ओमर अब्दुल्ला: पाक से रिश्ते सामान्य मुश्किल, दिल्ली-पहलगाम हमले, मुंबई अपराधियों को सजा दो। आर्मी सत्ता में, सिविलियन बेकार। डायलॉग जरूरी लेकिन पाक जिम्मेदार!
ओमर अब्दुल्ला बोले पाक को सबक सिखाओ, मुंबई हमलावरों को सजा दो वरना बातचीत बंद!
ओमर अब्दुल्ला का पाकिस्तान पर सख्त रुख: रिश्ते सामान्य की कल्पना मुश्किल
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री ओमर अब्दुल्ला ने साफ कहा कि पाकिस्तान के साथ रिश्ते सामान्य करने की कल्पना करना अभी मुश्किल है। इंडियन एक्सप्रेस के ‘एक्सप्रेस अड्डा’ में बोलते हुए उन्होंने कहा, डायलॉग ही आगे का रास्ता है, लेकिन इसके लिए जरूरी माहौल गायब है। इस माहौल बनाने की जिम्मेदारी पाक पर है। हाल के पहलगाम और दिल्ली हमलों को इंगित करते हुए बोले कि ऐसी घटनाओं के बीच नॉर्मलाइजेशन कैसे सोचें।
पाकिस्तान को ठोस कदम उठाने होंगे। मुंबई हमलों के जिम्मेदारों को सजा दो, भारत में अटैक की साजिशें रोकें, नॉन-स्टेट एक्टर्स को शांति बिगाड़ने से रोकें। आतंकवाद के अलावा, पाक के मौजूदा सिविलियन लीडरशिप से डिप्लोमैटिक एंगेजमेंट का कोई फायदा नहीं। असल ताकत पाक आर्मी के पास है, PM ऑफिस की बातें सिर्फ दिखावा। ‘मोदी जी शहबाज शरीफ से क्या बात करेंगे? कुछ नहीं होगा’, ओमर ने कहा। आर्मी चीफ सत्ता मजबूत कर रहा, सिविलियन गवर्नमेंट एग्रीमेंट्स पर अमल नहीं कर सकती।
क्षेत्र के इतिहास पर गौर करते हुए ओमर ने याद दिलाया कि 1947 में मुस्लिम बहुल जम्मू-कश्मीर ने भारत चुना। पाकिस्तान ये कभी नहीं भूला, न बख्शा। ये ऐतिहासिक नाराजगी आज भी संघर्ष को हवा दे रही। यूनियन टेरिटरी में सिक्योरिटी सिचुएशन पर बोले कि सुधार के दावों के बावजूद, हाल के अटैक की प्रकृति चिंताजनक। पहलगाम अटैक पिछले 35 सालों का सबसे अलग टाइप। सिक्योरिटी तंत्र को अभी भी बड़ी चुनौतियां।
डायलॉग ही रास्ता, लेकिन सिर्फ भारत की कोशिश काफी नहीं। ‘भारत सरकार पर बोझ सिर्फ नहीं, पाक की बड़ी जिम्मेदारी है’, ओमर ने जोर दिया। भारत को ऐसी उकसावों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
ओमर अब्दुल्ला के बयान के मुख्य बिंदु
- आतंकवाद का बोझ पाक पर: दिल्ली, पहलगाम जैसे अटैक जारी रहें तो नॉर्मलाइजेशन नामुमकिन।
- मुंबई हमलों की सजा जरूरी: जिम्मेदारों को कोर्ट में लाएं, साजिशें बंद करें।
- पाक आर्मी की सच्ची ताकत: शरीफ सरकार सिर्फ नाम की, बातचीत बेकार।
- 1947 का घाव: कश्मीर ने भारत चुना, पाक का पुराना गुस्सा जिंदा।
- पहलगाम अटैक की नई प्रकृति: 35 सालों में नहीं देखा गया ऐसा वायलेंस।
- डायलॉग लेकिन शर्तों पर: पाक माहौल बनाए, भारत अकेला नहीं चलेगा।
भारत-पाक रिश्तों का इतिहास: संक्षिप्त नजर
1947 के बंटवारे से तनाव। कश्मीर एक्सेशन पर विवाद। 1965, 1971, 1999 युद्ध। मुंबई 26/11 ने सब बदल दिया – 166 मारे गए, पाक से लिंक। उसके बाद ट्रेड बंद, एटमॉस्फियर खराब। मोदी सरकार ने 2015 लाहौर विजिट किया, लेकिन उरी-पठानकोट अटैक से ब्रेक। आर्टिकल 370 हटने के बाद पाक का रुख और सख्त। अब पहलगाम-दिल्ली जैसे घटनाएं नई चुनौती। डेटा: 2025 में LoC पर 200+ सीजफायर वायलेशन्स (MoD रिपोर्ट्स)।
जम्मू-कश्मीर में सिक्योरिटी: सुधार या चुनौती?
