इंडिया AI इम्पैक्ट समिट के दौरान भारत मंडपम में IYC कार्यकर्ताओं ने पीएम मोदी के खिलाफ नारेबाजी की, करीब 10 डिटेन हुए। BJP ने कांग्रेस पर ‘भारत की छवि खराब करने’ और राहुल गांधी के निर्देश पर प्री-प्लान्ड प्रदर्शन का आरोप लगाया; संबित पात्रा ने “टॉपलेस- ब्रेनलेस- शेमलेस” कहा।
“देश की छवि खराब करने की कोशिश” vs “विरोध का हक”: ग्लोबल AI समिट पर कांग्रेस- BJP की तीखी जंग, गोयल-शेखावत- मालवीय के तंज
इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में विरोध प्रदर्शन: BJP ने कांग्रेस पर ‘भारत को शर्मिंदा करने’ का आरोप लगाया
दिल्ली के भारत मंडपम में चल रहे इंडिया AI इम्पैक्ट समिट के दौरान कांग्रेस की युवा इकाई (India Youth Congress – IYC) के कुछ कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शनी हॉल के अंदर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए संक्षिप्त विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, इस प्रदर्शन के दौरान करीब 10 लोगों को डिटेन किया गया और सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें जल्द ही वहां से हटा दिया।
इस घटना के बाद बीजेपी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला और कहा कि यह विरोध किसी सामान्य राजनीतिक प्रदर्शन की तरह नहीं था, बल्कि एक “प्री-प्लान्ड” प्रयास था जिसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की छवि को नुकसान पहुंचाना था। बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस के लिए तीन शब्दों का इस्तेमाल किया—“topless, brainless and shameless।”
BJP का दावा: “प्री-रजिस्ट्रेशन करके बारकोड एंट्री ली, फिर हंगामा किया”
संबित पात्रा ने आरोप लगाया कि IYC कार्यकर्ता यूं ही “रैंडमली” समिट में नहीं घुस गए थे। उनका दावा था कि कार्यकर्ताओं ने पहले से रजिस्ट्रेशन किया, प्रवेश के लिए बारकोड प्राप्त किया और फिर अंदर जाकर नारेबाजी की। BJP के अनुसार, यह रणनीति राहुल गांधी के इशारे पर बनाई गई ताकि AI समिट जैसे प्रतिष्ठित आयोजन में “रकस” पैदा कर दुनिया के सामने भारत को शर्मिंदा किया जा सके।
पात्रा ने यह भी दावा किया कि पूरी प्लानिंग राहुल गांधी के आवास पर हुई और इसमें राहुल गांधी के साथ सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि यह कोई “experiment” नहीं, बल्कि जानबूझकर की गई “deliberate attempt” थी।
केंद्रीय मंत्रियों की तीखी प्रतिक्रिया: गोयल, शेखावत और मालवीय के बयान
घटना पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने X पर पोस्ट कर कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि समिट में हुआ प्रदर्शन कांग्रेस की “arrogance and frustration” दिखाता है और राहुल गांधी से पूछा कि क्या BJP को निशाना बनाने के लिए भारत को “humiliating” करना ही उनका विपक्ष का तरीका है।
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र शेखावत ने भी राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस नेतृत्व की ‘स्टैंडर्ड’ जैसी होगी, कार्यकर्ताओं में वैसी ही झलक दिखती है, और समिट में इस तरह की हरकतें “vulgar” हैं। इसी तरह BJP IT सेल प्रमुख अमित मालवीय ने कहा कि जब भारत दुनिया के सामने टेक्नोलॉजी और इनोवेशन में नेतृत्व दिखाने की कोशिश कर रहा है, तब कांग्रेस ने “dignity” के बजाय “disruption” चुना।
कांग्रेस पर BJP के मुख्य आरोप (एक नजर में)
