Home झारखण्ड उपायुक्त आदित्य रंजन की अध्यक्षता में जिला CSR समिति की बैठक संपन्न
झारखण्डराज्य

उपायुक्त आदित्य रंजन की अध्यक्षता में जिला CSR समिति की बैठक संपन्न

Share
Meeting of the District CSR Committee held under the chairmanship of Deputy Commissioner Aditya Ranjan.
Share

विकास कार्यों में दोहराव रोकने और पारदर्शिता पर सख्त निर्देश

धनबाद: शुक्रवार को समाहरणालय सभाकक्ष में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन की अध्यक्षता में जिला कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिले के विकास और जन-कल्याणकारी योजनाओं में सीएसआर फंड का सही व प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में सार्वजनिक व निजी क्षेत्र की कंपनियों के प्रतिनिधियों और जिला स्तरीय पदाधिकारियों ने भाग लिया।

मुख्य फोकस: स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचा

उपायुक्त आदित्य रंजन ने स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि सभी कंपनियां अपने सीएसआर फंड का एक बड़ा हिस्सा जिले के दूरदराज के क्षेत्रों में निम्नलिखित प्राथमिकताओं पर खर्च करें:

  • गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और स्कूलों का विकास।
  • स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और सुदृढ़ीकरण।
  • शुद्ध पेयजल की निर्बाध आपूर्ति।
  • आंगनवाड़ी केंद्रों का आधुनिकरण व सुदृढ़ीकरण।

योजनाओं में दोहराव (डुप्लीकेसी) रोकने के कड़े निर्देश

बैठक में उपायुक्त ने सभी कंपनियों, बैंकों एवं एजेंसियों को हिदायत दी कि जिले में किसी भी नई सीएसआर योजना को शुरू करने से पहले जिला सीएसआर समिति व सीएसआर सेल से अनिवार्य रूप से अनुमति व समन्वय प्राप्त करें।

“विभिन्न एजेंसियों द्वारा एक ही प्रकार की योजनाओं के दोहराव (डुप्लीकेसी) से संसाधनों का समुचित उपयोग प्रभावित होता है। सभी संस्थाएं प्रस्तावित योजनाओं की जानकारी पहले जिला सीएसआर टीम से साझा करें, ताकि विभिन्न क्षेत्रों में योजनाओं का संतुलित और धरातलीय क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।” — आदित्य रंजन, उपायुक्त, धनबाद

बैठक के मुख्य बिंदु एवं निर्देश

१. वित्तीय वर्ष 2026-27 के एक्शन प्लान पर चर्चा

औद्योगिक प्रतिष्ठानों को पूर्व में सौंपे गए दायित्वों एवं कार्यों की समीक्षा की गई। साथ ही, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों द्वारा सीएसआर मद के अंतर्गत प्रस्तावित Annual Action Plan पर गहन मंथन हुआ।

२. पारदर्शिता और समयबद्धता

उपायुक्त ने कंपनियों को निर्देश दिया कि वे जिन भी परियोजनाओं को हाथ में ले रही हैं, उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करें। कार्यों में पूरी पारदर्शिता बरती जाए और जिला प्रशासन के साथ नियमित रूप से प्रोग्रेस रिपोर्ट साझा की जाए।

३. रोजगार के लिए कौशल विकास (Skill Development)

युवाओं को आत्मनिर्भर और रोजगार से जोड़ने के लिए कंपनियों को स्थानीय स्तर पर विशेष स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रम चलाने के निर्देश दिए गए हैं।

४. केवल औपचारिकता नहीं, धरातल पर दिखें टिकाऊ कार्य

उपायुक्त ने दो टूक शब्दों में कहा कि सीएसआर के तहत खर्च होने वाली राशि जनता की संपत्ति है। कंपनियों को केवल कागजी औपचारिकता पूरी करने के बजाय धरातल पर दिखने वाले और टिकाऊ कार्य करने होंगे, जिससे धनबाद के नागरिकों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आ सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मुख्यालय स्तर पर लंबित प्रस्तावों को व्यक्तिगत रुचि लेकर जल्द से जल्द स्वीकृत कराएं।

बैठक में इनकी रही मुख्य उपस्थिति

इस उच्च स्तरीय बैठक में मुख्य रूप से निम्नलिखित अधिकारी व प्रतिनिधि उपस्थित रहे:

  • उप विकास आयुक्त (DDC)
  • जिला योजना पदाधिकारी
  • विभिन्न विभागों के कार्यपालक अभियंता
  • बीसीसीएल (BCCL), एमपीएल (MPL), हर्ल (HURL), टाटा स्टील के सीएसआर विंग के प्रमुख एवं प्रतिनिधि।
  • विभिन्न बैंकों एवं अन्य प्रमुख औद्योगिक प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधि।

Share
Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

NAMASTE Scheme Success Story: सीवर सफाई से ‘स्वच्छता उद्यमी’ बनने तक गाजियाबाद के अजय की कहानी

केंद्र सरकार की 'नमस्ते योजना' से स्वच्छता कर्मी अजय बने उद्यमी। जानें...

झारखंड भारतनेट फेज़-3 : 26,777 गांवों में पहुंचेगा हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड

झारखंड सरकार और भारत सरकार ने संशोधित भारतनेट कार्यक्रम (Phase-III) के लिए...