ओमर के मुताबिक, सुधार दिख रहे लेकिन अटैक की क्वालिटी चिंतित। पहलगाम – पर्यटन स्पॉट पर सिक्योरिटी ब्रेक, ऐसा 35 सालों में नहीं। दिल्ली अटैक भी बॉर्डर से कनेक्टेड। ये दिखाता है थ्रेट न्यूट्रलाइजेशन में गैप। UT में टूरिज्म बूस्ट, लेकिन सेफ्टी प्रायोरिटी। केंद्र की पॉलिसी स्ट्रॉन्ग बॉर्डर, लोकल इंटेल पर फोकस।
पाकिस्तान का पावर स्ट्रक्चर:
| पहलू | पाक सिविलियन गवर्नमेंट | पाक आर्मी |
|---|---|---|
| निर्णय लेने की ताकत | सीमित, दिखावा | असल कंट्रोल |
| विदेश नीति | नाममात्र | आर्मी चीफ तय |
| शांति एग्रीमेंट्स | अमल नहीं कर सकती | अप्रूवल जरूरी |
| आतंकवाद कंट्रोल | कमजोर | मुख्य जिम्मेदार |
| भारत के साथ डील | बेकार | रियल प्लेयर |
राजनीतिक संदर्भ: ओमर का स्टैंड क्यों अहम?
नेशनल कॉन्फ्रेंस लीडर के तौर पर ओमर का बयान JK की सेंटिमेंट दिखाता। केंद्र से अलग हटकर पाक पर प्रेशर। डायलॉग समर्थक लेकिन रियलिस्ट। आने वाले दिनों में ये स्टेटमेंट डिप्लोमेसी को प्रभावित करेगा। विपक्ष में BJP इसे सपोर्ट कर सकती, क्योंकि सख्त लाइन मैच। JK में पीस प्रोसेस के लिए नया मोमेंटम?
शांति के रास्ते: क्या संभव?
ओमर साफ: डायलॉग जरूरी, लेकिन पाक पहले स्टेप ले। आतंक रोके, जस्टिस दे, आर्मी को कंट्रोल करे। भारत सिक्योरिटी मजबूत रखे। हिस्ट्री दिखाती है, जब पाक चेंज करता (जैसे 2003 सीजफायर), तब प्रोग्रेस। लेकिन 2025 के अटैक्स ने गैप बढ़ाया। भविष्य: ट्रेड रिज्यूम, LoC ट्रेड, लेकिन टेरर फ्री एनवायरनमेंट में।
5 FAQs
- ओमर अब्दुल्ला ने पाक से रिश्ते नॉर्मलाइजेशन क्यों कहा मुश्किल?
पहलगाम-दिल्ली हमलों की वजह से, पाक ने माहौल नहीं बनाया। - पाकिस्तान को क्या कदम उठाने चाहिए डायलॉग के लिए?
मुंबई हमलावरों को सजा, अटैक साजिशें रोकें, नॉन-स्टेट एक्टर्स कंट्रोल। - ओमर ने पाक PM शरीफ से बातचीत पर क्या कहा?
कोई फायदा नहीं, क्योंकि आर्मी के पास असल ताकत। - पहलगाम अटैक को ओमर ने कैसे डिस्क्राइब किया?
पिछले 35 सालों का सबसे अलग टाइप वायलेंस। - शांति की जिम्मेदारी किसकी ज्यादा?
पाक की बड़ी जिम्मेदारी, भारत अकेला नहीं
Leave a comment