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हर्दीप सिंह पुरी ने Epstein से क्या सलाह मांगी थी? कांग्रेस के 6 सवालों ने खोला राज

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Hardeep Singh Puri Epstein, Jeffrey Epstein emails
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कांग्रेस ने हर्दीप सिंह पुरी पर Epstein ईमेल्स को लेकर 6 सवाल दागे। 2014 का ईमेल जहां पुरी ने सलाह मांगी, राहुल गांधी ने संसद में उठाया मुद्दा। पुरी ने प्रोफेशनल मीटिंग्स बताया।

राहुल गांधी का हमला सही या राजनीति? पुरी के Epstein ईमेल्स में क्या छिपा है?

Epstein विवाद में फंसे हर्दीप सिंह पुरी: क्या है पूरा मामला?

अमेरिका के कुख्यात सेक्स अपराधी जेफरी एप्स्टीन के फाइल्स में भारत के यूनियन मिनिस्टर हर्दीप सिंह पुरी का नाम आने से राजनीतिक बवाल मच गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने संसद में इसे उठाया और कहा कि उनके पास वेरिफाइड इन्फॉर्मेशन है। पुरी ने जवाब दिया कि उन्होंने एप्स्टीन से सिर्फ़ 3-4 बार प्रोफेशनल कैपेसिटी में मिले थे। विवाद तब बढ़ा जब कांग्रेस के पवन खेड़ा ने एक्स पर 6 सवाल दागे। ये सब US डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस के 30 जनवरी 2026 को रिलीज़ 3 मिलियन ईमेल्स से जुड़ा है। पुरी तब भारत के UN एम्बेसडर थे।

राहुल गांधी ने संसद में क्या कहा और पुरी का जवाब?

राहुल ने कहा कि DOJ फाइल्स में हर्दीप पुरी का नाम है। पुरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सफाई दी कि 2009 से 2017 तक न्यूयॉर्क में रहते हुए सिर्फ़ 8 सालों में 3-4 मीटिंग्स हुईं। वो इंटरनेशनल पीस इंस्टीट्यूट (IPI) की डेलिगेशन का हिस्सा थीं। पुरी ने राहुल को नोट भेजा था लेकिन उन्होंने इग्नोर किया। उन्होंने कहा कि ये मीटिंग्स मल्टीलेटरलिज़म पर थीं, एप्स्टीन के क्राइम्स से कोई लेना-देना नहीं। कांग्रेस ने इसे गंभीरता कम करने का आरोप लगाया।

2014 का वो ईमेल जो विवाद का केंद्र बना

सबसे बड़ा मुद्दा 4 अक्टूबर 2014 का ईमेल है। एप्स्टीन ने पुरी को लिखा, ‘Reid मीटिंग हुई?’ पुरी ने घंटों में रिप्लाई किया, ‘मैं SF में मीटिंग के लिए हूँ। तुम मेरे फ्रेंड हो, चीजें करवा देते हो। कोई एडवाइस?’ एप्स्टीन ने कहा, ‘उसे बोलो तुम भारत ट्रिप ऑर्गनाइज़ करोगे, साइंस-टेक लोगों से मिलवाओगे।’ Reid Hoffman LinkedIn को-फाउंडर हैं। कांग्रेस पूछ रही है कि Reid कनेक्शन कैसे हुआ और एप्स्टीन से एडवाइस क्यों मांगी। पुरी कहते हैं ये पब्लिक डोमेन में था।

कांग्रेस के 6 सवाल क्या हैं?

पहला सवाल: Reid मीटिंग कब हुई और एप्स्टीन ने कैसे इंट्रोड्यूस किया? दूसरा: पुरी ने क्यों कहा ‘तुम चीजें करवा देते हो’? तीसरा: एप्स्टीन की असिस्टेंट को वीज़ा के लिए पुरी ने मदद क्यों की? चौथा: न्यूयॉर्क में 3 मीटिंग्स एप्स्टीन के घर क्यों? पांचवां: डिजिटल इंडिया और इनवेस्टमेंट्स पर बातें क्यों? छठा: क्या ये प्रोफेशनल था या कुछ और? खेड़ा ने कहा पुरी एप्स्टीन के क्राइम्स को ट्रिवियलाइज़ कर रहे हैं।

एप्स्टीन कौन था और उसके क्राइम्स क्या?

