड़ियों से AK-47 ‘घातक’ राइफल और IED, मोरेह में चाइनीज ग्रेनेड नष्ट
मणिपुर में राज्यव्यापी सर्च ऑपरेशन: AK-47, ग्रेनेड और IED बरामद, 3 कैडर गिरफ्तार
मणिपुर में सुरक्षा बलों ने कई जिलों में एक साथ चलाए गए सर्च और एरिया डोमिनेशन ऑपरेशन के दौरान AK-47 राइफल, कई ग्रेनेड, इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइसेस (IEDs) और अन्य हथियार-गोला बारूद बरामद किए हैं। मणिपुर पुलिस के मुताबिक, मंगलवार को राज्य में समग्र कानून-व्यवस्था की स्थिति सामान्य बनी रही, लेकिन सीमावर्ती और संवेदनशील इलाकों में सर्च अभियान लगातार जारी हैं। यह जानकारी इम्फाल से 18 फरवरी को जारी प्रेस नोट के जरिए दी गई।
इन ऑपरेशनों का उद्देश्य “फ्रिंज और वल्नरेबल” इलाकों में सक्रिय आपराधिक/उग्रवादी नेटवर्क पर दबाव बनाना, हथियारों की बरामदगी करना और संभावित हिंसा की घटनाओं को पहले ही रोकना बताया गया है। पुलिस ने साथ ही जनता से अफवाहों पर भरोसा न करने, अनवेरिफाइड वीडियो-ऑडियो क्लिप शेयर न करने और फेक पोस्ट फैलाने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।
इम्फाल वेस्ट में बरामदगी: ग्रेनेड, हाई-एक्सप्लोसिव बम और गोला-बारूद
इम्फाल वेस्ट जिले में वांगोई पुलिस स्टेशन के अंतर्गत हियांगथांग ताराहेई अवांग लेईकाई के फुटहिल इलाके से सुरक्षा बलों ने तीन हैंड ग्रेनेड, एक हाई एक्सप्लोसिव बम, अलग-अलग कैलिबर की 15 लाइव राउंड गोलियां, 5.56 mm की चार खाली कारतूस (empty cases), एक ट्यूब लॉन्चर और “green 90 AKFG” मार्किंग वाले दो अज्ञात विस्फोटक बरामद किए। पुलिस के अनुसार, यह बरामदगी उन इलाकों में “एरिया डोमिनेशन” के दौरान हुई, जहां पहले भी सुरक्षा जोखिम का आकलन किया जाता रहा है।
इस तरह की बरामदगी यह संकेत देती है कि कुछ समूह या अपराधी नेटवर्क अभी भी विस्फोटक सामग्री और हथियार छिपाकर रखने की कोशिश कर रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियां आम तौर पर ऐसी सामग्री को इकट्ठा करने के बाद फॉरेंसिक जांच और लिंक-विश्लेषण के जरिए सप्लाई चेन व हैंडलर्स तक पहुंचने की कोशिश करती हैं।
लोइतांग पहाड़ियों से AK-47 ‘घातक’, .303 राइफलें और 5 IED
एक अलग ऑपरेशन में, सेक्माई पुलिस स्टेशन के अंतर्गत लोइतांग लेईकिन्थाबी हिल रेंज से सुरक्षा बलों ने एक AK-47 ‘घातक’ राइफल (मैगजीन सहित), दो .303 राइफलें, एक डबल-बैरल राइफल, एक सिंगल-बैरल राइफल, तीन No.36 HE ग्रेनेड और पांच IED बरामद किए। मणिपुर पुलिस के अनुसार, यह बरामदगी राज्य में हथियारों की “हिडन डिपॉजिट” जैसी संभावनाओं को लेकर चिंता बढ़ाती है और सर्च ड्राइव को और तेज करने की जरूरत दिखाती है।
इन हथियारों का मिश्रण (AK-47, .303, शॉटगन जैसी राइफलें और IED) बताता है कि अलग-अलग स्रोतों से सामग्री जुटाई गई हो सकती है। सुरक्षा एजेंसियां आम तौर पर सीरियल नंबर, निर्माण-विशेषताओं और स्थानीय नेटवर्क इनपुट के जरिए यह पता लगाने की कोशिश करती हैं कि हथियार किस रूट से आए और किसके लिए रखे गए थे।
