विकास कार्यों में दोहराव रोकने और पारदर्शिता पर सख्त निर्देश
धनबाद: शुक्रवार को समाहरणालय सभाकक्ष में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन की अध्यक्षता में जिला कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिले के विकास और जन-कल्याणकारी योजनाओं में सीएसआर फंड का सही व प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में सार्वजनिक व निजी क्षेत्र की कंपनियों के प्रतिनिधियों और जिला स्तरीय पदाधिकारियों ने भाग लिया।
मुख्य फोकस: स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचा
उपायुक्त आदित्य रंजन ने स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि सभी कंपनियां अपने सीएसआर फंड का एक बड़ा हिस्सा जिले के दूरदराज के क्षेत्रों में निम्नलिखित प्राथमिकताओं पर खर्च करें:
- गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और स्कूलों का विकास।
- स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और सुदृढ़ीकरण।
- शुद्ध पेयजल की निर्बाध आपूर्ति।
- आंगनवाड़ी केंद्रों का आधुनिकरण व सुदृढ़ीकरण।
योजनाओं में दोहराव (डुप्लीकेसी) रोकने के कड़े निर्देश
बैठक में उपायुक्त ने सभी कंपनियों, बैंकों एवं एजेंसियों को हिदायत दी कि जिले में किसी भी नई सीएसआर योजना को शुरू करने से पहले जिला सीएसआर समिति व सीएसआर सेल से अनिवार्य रूप से अनुमति व समन्वय प्राप्त करें।
“विभिन्न एजेंसियों द्वारा एक ही प्रकार की योजनाओं के दोहराव (डुप्लीकेसी) से संसाधनों का समुचित उपयोग प्रभावित होता है। सभी संस्थाएं प्रस्तावित योजनाओं की जानकारी पहले जिला सीएसआर टीम से साझा करें, ताकि विभिन्न क्षेत्रों में योजनाओं का संतुलित और धरातलीय क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।” — आदित्य रंजन, उपायुक्त, धनबाद
बैठक के मुख्य बिंदु एवं निर्देश
१. वित्तीय वर्ष 2026-27 के एक्शन प्लान पर चर्चा
औद्योगिक प्रतिष्ठानों को पूर्व में सौंपे गए दायित्वों एवं कार्यों की समीक्षा की गई। साथ ही, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों द्वारा सीएसआर मद के अंतर्गत प्रस्तावित Annual Action Plan पर गहन मंथन हुआ।
२. पारदर्शिता और समयबद्धता
उपायुक्त ने कंपनियों को निर्देश दिया कि वे जिन भी परियोजनाओं को हाथ में ले रही हैं, उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करें। कार्यों में पूरी पारदर्शिता बरती जाए और जिला प्रशासन के साथ नियमित रूप से प्रोग्रेस रिपोर्ट साझा की जाए।
३. रोजगार के लिए कौशल विकास (Skill Development)
युवाओं को आत्मनिर्भर और रोजगार से जोड़ने के लिए कंपनियों को स्थानीय स्तर पर विशेष स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रम चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
४. केवल औपचारिकता नहीं, धरातल पर दिखें टिकाऊ कार्य
उपायुक्त ने दो टूक शब्दों में कहा कि सीएसआर के तहत खर्च होने वाली राशि जनता की संपत्ति है। कंपनियों को केवल कागजी औपचारिकता पूरी करने के बजाय धरातल पर दिखने वाले और टिकाऊ कार्य करने होंगे, जिससे धनबाद के नागरिकों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आ सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मुख्यालय स्तर पर लंबित प्रस्तावों को व्यक्तिगत रुचि लेकर जल्द से जल्द स्वीकृत कराएं।
बैठक में इनकी रही मुख्य उपस्थिति
इस उच्च स्तरीय बैठक में मुख्य रूप से निम्नलिखित अधिकारी व प्रतिनिधि उपस्थित रहे:
- उप विकास आयुक्त (DDC)
- जिला योजना पदाधिकारी
- विभिन्न विभागों के कार्यपालक अभियंता
- बीसीसीएल (BCCL), एमपीएल (MPL), हर्ल (HURL), टाटा स्टील के सीएसआर विंग के प्रमुख एवं प्रतिनिधि।
- विभिन्न बैंकों एवं अन्य प्रमुख औद्योगिक प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधि।
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