दिल्ली में प्रदूषण बढ़ा तो BJP डिप्टी CM परवेश वर्मा ने AAP-केजरीवाल पर 11 साल की नाकामी का आरोप लगाया। GRAP-IV से गैर-BS-VI गाड़ियां बंद, कचरा हटाओ, यमुना सफाई शुरू। AAP ने BJP को फेल बताया!
दिल्ली का जहरीला हवा का खेल: 11 साल AAP नाकाम, BJP 9 महीने में सड़क पर उतरी!
दिल्ली का प्रदूषण संकट: BJP डिप्टी CM परवेश वर्मा ने AAP-केजरीवाल पर साधा निशाना
18 दिसंबर 2025 को दिल्ली की हवा जहरीली हो गई तो राजनीति गरमा गई। डिप्टी चीफ मिनिस्टर और BJP नेता परवेश वर्मा ने पूर्व AAP सरकार को दोषी ठहराया। कहा, दिल्लीवासी AAP की गलतियों की सजा भुगत रहे। वर्मा ने माना कि टॉक्सिक एयर बड़ा खतरा है, लेकिन AAP ने 11 साल में कंक्रीट स्टेप्स नहीं लिए। अब ड्रामा कर रही।
मीडिया से बातचीत में वर्मा ने अरविंद केजरीवाल पर तीखा प्रहार किया। बोले, संसद में प्रदूषण पर चर्चा हो रही। जो काम दिख रहे – कचरे के पहाड़ हटाना, फुटपाथ सुधारना, ई-वेस्ट मैनेजमेंट, यमुना सफाई, सड़कें साफ करना – ये सब सरकार का काम था। AAP को 11 साल में करना चाहिए था। अगर आधा भी होता तो बाकी हम करते। लेकिन केजरीवाल ने एक भी काम नहीं किया।
BJP सरकार फरवरी 20, 2025 से सत्ता में है – सिर्फ 9 महीने। CM और सभी मंत्री दिल्ली की सड़कों पर उतरे। हर प्रोग्राम में सफलता मिली। वर्मा बोले, प्रदूषण एक साल की समस्या नहीं। सालों से बढ़ रहा। केजरीवाल ने थोड़ा भी काम किया होता तो बाकी बच जाता। लेकिन उन्होंने दिल्लीवालों को धोखा दिया।
AAP का जवाब: BJP फेल, जनता को बेवकूफ बना रही
AAP विधायक सौरभ भारद्वाज ने BJP पर पलटवार किया। कहा, BJP सरकार लोगों को बेवकूफ बना रही। BS-VI से नीचे वाली गाड़ियों का एंट्री-एग्जिट चेकिंग नहीं। प्रदूषण से हेल्थ कंसर्न बढ़े। GRAP-IV के सख्त कदम चले: गैर-दिल्ली प्राइवेट व्हीकल्स (नॉन-BS-VI) पर बैन, पेट्रोल पंप पर ‘नो PUC, नो फ्यूल’। 126 चेकपॉइंट्स पर 580 पुलिसकर्मी तैनात।
वर्मा ने कहा, प्रदूषण 4-6 महीने में नहीं सुधरेगा। सालों लगेंगे। सख्त नियम नहीं लगाएंगे। दिल्लीवालों का सहयोग चाहिए, एडवाइजरी फॉलो करें।
BJP के 9 महीने के एक्शन: एक नजर
- कचरे के पहाड़ हटाना: दिल्ली की सड़कों से टन भर गंदगी साफ।
- फुटपाथ रिपेयर: पैदल चलने लायक बनाना, डस्ट कम।
- ई-वेस्ट मैनेजमेंट: इलेक्ट्रॉनिक कचरा सही तरीके से डिस्पोज।
- यमुना सफाई: नदी को प्रदूषण मुक्त करने की मुहिम।
- सड़कें साफ: रोजाना स्वीपिंग, वॉटर स्प्रिंकलिंग।
वर्मा का दावा: ये सब AAP को 11 साल पहले करना था।
GRAP-IV के सख्त उपाय: क्या-क्या बंद
| उपाय | विवरण | प्रभाव |
|---|---|---|
| गैर-BS-VI व्हीकल बैन | नॉन-दिल्ली प्राइवेट कारें बंद | ट्रैफिक 20-30% कम |
| नो PUC, नो फ्यूल | पेट्रोल पंप पर सख्ती | पॉल्यूटिंग व्हीकल्स रोक |
| 126 चेकपॉइंट्स | 580 पुलिस तैनात, बॉर्डर पर | कंप्लायंस चेक |
| इंडस्ट्रीयल कर्फ्यू | पॉल्यूशन सोर्स बंद | AQI में सुधार |
दिल्ली प्रदूषण का इतिहास: आंकड़े चौंकाने वाले
दिल्ली का AQI अक्सर 400+ पार करता। नवंबर-दिसंबर में स्टबल बर्निंग से पीक। CPCB डेटा: 2024 में 100+ ‘सीवियर’ दिन। हेल्थ इफेक्ट्स: सांस की बीमारियां 2 गुना, बच्चे-बुजुर्ग प्रभावित। WHO स्टैंडर्ड से 10-15 गुना ज्यादा PM2.5। पड़ोसी स्टेट्स (हरियाणा, पंजाब, UP) का योगदान 60%। व्हीकल्स 30%, इंडस्ट्री-डस्ट 10%।
राजनीतिक ब्लेम गेम क्यों?
AAP कहती BJP सेंट्रल कंट्रोल में फेल। BJP बोलती AAP लोकल बॉडीज (MCD) पर राज करती रही। फरवरी 2025 में BJP ने MCD जीता। केजरीवाल जेल में, AAP कमजोर। प्रदूषण बड़ा इश्यू – 2025 चुनावों पर असर। वर्मा का मैसेज: सहयोग से हल, ड्रामा से नहीं।
लंबे समय का समाधान: क्या चाहिए?
प्रदूषण रूटीन चेंज से सुधरेगा। इलेक्ट्रिक व्हीकल्स बढ़ाओ, ग्रीन हाइवे, वेस्ट टू एनर्जी प्लांट्स। यमुना एक्शन प्लान रिवाइव। रीजनल कोऑर्डिनेशन: NCR स्टेट्स मिलकर। साइंटिफिक तरीके: रेन वॉटर हार्वेस्टिंग, ट्री प्लांटेशन। जनता की भूमिका: कार पूलिंग, मास्क यूज।
5 FAQs
- परवेश वर्मा ने AAP पर क्या आरोप लगाया?
11 साल में कचरा हटाना, यमुना सफाई जैसे काम न करना। दिल्लीवासी AAP की सजा भुगत रहे। - GRAP-IV में क्या सख्ती हुई?
गैर-BS-VI नॉन-दिल्ली कारें बंद, नो PUC नो फ्यूल, 126 चेकपॉइंट्स पर 580 पुलिस। - AAP ने BJP पर क्या कहा?
लोगों को बेवकूफ बना रही, BS-VI चेकिंग नहीं। - BJP सरकार कब सत्ता में आई?
फरवरी 20, 2025 से, 9 महीने पूरे। - प्रदूषण कब सुधरेगा?
वर्मा बोले, सालों लगेंगे। जन सहयोग से धीरे-धीरे।
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