अलीगढ़ । अलीगढ़ के थाना क्वार्सी क्षेत्र स्थित धौर्रामाफी के एसआईजी हॉस्पिटल में रविवार को एक महिला मरीज की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। महिला पित्त की थैली के ऑपरेशन के लिए अस्पताल आई थी, लेकिन ऑपरेशन शुरू होने से पहले ही उसकी हालत बिगड़ गई और बाद में उसे मृत घोषित कर दिया गया।
मृतका की पहचान शाइस्ता के रूप में हुई है, जो शहर के ऊपरकोट क्षेत्र की निवासी और अलीगढ़ पब्लिक स्कूल में शिक्षिका थीं। परिजनों के अनुसार, वह पित्त की थैली में पथरी की समस्या से जूझ रही थीं और लंबे समय से इसी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। डॉक्टरों की सलाह पर रविवार को ऑपरेशन के लिए उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
बताया जा रहा है कि ऑपरेशन की तैयारी के दौरान डॉक्टर द्वारा एनेस्थीसिया का इंजेक्शन दिए जाने के बाद अचानक उनकी हालत गंभीर हो गई। स्थिति बिगड़ने पर अस्पताल प्रशासन ने उन्हें जेएन मेडिकल कॉलेज रेफर करने की बात कही। हालांकि परिजनों का आरोप है कि उस समय तक महिला की मौत हो चुकी थी और रेफर करने की प्रक्रिया सिर्फ औपचारिकता थी।
घटना की जानकारी मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंच गए और लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। हंगामे के दौरान अस्पताल के डॉक्टर और स्टाफ कथित रूप से एक कमरे में छिप गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौके की स्थिति संभाली और तलाशी के दौरान डॉक्टर व स्टाफ को कमरे से बाहर निकाला।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। परिजनों ने लिखित शिकायत देकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
सूत्रों के अनुसार, एनेस्थीसिया देने वाले डॉक्टर और अन्य संबंधित चिकित्सकों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। वहीं, पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा।
इस घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है और एक बार फिर निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली और चिकित्सा लापरवाही पर सवाल खड़े हो गए हैं।
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