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राजस्थान सरकार ने सरकारी मेडिकल कॉलेजों के प्रमुखों और नियंत्रकों के लिए प्राइवेट प्रैक्टिस पर बैन लगाया

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Rajasthan Restricts Private Practice of Officials in Government Medical Colleges for Better Health Management
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राजस्थान सरकार ने सरकारी मेडिकल कॉलेजों के प्रिंसिपल, नियंत्रक और सुपरिंटेंडेंट्स को निजी प्रैक्टिस करने से प्रतिबंधित करते हुए स्वास्थ्य सेवा प्रबंधन में सुधार के लिए नए नियम लागू किए।

राजस्थान में सरकारी मेडिकल कॉलेजों के पदाधिकारियों की निजी प्रैक्टिस बंद, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का प्रयास

राजस्थान सरकार ने सरकारी मेडिकल कॉलेजों और संबंधित अस्पतालों के प्रिंसिपल्स, नियंत्रकों और सुपरिंटेंडेंट्स को निजी प्रैक्टिस करने पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह निर्णय स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर प्रबंधन और प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए लिया गया है।

स्वास्थ्य और चिकित्सा मंत्री [translate:गजेंद्र सिंह खींवसर] ने कहा कि ये निर्देश तुरंत प्रभाव से लागू होंगे, जिससे पूरे राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं के प्रशासन में सुधार होगा।

मेडिकल शिक्षा सचिव [translate:अंबरीश कुमार] ने बताया कि संशोधित नियमों के तहत इन पदाधिकारियों को प्राइवेट प्रैक्टिस करने की अनुमति नहीं दी जाएगी, और वे अपनी समय का 25 प्रतिशत से अधिक केवल अकादमिक कर्तव्यों के लिए ही समर्पित करेंगे।

यह भी निर्देश दिया गया है कि चयनित प्रिंसिपल और सुपरिंटेंडेंट विभाग या यूनिट के प्रमुख के रूप में सेवा नहीं कर सकेंगे। इच्छुक उम्मीदवारों को पूरी- समय सेवा सुनिश्चित करने हेतु घोषणा-पत्र और हलफनामा देना होगा।

राष्ट्रीय मेडिकल आयोग (NMC) के दिशानिर्देशों के अनुसार केवल योग्य वरिष्ठ प्राध्यापक ही प्रिंसिपल और नियंत्रक के पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं। यदि किसी कॉलेज में योग्य संकाय उपलब्ध न हो तो अन्य सरकारी मेडिकल कॉलेजों से योग्य शिक्षक आवेदन कर सकते हैं। पदों के लिए चयन समिति के नेतृत्व में मुख्य सचिव द्वारा साक्षात्कार आयोजित किए जाएंगे।

FAQs:

  1. राजस्थान सरकार ने किन पदाधिकारियों की निजी प्रैक्टिस पर प्रतिबंध लगाया?
  2. नए नियम के तहत प्रिंसिपल और सुपरिंटेंडेंट्स का कार्यकाल और जिम्मेदारी कैसे निर्धारित होगी?
  3. क्या प्रिंसिपल और नियंत्रक विभाग प्रमुख नहीं बन सकेंगे?
  4. पदों के लिए चयन प्रक्रिया क्या होगी?
  5. क्या नियम लागू होने से स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा?
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