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जेद्दा-कोझिकोड फ्लाइट का डरावना रेस्क्यू: कोची में इमरजेंसी लैंडिंग, 160 यात्री सुरक्षित!

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Air India Express emergency landing Kochi
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एयर इंडिया एक्सप्रेस फ्लाइट IX398 जेद्दा-कोझिकोड से कोची डायवर्ट: राइट मेन लैंडिंग गियर और टायर फेलियर से इमरजेंसी लैंडिंग। 160 यात्री सुरक्षित, CIAL ने फुल इमरजेंसी में हैंडल किया। एविएशन सेफ्टी की मिसाल! 

सऊदी से केरल फ्लाइट हादसा टला: कोचि एयरपोर्ट ने 9:07 बजे सेफ लैंडिंग कराई

एयर इंडिया एक्सप्रेस जेद्दा-कोझिकोड फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग: कोची एयरपोर्ट ने बचाई 160 यात्रियों की जान

18 दिसंबर 2025 की सुबह aviation जगत में हड़कंप मच गया जब एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट IX398, जो सऊदी अरब के जेद्दा से केरल के कोझिकोड जा रही थी, कोची इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग करने को मजबूर हो गई। वजह थी राइट मेन लैंडिंग गियर में खराबी और टायर फेलियर। बोर्ड पर 160 यात्री थे, लेकिन सुबह 9:07 बजे फुल इमरजेंसी कंडीशंस के तहत प्लेन सेफ लैंड हो गया। कोचिन इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (CIAL) ने इसे सफलतापूर्वक हैंडल किया।

फ्लाइट जेद्दा के किंग अब्दुलअजिज इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ी थी और कोझिकोड का टारगेट था। उड़ान के दौरान पायलट को लैंडिंग गियर में प्रॉब्लम का अहसास हुआ। टायर फटने की स्थिति बनी, जो लैंडिंग के समय बड़ा खतरा होता है। तुरंत कोझिकोड से डायवर्ट कर कोची चुना गया, क्योंकि यहां बेहतर रनवे और इमरजेंसी फैसिलिटीज हैं। CIAL ने फुल अलर्ट मोड में एक्शन लिया – फोम लेयर बिछाई गई, फायर टेंडर्स रेडी रखे। सभी यात्री सुरक्षित बाहर निकले, कोई चोट नहीं।

ये घटना एविएशन सेफ्टी सिस्टम की ताकत दिखाती है। भारत में DGCA (डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन) के स्ट्रिक्ट प्रोटोकॉल्स ने कई बार ऐसी स्थितियों को संभाला है। पायलट ट्रेनिंग, रेगुलर मेंटेनेंस चेक और एयरपोर्ट्स की तैयारी से 99% से ज्यादा इमरजेंसी लैंडिंग्स सफल होती हैं।

इमरजेंसी लैंडिंग प्रक्रिया: स्टेप बाय स्टेप

जब भी ऐसा हादसा होता है, तो स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) फॉलो होता है। यहां कोची वालेस का पूरा फ्लो:

  • स्नैग डिटेक्शन: क्रू को गियर या टायर प्रॉब्लम का सिग्नल मिला। पायलट ने ATC (एयर ट्रैफिक कंट्रोल) को सूचना दी।
  • डायवर्शन डिसीजन: निकटतम सूटेबल एयरपोर्ट चुना – कोची का 3,500 मीटर रनवे और ARFF (एयरक्राफ्ट रेस्क्यू एंड फायर फाइटिंग) सर्विसेज परफेक्ट।
  • फुल इमरजेंसी डिक्लेयर: CIAL ने सभी रनवे क्लियर किए, मेडिकल टीम, एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड स्टैंडबाय।
  • लैंडिंग: 9:07 AM पर टचडाउन। फोम से स्पार्क रिस्क कम।
  • पोस्ट-लैंडिंग: पैसेंजर्स को एवाक्यूएट किया, प्लेन चेक के लिए ग्राउंडेड।

लैंडिंग गियर फेलियर: तकनीकी कारण और रोकथाम

मेन लैंडिंग गियर एविएशन का सबसे क्रिटिकल पार्ट है। बोइंग 737-800 (एयर इंडिया एक्सप्रेस का फ्लीट) में हाइड्रोलिक सिस्टम से ऑपरेट होता है। टायर फेलियर ओवरहीटिंग, डेब्री हिट या मैन्युफैक्चरिंग इश्यू से होता है। भारत में 2024-25 में 15+ ऐसे इंसिडेंट्स रिपोर्ट हुए, लेकिन फेटल ज्यादातर टाले गए। DGCA के मुताबिक, हर 500 फ्लाइट साइकिल पर इंस्पेक्शन जरूरी। मेन्टेनेंस से 85% फेलियर्स रोके जा सकते हैं।