मोरेह के पास BP-72 क्षेत्र में पिस्तौलें और ‘चाइनीज’ ग्रेनेड; मौके पर नष्ट
तेंग्नौपाल जिले में मोरेह पुलिस स्टेशन के अंतर्गत BP-72 के पास यांगौबुंग इलाके में हुई कार्रवाई में दो पिस्तौल (मैगजीन सहित) और दो चीनी हैंड ग्रेनेड बरामद किए गए। मणिपुर पुलिस के मुताबिक, इन ग्रेनेड्स को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। सीमावर्ती मोरेह इलाका रणनीतिक रूप से संवेदनशील माना जाता है, इसलिए यहां किसी भी विस्फोटक बरामदगी को उच्च जोखिम के तौर पर देखा जाता है।
सीमावर्ती इलाकों में ऐसे ऑपरेशन सिर्फ कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं होते, बल्कि सीमा सुरक्षा, तस्करी रूट और हथियारों के मूवमेंट से भी जुड़े होते हैं। इसी वजह से स्थानीय पुलिस के अलावा अन्य सुरक्षा एजेंसियों की इंटेलिजेंस भी इन ऑपरेशनों में भूमिका निभाती है।
कॉर्डन-एंड-सर्च में 3 प्रतिबंधित संगठनों के ‘एक्टिव कैडर’ गिरफ्तार
इंटेलिजेंस-बेस्ड कॉम्बिंग और कॉर्डन-एंड-सर्च ऑपरेशन के तहत पुलिस ने “उगाही (extortion) और आपराधिक गतिविधियों” पर फोकस करते हुए तीन प्रतिबंधित संगठनों के एक्टिव कैडर को गिरफ्तार किया। इनमें:
- KCP (PWG) का कथित उगाहीकर्ता कैडर: हुइनिंगसुम्बम सुरेश मेइतेई उर्फ कलाम्बुस उर्फ लायन (34), जिसे सिंगजामेई थाना क्षेत्र में उसके घर से गिरफ्तार किया गया; एक दोपहिया वाहन और मोबाइल फोन जब्त हुआ।
- UNLF (Koireng) का कैडर: हाओबम बिजॉय उर्फ नanao उर्फ जॉय (37), जिसे लामशांग थाना क्षेत्र के लमलोंगेई मणिंग लेईकाई से गिरफ्तार किया गया; मोबाइल फोन और आधार कार्ड जब्त हुआ।
- RPF/PLA का कैडर: लैशराम बसंता सिंह उर्फ रतन उर्फ इथोई (53), जिसे थौबल जिले के खंगाबोक क्षेत्र से पकड़ा गया; पुलिस के अनुसार वह भर्ती (recruitment), सुरक्षा बलों की मूवमेंट पर नजर रखने और हैंडलर्स को जानकारी भेजने में शामिल था।
इन गिरफ्तारियों का महत्व इसलिए भी है क्योंकि उगाही नेटवर्क अक्सर हथियार, लॉजिस्टिक्स और स्थानीय डर के इकोसिस्टम को “फंड” करते हैं। पुलिस की रणनीति ऐसे मामलों में सिर्फ हथियार बरामदगी तक सीमित नहीं रहती, बल्कि नेटवर्क-डिसरप्शन की तरफ जाती है।
मणिपुर सेंट्रल जेल में मोबाइल-सिम इस्तेमाल का मामला: वार्डर गिरफ्तार, UPI ट्रांजैक्शन का पता
एक अलग घटनाक्रम में मणिपुर पुलिस ने मणिपुर सेंट्रल जेल, साजिवा (इम्फाल) के वार्डर साहीद शाह (35) को गिरफ्तार किया। आरोप है कि उसने कैदियों को अनधिकृत रूप से मोबाइल फोन इस्तेमाल करने में मदद की, जिनमें UAPA (Unlawful Activities (Prevention) Act) के तहत बंद कैदी भी शामिल थे। पुलिस ने कई मोबाइल फोन और SIM कार्ड जब्त किए और शुरुआती जांच में जेल परिसर के भीतर से वित्तीय लेनदेन (financial transactions) होने की बात सामने आई, जो आरोपी के UPI अकाउंट के जरिए किए गए।
