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क्या भारत ने 70% वर्ल्ड GDP को जीरो ड्यूटी एक्सेस खोल लिया? गोयल ने बताए 9 FTA के राज

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पीयूष गोयल ने कहा- 3 सालों में 9 FTA से भारत को 70% ग्लोबल GDP का ज़ीरो ड्यूटी एक्सेस मिला। EU, EFTA, UK समेत 38 अमीर देशों के बाजार खुले, स्टार्टअप्स को ग्लोबल बनने का मौका।

EFTA, UK, ऑस्ट्रेलिया FTA से भारत को क्या फायदा? 70% GDP अब जीरो टैरिफ?

पीयूष गोयल का बड़ा ऐलान: 70% ग्लोबल GDP अब भारत के लिए खुला!

12 फरवरी 2026 को नई दिल्ली में Pfizer INDovation Startup Showcase में वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने एक धमाकेदार बात कही। उन्होंने बताया कि भारत के फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स (FTA) अब दुनिया के 70 प्रतिशत GDP वाले मार्केट्स को कवर करते हैं और ज़्यादातर मामलों में भारतीय सामान को ज़ीरो ड्यूटी एक्सेस मिलता है। यानी आपका माल – चाहे टेक्सटाइल हो, फार्मा हो या इंजीनियरिंग गुड्स – बिना कस्टम ड्यूटी के उन देशों में घुस सकता है।

गोयल ने कहा कि पिछले तीन सालों में भारत ने नौ FTA साइन किए हैं, जो 38 देशों को कवर करते हैं। इनमें ज्यादातर हाई पर कैपिटा इनकम वाले अमीर देश हैं। पहले जापान, कोरिया और ASEAN के साथ डील थी, अब EU, EFTA (स्विट्जरलैंड, नॉर्वे, आइसलैंड, लिक्टेनस्टीन), UK, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड जैसे बड़े प्लेयर जुड़ गए।

स्टार्टअप्स को ग्लोबल सोचने का मैसेज

कार्यक्रम में मौजूद स्टार्टअप्स को संबोधित करते हुए गोयल ने साफ कहा – “भारतीय स्टार्टअप्स को दिन पहली तारीख से ग्लोबल सोचना चाहिए।” उनके मुताबिक इन FTA से ड्यूटी-फ्री एक्सेस मिल रहा है, तो क्यों न इन मार्केट्स को टारगेट करें। खासकर मेडिकल टेक्नोलॉजी वाले स्टार्टअप्स अफ्रीका, लैटिन अमेरिका, सेंट्रल एशिया, साउथईस्ट एशिया और विकसित देशों में कम कीमत पर अपना सामान बेच सकते हैं।

भारत में अब 2 लाख से ज्यादा स्टार्टअप्स रजिस्टर्ड हैं। कई ने CDSCO अप्रूवल ले लिया है, कुछ FDA क्लियरेंस के करीब हैं। गोयल ने इन्हें इंटरनेशनल ट्रेड फेयर में भाग लेने को कहा और मंत्रालय व 190 देशों में भारतीय मिशन्स से सपोर्ट का भरोसा दिया। MNCs से पार्टनरशिप कर ग्लोबल डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क यूज़ करने की सलाह भी दी।

पिछले तीन सालों के नौ FTA: कौन-कौन से देश?

गोयल ने डिटेल में बताया कि ये नौ डील्स तेजी से साइन हुईं। EU के साथ हाल ही में फाइनल हुई, जिसमें सर्विसेज और गुड्स दोनों पर फोकस है। EFTA डील में $100 बिलियन इनवेस्टमेंट कमिटमेंट है – पहले 10 साल में $50 बिलियन, अगले 5 में $50 बिलियन। ये FDI होगा, FPI नहीं, और रिन्यूएबल एनर्जी, लाइफ साइंसेज, मैन्युफैक्चरिंग जैसे सेक्टर्स में आएगा।

UK के साथ पोस्ट-ब्रेक्सिट FTA में टेक्सटाइल्स, ज्वेलरी, ऑटो पार्ट्स को ज़ीरो ड्यूटी मिली। ऑस्ट्रेलिया डील (2022 से एक्टिव) ने एग्री, मैन्युफैक्चरिंग को बूस्ट दिया। न्यूजीलैंड ने 100% भारतीय एक्सपोर्ट्स पर ज़ीरो ड्यूटी दी है – टेक्सटाइल, लेदर, इंजीनियरिंग गुड्स, फार्मा, फार्म प्रोडक्ट्स सब कवर। बदले में भारत ने 95% NZ एक्सपोर्ट्स पर टैरिफ कट किए। ASEAN पुरानी डील है, लेकिन अब अपडेटेड।

इन FTA से भारत को क्या फायदा?