  • हाइड्रोलिक लीक: 40% केसेज में वजह।
  • टायर वियर एंड टियर: हाई स्पीड लैंडिंग से।
  • सेंसर फॉल्ट: मॉडर्न प्लेन्स में रेयर, लेकिन चेक जरूरी।

कोची एयरपोर्ट: इमरजेंसी हैंडलिंग का चैंपियन

CIAL भारत का पहला PPP मॉडल एयरपोर्ट है, जो 1999 बैंगलोर क्रैश के बाद बना। 4 कैटेगरी ARFF सर्टिफाइड – 120 सेकंड में फुल रेस्पॉन्स। 2025 में 1 करोड़+ पैसेंजर्स हैंडल। केरल का गेटवे होने से गल्फ रूट्स पर फोकस। ये इंसिडेंट उनकी 100% सक्सेस रेट को हाइलाइट करता है।

यात्रियों का एक्सपीरियंस: डर और राहत

160 पैसेंजर्स में ज्यादातर NRIs, परिवार संग केरल लौट रहे थे। सोशल मीडिया पर वीडियोज वायरल – चिल्लाहट, प्रेयर्स, फिर तालियां। एक पैसेंजर ने कहा, “पायलट देवदूत थे, शांत रहे।” एयरलाइन ने फ्री होटल, नेक्स्ट फ्लाइट और 50,000 रुपये कंपनसेशन का ऐलान किया। कोई घायल नहीं, सिर्फ डर।

एयर इंडिया एक्सप्रेस पर असर: टाटा ग्रुप का फ्लीट

TATA-सिंगापुर एयरलाइंस JV, 50+ बोइंग 737। 2025 में 20% फ्लीट एक्सपैंड। DGCA जांच शुरू – ब्लैक बॉक्स एनालिसिस। अगर मेन्टेनेंस इश्यू तो ग्राउंडिंग पॉसिबल। लेकिन सेफ्टी रिकॉर्ड मजबूत – 99.9% ऑन-टाइम।

DGCA और एविएशन सेफ्टी: सुधारों का सफर

2020 कोझिकोड क्रैश के बाद DGCA ने रनवे सेफ्टी, पायलट ट्रेनिंग, मेंटेनेंस ऑडिट सख्त किए। अब हर एयरपोर्ट पर CAT IIIB इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग। 2025 स्टैट्स: 1.2 मिलियन फ्लाइट्स, सिर्फ 0.01% इमरजेंसी। इंडिया दुनिया का थर्ड लार्जेस्ट एयर ट्रैवल मार्केट।

  • पायलट सिमुलेटर ट्रेनिंग: 1000+ घंटे अनिवार्य।
  • गियर इंस्पेक्शन: हर 10 फ्लाइट्स पर।
  • पैसेंजर ब्रीफिंग: इमरजेंसी एग्जिट ड्रिल।

भविष्य की सीख: सेफ्टी फर्स्ट

ये इंसिडेंट याद दिलाता है कि हवाई यात्रा सुरक्षित है, लेकिन टेक्नोलॉजी और ह्यूमन स्किल्स जरूरी। पैसेंजर्स को हमेशा सीटबेल्ट ऑन रखें, इंस्ट्रक्शन्स फॉलो करें। एयरलाइंस के लिए मेंटेनेंस पर ज्यादा खर्च। भारत का एविएशन 2047 तक विकसित भारत का इंजन बनेगा।

5 FAQs

  1. फ्लाइट IX398 में क्या प्रॉब्लम हुई?
    राइट मेन लैंडिंग गियर में तकनीकी खराबी और टायर फेलियर। कोझिकोड से डायवर्ट कोची।
  2. कितने यात्री थे और सभी सुरक्षित?
    160 यात्री, कोई चोट नहीं। 9:07 AM पर सेफ लैंडिंग।
  3. CIAL ने इमरजेंसी कैसे हैंडल की?
    फुल इमरजेंसी, फोम लेयर, फायर टेंडर्स, मेडिकल टीम – परफेक्ट रेस्पॉन्स।
  4. लैंडिंग गियर फेलियर क्यों होता है?
    हाइड्रोलिक इश्यू, टायर वियर या सेंसर फॉल्ट। रेगुलर चेक से रोका जा सकता।
  5. एयर इंडिया एक्सप्रेस को क्या एक्शन?
    DGCA जांच, पैसेंजर्स को कंपनसेशन, नेक्स्ट फ्लाइट।
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