● जिला भू-अर्जन कार्यालय में हुई समीक्षा बैठक, लंबित मामलों को जल्द निपटाने का निर्देश
● पथ निर्माण और नगर निगम की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं की हुई समीक्षा
धनबाद: जिले में चल रही विभिन्न महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं की रफ्तार बढ़ाने और जमीन मालिकों (रैयतों) को जल्द से जल्द मुआवजा दिलाने के लिए प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन के निर्देश पर बुधवार को जिला भू-अर्जन कार्यालय में एक उच्च स्तरीय समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। जिला भू-अर्जन पदाधिकारी राम नारायण खालको की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में विभिन्न विभागों की महत्वाकांक्षी योजनाओं की प्रगति की बारीकी से समीक्षा की गई।
बाधाएं दूर कर आपसी समन्वय से काम करने के निर्देश
बैठक में मुख्य रूप से पथ निर्माण विभाग और नगर निगम द्वारा संचालित की जा रही बड़ी परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति पर चर्चा हुई। जिला भू-अर्जन पदाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी विभाग आपसी तालमेल और समन्वय बनाकर भू-अर्जन के रास्ते में आ रही तकनीकी व प्रशासनिक बाधाओं को अविलंब दूर करें। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़ी विकास योजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए भू-अर्जन की प्रक्रिया में तेजी लाना बेहद जरूरी है।
पारदर्शी होगी मुआवजे की प्रक्रिया
रैयतों के हितों का ध्यान रखने की बात दोहराते हुए उन्होंने कहा कि मुआवजा भुगतान की पूरी प्रक्रिया को और अधिक सरल व पारदर्शी बनाया जाए। प्रशासन का उद्देश्य है कि जमीन देने वाले रैयतों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े और उन्हें निर्धारित समय के भीतर उनका उचित हक मिल सके।
तय समय सीमा में पूरा हो काम बैठक के अंत में सभी संबंधित अधिकारियों, अंचल निरीक्षकों और कर्मियों को कड़े निर्देश दिए गए कि वे अपने-अपने कार्यों को दी गई टाइमलाइन (समय सीमा) के भीतर ही पूरा करें, ताकि जिले के विकास कार्यों को और गति दी जा सके।
बैठक में ये रहे उपस्थित
इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला भू-अर्जन पदाधिकारी राम नारायण खालको के अलावा मुख्य रूप से:
- मिथलेश प्रसाद (कार्यपालक अभियंता, पथ निर्माण विभाग)
- पंकज कुमार (सहायक अभियंता)
- पुटकी, झरिया, टुंडी और बलियापुर अंचल कार्यालयों के अंचल निरीक्षक (सी.आई.)
- एनएचएआई (NHAI) के कनीय अभियंता एवं कार्यालय सहायक उपस्थित थे।
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