जेफरी एप्स्टीन अमीर फाइनेंशियर था लेकिन 2008 में फ्लोरिडा कोर्ट में माइनर से प्रॉस्टिट्यूशन सॉलिसिटेशन का गिल्टी प्लेड। जेल हुई लेकिन जल्दी रिहा। 2019 में सेक्स ट्रैफिकिंग केस में गिरफ्तार, जेल में सुसाइड। उसके फाइल्स में बिल क्लिंटन, प्रिंस एंड्र्यू जैसे नाम। भारत से पुरी के अलावा कुछ और कनेक्शन्स भी। कांग्रेस कह रही है पुरी माइनर क्राइम को ‘underage woman’ कहकर हल्का कर रहे। पुरी ने कहा ये रूमर्स थे लेकिन कोर्ट में कन्विक्शन हुआ।

पुरी का सफर: UN से मिनिस्टर तक

हर्दीप सिंह पुरी IFS अधिकारी रहे, 2009-2013 में भारत के UN एम्बेसडर। रिटायरमेंट के बाद BJP जॉइन की, 2019 से पेट्रोलियम मंत्री। IPI में ICM के SG बने। वो कहते हैं एप्स्टीन उनके बॉस टर्जे रॉड-लार्सन के ज़रिए मिले। मीटिंग्स Make in India, इंटरनेट इकोनॉमी पर। 24 अक्टूबर 2014 में एप्स्टीन ने अपनी असिस्टेंट के लिए वीज़ा मांगा, पुरी ने कॉन्सुलेट से बात कराई।

राजनीतिक तीर-तकाज़ा: BJP vs कांग्रेस

BJP ने कहा राहुल ‘बफूनरी’ कर रहे, ग्रोअप हो जाएं। पुरी ने कहा राहुल को नोट पढ़ना चाहिए था। कांग्रेस ने कहा मंत्री को मोरल क्लैरिटी होनी चाहिए। सुप्रिया श्रीनाते ने पूछा कौन इंट्रोड्यूस कराया। ये संसदीय बहस से सड़क पर आ गया। विपक्ष इस्तीफा मांग रहा, BJP इसे पॉलिटिकल मोटिवेटेड बता रही।

Epstein फाइल्स का ग्लोबल इम्पैक्ट

Epstein फाइल्स ने दुनिया भर हलचल मचा दी। भारत, UK, ऑस्ट्रेलिया तक नाम आए। मोदी से लेकर केविन रड तक। DOJ ने लाखों पेज रिलीज़ किए। भारत में ये राजनीतिक हथियार बन गया। क्या ये असली कनेक्शन हैं या सिर्फ़ प्रोफेशनल? जांच ज़रूरी लेकिन राजनीति हावी।

क्या ये विवाद और बढ़ेगा?

अभी संसद सेशन चल रहा है, राहुल दोबारा उठा सकते हैं। पुरी ने कहा सब पब्लिक है, कोई गलती नहीं। लेकिन ईमेल्स के स्क्रीनशॉट्स वायरल हो रहे। जनता सोच रही – प्रोफेशनल मीटिंग या कुछ छिपा? समय बताएगा।

FAQs (Hindi)

  1. प्रश्न: हर्दीप सिंह पुरी ने एप्स्टीन से कब-कब ईमेल किए?
    उत्तर: जून 2014 से जून 2017 तक कई ईमेल्स, खासकर अक्टूबर 2014 में Reid Hoffman मीटिंग पर।
  2. प्रश्न: कांग्रेस ने पुरी पर कौन से 6 सवाल उठाए?
    उत्तर: Reid इंट्रो कैसे, एडवाइस क्यों मांगी, वीज़ा मदद क्यों, घर पर मीटिंग्स क्यों, इनवेस्टमेंट टॉक्स क्यों, प्रोफेशनल था या नहीं।
  3. प्रश्न: पुरी ने सफाई में क्या कहा?
    उत्तर: 8 सालों में 3-4 प्रोफेशनल मीटिंग्स IPI डेलिगेशन में, क्राइम्स से कोई कनेक्शन नहीं।
  4. प्रश्न: राहुल गांधी ने संसद में क्या आरोप लगाया?
    उत्तर: DOJ फाइल्स में पुरी का नाम है, वेरिफाइड इन्फॉर्मेशन।
  5. प्रश्न: एप्स्टीन का क्राइम क्या था?
    उत्तर: 2008 में माइनर से प्रॉस्टिट्यूशन का गिल्टी प्लेड, 2019 में सेक्स ट्रैफिकिंग केस में मरा।

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