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दिल्ली का ग्रीन टैक्स विवाद: नितिन गडकरी बोले – सुप्रीम कोर्ट में हस्तक्षेप करेंगे, लोगों का आर्थिक नुकसान

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Nitin Gadkari green tax Delhi withdraw
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केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने दिल्ली सरकार से वाहनों पर लगे ग्रीन टैक्स को तुरंत हटाने की मांग की। कहा – यह लोगों पर आर्थिक बोझ है, MCD को बजट से 700-800 करोड़ दें। सुप्रीम कोर्ट में हस्तक्षेप करेंगे। (ट्रक ₹1300, छोटे ₹700 प्रति एंट्री)

ट्रक ₹1300, छोटे वाहन ₹700: गडकरी का हमला – ग्रीन टैक्स बंद करो

नितिन गडकरी ने दिल्ली सरकार से ग्रीन टैक्स हटाने की मांग की: “लोगों पर बोझ, MCD को बजट से दें 700-800 करोड़”

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को दिल्ली सरकार से वाहनों पर लगे ‘ग्रीन टैक्स’ को तत्काल हटाने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह टैक्स लोगों पर आर्थिक बोझ डाल रहा है और इसके बजाय दिल्ली सरकार नगर निगम (MCD) को बजटीय सहायता दे। इवेंट में बोलते हुए गडकरी ने मुख्यमंत्री से सीधे कहा, “मैं दिल्ली के मुख्यमंत्री से अनुरोध करता हूं कि इसे तुरंत बंद करें।”

गडकरी ने सुझाव दिया कि दिल्ली सरकार MCD को सालाना 700 से 800 करोड़ रुपये का अनुदान दे और यह राजस्व स्रोत बंद कर दे। उन्होंने अपने मंत्रालय के वकीलों को निर्देश दिए हैं कि सुप्रीम कोर्ट में हस्तक्षेप कर मूल आदेश पर पुनर्विचार की मांग करें, ताकि वाहन मालिकों का आर्थिक बोझ कम हो।

ग्रीन टैक्स क्या है और कैसे लगता है?

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर दिल्ली में प्रदूषण रोकने के लिए लगाया गया यह टैक्स ‘एनवायरनमेंट कंपेंसेशन चार्ज’ (ECC) कहलाता है।

  • बड़े ट्रक: ₹1300 प्रति एंट्री।
  • छोटे कमर्शियल वाहन: ₹700 प्रति एंट्री।

यह उन ट्रकों पर लगता है जो दिल्ली से सिर्फ गुजरते हैं, न कि रुकते। MCD इसे वसूलता है और हर शुक्रवार दिल्ली सरकार को ट्रांसफर करता है। कोर्ट ने निर्देश दिया कि यह पैसा सड़क सुधार, साइकिल और पैदल यात्रियों के लिए इस्तेमाल हो और खर्च का हिसाब दिया जाए।

गडकरी का तर्क: “बेहतर विकल्प उपलब्ध”

गडकरी ने कहा कि प्रदूषण रोकने के लिए टैक्स के बजाय अन्य उपाय बेहतर हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि राज्य बजट से MCD को फंडिंग करे। उनका कहना था कि यह टैक्स कमर्शियल और पुराने पेट्रोल वाहनों पर लग रहा है, जो लोगों की कमर तोड़ रहा है।

वाहन प्रकारटैक्स प्रति एंट्रीउद्देश्य
बड़े ट्रक₹1300प्रदूषण रोकथाम
छोटे कमर्शियल₹700सड़क सुधार
पुराने पेट्रोल वाहनलागूECC फंड

दिल्ली प्रदूषण संकट: सुप्रीम कोर्ट का आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के हवा प्रदूषण पर चिंता जताते हुए ट्रकों को शहर से गुजरने पर ECC लगाने का निर्देश दिया था। इसका मकसद ट्रकों को दिल्ली से बाहर वैकल्पिक रूट्स इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित करना था। MCD फंड से साइकिल ट्रैक और पैदल पथ सुधार पर खर्च।

गडकरी का सुझाव: बजटीय सहायता

मंत्री ने कहा कि MCD को टैक्स से राजस्व की बजाय राज्य बजट से 700-800 करोड़ सालाना मिलें। इससे वाहन मालिकों को राहत मिलेगी। उनका मंत्रालय SC में हस्तक्षेप करेगा।

5 FAQs

  1. नितिन गडकरी ने दिल्ली सरकार से क्या मांगा?
    ग्रीन टैक्स तुरंत हटाने की मांग, MCD को बजट से 700-800 करोड़ सालाना दें।
  2. ग्रीन टैक्स कितना लगता है?
    बड़े ट्रक ₹1300, छोटे कमर्शियल ₹700 प्रति एंट्री।
  3. यह टैक्स क्यों लगाया गया?
    सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर प्रदूषण रोकने के लिए, ट्रकों को शहर से दूर रखने को।
  4. गडकरी क्या करेंगे?
    मंत्रालय के वकीलों से SC में हस्तक्षेप करवाएंगे।
  5. फंड का इस्तेमाल?
    MCD सड़क सुधार, साइकिल-पैदल पथ पर खर्च करता है।

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