आंध्र सरकार तिरुमाला में ₹25 करोड़ की फूड टेस्टिंग लैब बना रही, जिसमें फ्रांस से ₹3.5 करोड़ की E-Tongue और E-Nose मशीनें होंगी। प्रसादम के 60 सामग्रियों की जाँच, घी मिलावट का पता चलेगा। मई से शुरू, 2024 घी घोटाले के बाद कदम।
तिरुपति मंदिर में नया फूड टेस्टिंग लैब: 60 सामग्रियों की जाँच, 200 पेस्टीसाइड्स का डिटेक्शन
तिरुमाला में प्रसादम की शुद्धता पर नज़र: E-Tongue और E-Nose मशीनों से घी मिलावट का पता चलेगा
आंध्र प्रदेश सरकार तिरुमाला में भक्तों को परोसे जाने वाले प्रसादम और अन्य भोजन की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए एक अत्याधुनिक फूड टेस्टिंग लैब स्थापित करने जा रही है। इस ₹25 करोड़ की लैब में फ्रांस से आयातित ₹3.5 करोड़ की E-Tongue (इलेक्ट्रॉनिक जीभ) और E-Nose (इलेक्ट्रॉनिक नाक) मशीनें लगेंगी, जो घी में सबसे छोटी मिलावट भी पकड़ लेंगी। राज्य स्वास्थ्य मंत्री वाई सत्य कुमार यादव ने कहा कि सिविल वर्क 90% पूरा हो चुका है और मई तक पूरी लैब चालू हो जाएगी।
2024 के घी मिलावट घोटाले के बाद यह कदम उठाया गया है, जब CM चंद्रबाबू नायडू ने CBI-SIT जाँच कराई। रिपोर्ट में 2019-24 के बीच ₹250 करोड़ के मिलावटी घी के इस्तेमाल का खुलासा हुआ। अब यह लैब प्रसादम की 60 सामग्रियों जैसे घी, काजू, किशमिश, बादाम, चना, चीनी, इलायची, हल्दी, मिर्च पाउडर आदि की जाँच करेगी।
E-Tongue और E-Nose: क्या हैं ये टेक्नोलॉजी?
E-Nose हवा में मौजूद गंध के अणुओं को डिटेक्ट करती है, जो मानव नाक से कहीं ज़्यादा संवेदनशील है। E-Tongue स्वाद के केमिकल कंपोनेंट्स को एनालाइज़ करती है। ये मशीनें घी में सबसे छोटा बदलाव भी पकड़ लेंगी।
लैब की क्षमता: 50 मशीनें, 200 पेस्टीसाइड्स
12,000 वर्ग फुट की दोमंजिला लैब में 50 एडवांस्ड इंस्ट्रूमेंट्स होंगे। ये माइक्रोबायोलॉजिकल, केमिकल और सेंसरी टेस्ट करेंगे। 200 तरह के पेस्टीसाइड रेसिड्यू, हेवी मेटल्स, माइक्रोबियल कंटैमिनेशन, एंटीबायोटिक ट्रेस का पता लगेगा। TTD के पानी और प्रसादम का रोज़ाना टेस्ट होगा।
| सामग्री | जाँच का प्रकार |
|---|---|
| घी | E-Nose/E-Tongue मिलावट |
| काजू, किशमिश | केमिकल, माइक्रोबियल |
| हल्दी, मिर्च | पेस्टीसाइड्स, हेवी मेटल्स |
| चना, चीनी | एंटीबायोटिक्स ट्रेस |
FSSAI का सहयोग: ₹23 करोड़ का ग्रांट
8 अक्टूबर 2024 को FSSAI के साथ एग्रीमेंट साइन हुआ। FSSAI ने ₹23 करोड़ दिए। 40 स्टाफ (स्वास्थ्य विभाग और TTD से) लैब चलाएंगे। यह राज्य का पहला ऐसा पिलग्रिम साइट पर फूड लैब होगा।
2024 घी घोटाला बैकग्राउंड
CM नायडू के आरोप पर सुप्रीम कोर्ट ने CBI-SIT बनाई। रिपोर्ट में 2019-24 तक ₹250 करोड़ मिलावटी घी का इस्तेमाल। पूर्व TTD अधिकारियों से पूछताछ, प्रोक्योरमेंट रिकॉर्ड चेक। TDP ने YSRCP सरकार को दोषी ठहराया, YSRCP ने आरोप खारिज किया।
भक्तों का भरोसा: लैब से पारदर्शिता
मंत्री ने कहा कि लाखों भक्तों को शुद्ध प्रसादम मिले, इसके लिए लैब ज़रूरी। यह पब्लिक ट्रस्ट बढ़ाएगी।
5 FAQs
- तिरुमाला लैब का उद्देश्य?
प्रसादम और भोजन की शुद्धता सुनिश्चित, घी मिलावट पकड़ना। - E-Tongue और E-Nose क्या?
E-Nose गंध डिटेक्ट, E-Tongue स्वाद एनालाइज़ – घी मिलावट पकड़तीं। - लैब की लागत?
₹25 करोड़, FSSAI से ₹23 करोड़, मशीनें ₹3.5 करोड़। - कब शुरू?
मई 2026 तक। - घोटाले का बैकग्राउंड?
2019-24 में ₹250 करोड़ मिलावटी घी, CBI-SIT जाँच।
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