- समिट में विरोध प्रदर्शन “प्री-प्लान्ड” था और इसका उद्देश्य भारत की छवि खराब करना था।
- IYC कार्यकर्ता पहले से रजिस्टर्ड थे, इसलिए ‘अचानक घुसने’ की बात सही नहीं है।
- प्रदर्शन राहुल गांधी के इशारे पर कराया गया और नेताओं ने इसे “देशविरोधी” मानसिकता से जोड़ा।
पुलिस कार्रवाई: 10 लोगों को डिटेन करने की बात
मौके पर मौजूद एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि विरोध प्रदर्शन के दौरान लगभग 10 लोगों को डिटेन किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, नारेबाजी करने के बाद उन्हें सुरक्षा कर्मियों ने वहां से बाहर निकाल दिया।
यह भी ध्यान देने वाली बात है कि AI समिट जैसे हाई-सिक्योरिटी इवेंट में एंट्री, बैजिंग, और अंदर के जोन में मूवमेंट आमतौर पर कड़े नियमों के तहत होता है, इसलिए किसी भी तरह की नारेबाजी या व्यवधान पर सुरक्षा का रिएक्शन तेज होता है।
क्लेम्स बनाम काउंटर: किसने क्या कहा? (टेबल)
| पक्ष | मुख्य बात/दावा |
|---|---|
| BJP (संबित पात्रा) | प्रदर्शन “प्री-प्लान्ड”; कार्यकर्ता प्री-रजिस्टर्ड; राहुल गांधी के निर्देश पर भारत को शर्मिंदा करने की कोशिश। |
| पुलिस अधिकारी | प्रदर्शन के दौरान करीब 10 लोग डिटेन; सुरक्षा ने जल्दी हटाया। |
| BJP मंत्री/नेता | गोयल-शेखावत-मालवीय ने इसे देश की छवि पर हमला और “disruption strategy” कहा। |
आगे क्या? राजनीति बनाम मंच की गरिमा का सवाल
यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के दौरान राजनीतिक विरोध का तरीका और उसकी सीमा क्या होनी चाहिए। BJP इसे “देश की छवि” से जोड़कर देख रही है, जबकि विपक्ष आमतौर पर विरोध को लोकतांत्रिक अधिकार बताता है—हालांकि इस खबर में कांग्रेस का विस्तृत पक्ष/औपचारिक बयान सामने नहीं दिया गया है।
जैसे-जैसे भारत AI को लेकर वैश्विक मंचों पर अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रहा है, ऐसे आयोजनों में सुरक्षा, गरिमा और अभिव्यक्ति—तीनों के बीच संतुलन बनाए रखना प्रशासन और राजनीतिक दलों दोनों के लिए चुनौती बनता जा रहा है।
FAQs (5)
- इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में क्या हुआ?
भारत मंडपम के प्रदर्शनी हॉल में IYC कार्यकर्ताओं ने पीएम मोदी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए संक्षिप्त विरोध प्रदर्शन किया और सुरक्षा ने उन्हें बाहर निकाला; पुलिस के मुताबिक करीब 10 लोग डिटेन हुए। - BJP ने कांग्रेस पर क्या आरोप लगाए?
BJP ने आरोप लगाया कि यह प्रदर्शन राहुल गांधी के निर्देश पर “प्री-प्लान्ड” था और इसका उद्देश्य वैश्विक मंच पर भारत की छवि खराब करना था; संबित पात्रा ने कांग्रेस को “topless, brainless and shameless” कहा। - BJP का “बारकोड/प्री-रजिस्ट्रेशन” वाला दावा क्या है?
संबित पात्रा ने कहा कि IYC कार्यकर्ता प्री-रजिस्टर्ड थे, उन्होंने बारकोड एंट्री ली और फिर अंदर जाकर हंगामा किया; यानी यह रैंडम एंट्री नहीं थी। - केंद्रीय मंत्रियों ने क्या प्रतिक्रिया दी?
पीयूष गोयल ने इसे कांग्रेस की “arrogance and frustration” बताया और पूछा कि क्या भारत को “humiliating” करना विपक्ष का तरीका है; शेखावत और मालवीय ने भी तीखी आलोचना की। - क्या इस मामले में कांग्रेस का आधिकारिक पक्ष सामने आया?
इस रिपोर्ट में मुख्य रूप से BJP नेताओं/मंत्रियों के बयान और पुलिस अधिकारी की जानकारी दी गई है; कांग्रेस का विस्तृत आधिकारिक जवाब इसमें शामिल नहीं है।
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