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CJI बीआर गवैया का संदेश: बड़ा बनने के बाद भी अपनी संस्कृति न भूलें

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BR Gavai Addresses Students on Culture and Justice at UP College
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मुख्य न्यायाधीश बीआर गवैया ने कहा कि चाहे कोई कितना भी बड़ा हो, उसे अपनी संस्कृति से जुड़े रहना चाहिए और न्याय प्रदान करने का अवसर सबसे बड़ी दौलत है।

यूपी के महेश्वरी प्रसाद इंटर कॉलेज में CJI बीआर गवैया ने छात्रों को संबोधित किया

मुख्य न्यायाधीश (CJI) बीआर गवैया ने उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले के महेश्वरी प्रसाद इंटर कॉलेज के वार्षिक कार्यक्रम में छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति को चाहे वह कितना भी बड़ा क्यों न हो, अपनी जड़ों और संस्कृति को कभी नहीं भूलना चाहिए। उन्होंने न्यायपालिका में कार्य करने का अवसर किसी भी धन-दौलत से बड़ा माना।

  • गवैया ने कहा, “कोई भी अपनी मिट्टी से अपने संबंध को न तोड़े। चाहे कोई कितना बड़ा हो जाए, उसे अपनी संस्कृति को नहीं भूलना चाहिए।”
  • उन्होंने बताया कि पहले वे एक सफल वकील थे, लेकिन न्यायधीश बनने का मौका उन्हें सामाजिक और आर्थिक न्याय प्रदान करने का बड़ा अवसर देता है।
  • गवैया ने छात्रों को प्रेरित किया कि वे महान व्यक्तित्वों से प्रेरणा लें और देश के उज्जवल भविष्य के लिए मेहनत करें।

कॉलेज और कार्यक्रम के बारे में

  • महेश्वरी प्रसाद इंटर कॉलेज की स्थापना 1966 में देवेंद्र नाथ द्वारा की गई थी, जो सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश विक्रम नाथ के पिता थे।
  • कार्यक्रम में CJI गवैया ने स्वयं को न्यायाधीश विक्रम नाथ के बड़े भाई के रूप में पेश किया और कहा कि उन्होंने 15 महीने बाद यह कार्यक्रम आयोजित किया है।
  • एक आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के छात्र द्वारा हाथ से बनाई गई उनकी चित्रकारी देखकर न्यायाधीश ने प्रसन्नता व्यक्त की।

अन्य प्रमुख वक्तव्य

  • इलाहाबाद हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली ने कहा कि शिक्षा केवल नौकरी पाने का माध्यम नहीं, बल्कि सही और गलत की समझ भी सिखाती है।
  • उन्होंने शिक्षकों से कहा कि वे छात्रों को सवाल पूछने के लिए प्रोत्साहित करें।
  • गवैया ने महेश्वरी प्रसाद इंटर कॉलेज को पिछड़े वर्गों और दलित बच्चों के लिए मुख्यधारा से जोड़ने वाला संस्थान बताया।

FAQs

  1. CJI बीआर गवैया ने क्या मुख्य संदेश दिया?
    — अपनी जड़ों और संस्कृति से जुड़ा रहना आवश्यक है।
  2. उन्होंने न्यायधीश बनने को क्या बताया?
    — यह धन से बड़ा सामाजिक न्याय का अवसर है।
  3. कार्यक्रम किस विद्यालय में हुआ?
    — महेश्वरी प्रसाद इंटर कॉलेज, कौशांबी।
  4. शिक्षा के प्रति उनका दृष्टिकोण क्या था?
    — शिक्षा सही और गलत को पहचानना सिखाती है।
  5. कार्यक्रम में क्या खास हुआ?
    — एक छात्र ने CJI की चित्रकला पेश की, जिससे वे प्रसन्न हुए।

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