पुलिस के अनुसार, इस मामले में हेइंगांग पुलिस स्टेशन (इम्फाल ईस्ट) में FIR दर्ज है और अब आगे की जांच यह पता लगाने पर केंद्रित है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल था। जेल के भीतर संचार और वित्तीय ट्रांजैक्शन की ऐसी जांच अक्सर बाहरी हैंडलर्स, उगाही और नेटवर्क कम्युनिकेशन से जुड़ सकती है।
20 एकड़ पॉप्पी प्लांटेशन नष्ट, अवैध लकड़ी परिवहन पर कार्रवाई
सुरक्षा बलों ने फॉरेस्ट डिपार्टमेंट के साथ मिलकर चुराचांदपुर जिले में संगाइकोट पुलिस स्टेशन के अंतर्गत हाप्पी मोल्लेन और चालजांग हिल रेंज में 20 एकड़ पॉप्पी प्लांटेशन नष्ट किया। वहां मौजूद एक झोपड़ी और सामग्री भी नष्ट की गई। मणिपुर में अवैध अफीम/पॉप्पी खेती को कई बार संगठित अपराध और हथियारों की फंडिंग से जोड़कर देखा जाता है, इसलिए ऐसी कार्रवाई को “फाइनेंस चैन” पर प्रहार माना जाता है।
इसके अलावा 17 फरवरी को सुरक्षा कर्मियों ने जिरीबाम जिले में एक ट्रक और 120 बीम्स (लकड़ी) को फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर को सौंपा। ट्रक के ड्राइवर और मालिक—दोनों राजस्थान के निवासी बताए गए—को अवैध लकड़ी परिवहन के आरोप में हिरासत में लिया गया।
नाकाबंदी, हाईवे सुरक्षा और जरूरी सामान की आवाजाही
मणिपुर पुलिस के अनुसार, पहाड़ी और घाटी जिलों में कुल 103 नाकों/चेकपॉइंट्स लगाए गए, हालांकि इस दौरान कोई डिटेंशन नहीं हुआ। NH-37 पर जरूरी सामान लेकर चलने वाले 203 वाहनों की आवाजाही को सुरक्षा व्यवस्था के साथ सुनिश्चित किया गया और संवेदनशील हिस्सों में काफिले (convoys) उपलब्ध कराए गए।
अधिकारियों ने जनता से यह भी अपील की कि वे अफवाहों पर भरोसा न करें और लूटे गए हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक तुरंत नजदीकी सुरक्षा बलों के पास लौटाएं। पुलिस ने चेतावनी दी कि सोशल मीडिया पर फेक पोस्ट फैलाने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
FAQs (5)
- मणिपुर में किन-किन हथियारों और विस्फोटकों की बरामदगी हुई?
राज्यव्यापी ऑपरेशनों में AK-47 राइफल, कई ग्रेनेड, हाई-एक्सप्लोसिव बम, IEDs और अन्य गोला-बारूद बरामद हुआ। - AK-47 और IEDs कहां से मिले?
सेक्माई पुलिस स्टेशन के अंतर्गत लोइतांग लेईकिन्थाबी हिल रेंज से एक AK-47 ‘घातक’ (मैगजीन सहित) और पांच IED सहित कई हथियार बरामद किए गए। - मोरेह इलाके में क्या बरामद हुआ?
तेंग्नौपाल जिले में मोरेह पुलिस स्टेशन के अंतर्गत BP-72 के पास यांगौबुंग इलाके से दो पिस्तौल (मैगजीन सहित) और दो चीनी हैंड ग्रेनेड बरामद हुए, जिन्हें मौके पर ही नष्ट किया गया। - किन प्रतिबंधित संगठनों के कैडर गिरफ्तार किए गए?
पुलिस ने KCP (PWG), UNLF (Koireng) और RPF/PLA के तीन एक्टिव कैडर गिरफ्तार किए, जिनमें एक पर उगाही और कुछ पर भर्ती/सूचना साझा करने जैसे आरोप बताए गए। - मणिपुर सेंट्रल जेल में क्या मामला सामने आया?
एक जेल वार्डर को कैदियों द्वारा अनधिकृत मोबाइल फोन उपयोग कराने के आरोप में गिरफ्तार किया गया; मोबाइल-सिम जब्त हुए और शुरुआती जांच में आरोपी के UPI अकाउंट के जरिए जेल के अंदर से वित्तीय लेनदेन का पता चला।
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