पहला फायदा – मार्केट एक्सेस। दुनिया का 70% GDP मतलब $80 ट्रिलियन से ज्यादा का बाजार, जहाँ भारतीय माल बिना ड्यूटी के बिकेगा। एक्सपोर्टर्स को लागत कम होगी, कॉम्पिटिटिव एज मिलेगा। दूसरा, इनवेस्टमेंट – EFTA का $100 बिलियन, NZ का $20 बिलियन जैसे कमिटमेंट्स से फैक्ट्रीज़, जॉब्स बढ़ेंगी।

तीसरा, सर्विस मोबिलिटी – IT, हेल्थकेयर, एजुकेशन प्रोफेशनल्स के लिए वीजा आसान। NZ में AYUSH डॉक्टर्स, योग टीचर्स, इंडियन शेफ्स को एक्सेस मिला। स्टार्टअप्स को ग्लोबल स्केलिंग आसान होगी।

चुनौतियाँ भी हैं इन FTA में

हर डील का फायदा लेने के लिए भारत को अपना सामान क्वालिटी में अपग्रेड करना होगा। विकसित देशों के स्टैंडर्ड्स हाई हैं – FDA, CE सर्टिफिकेशन ज़रूरी। छोटे एक्सपोर्टर्स को लॉजिस्टिक्स, पैकेजिंग, मार्केटिंग में स्किल्स सीखनी पड़ेंगी। गोयल ने फेलियर को “स्टेपिंग स्टोन” बताया, लेकिन रियलिटी ये है कि कॉम्पिटिशन कठिन होगा।

कुछ डील्स में सेंसिटिव सेक्टर्स जैसे डेयरी, एग्री पर प्रोटेक्शन रखा गया, लेकिन लंबे समय में टैरिफ ज़ीरो हो जाएंगे। सरकार को MSMEs को ट्रेनिंग, सब्सिडी देनी होगी।

स्टार्टअप्स के लिए गोल्डन चांस

भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम दुनिया में तीसरा सबसे बड़ा है। इन FTA से फार्मा, मेडटेक, IT स्टार्टअप्स को बड़ा बूस्ट। अफोर्डेबल मेडिकल डिवाइसेस अफ्रीका-अमेरिका तक बेच सकेंगे। गोयल ने MNCs से कोलैबोरेशन पर ज़ोर दिया – उनके डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क यूज़ करो।

सरकार सपोर्ट दे रही – ट्रेड फेयर्स, एक्सपो में स्टॉल्स, इंडियन एम्बेसी से हेल्प। 2047 तक विकसित भारत का विज़न इन्हीं डील्स से पंगा।​

ग्लोबल ट्रेड में भारत की नई ताकत

ये FTA भारत को ग्लोबल सप्लाई चेन का हब बनाने में मदद करेंगे। चीन+1 स्ट्रैटेजी में भारत फिट बैठ रहा। एक्सपोर्ट टारगेट $1 ट्रिलियन का अब रियल लग रहा। लेकिन सफलता के लिए प्रोडक्शन बढ़ाना, स्किल्स अपग्रेड और पॉलिसी स्टेबिलिटी ज़रूरी।

गोयल का मैसेज साफ है – दुनिया का दरवाजा खुल गया, अब गेंद भारतीय बिजनेस और स्टार्टअप्स के पाले में। मौका हाथ से न जाने दो!

FAQs (Hindi)

  1. प्रश्न: पीयूष गोयल ने 70% ग्लोबल GDP एक्सेस का क्या मतलब बताया?
    उत्तर: भारत के FTA अब दुनिया के 70% GDP वाले मार्केट्स को कवर करते हैं, जहाँ ज़्यादातर भारतीय सामान को ज़ीरो ड्यूटी मिलती है।
  2. प्रश्न: पिछले तीन सालों में कौन-कौन से नौ FTA साइन हुए?
    उत्तर: EU, EFTA, UK, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड समेत 38 देशों के साथ; पहले जापान, कोरिया, ASEAN।
  3. प्रश्न: EFTA डील में भारत को कितना इनवेस्टमेंट मिलेगा?
    उत्तर: $100 बिलियन – पहले 10 साल $50 बिलियन, अगले 5 में $50 बिलियन, मैन्युफैक्चरिंग, रिन्यूएबल्स में।
  4. प्रश्न: न्यूजीलैंड FTA से भारतीय एक्सपोर्टर्स को क्या फायदा?
    उत्तर: 100% भारतीय एक्सपोर्ट्स पर ज़ीरो ड्यूटी, टेक्सटाइल, फार्मा, इंजीनियरिंग गुड्स को बड़ा बूस्ट।
  5. प्रश्न: स्टार्टअप्स को गोयल ने क्या सलाह दी?
    उत्तर: दिन 1 से ग्लोबल सोचो, ट्रेड फेयर्स जाओ, MNCs से पार्टनरशिप करो; सरकार 190 देशों में सपोर्ट देगी।
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