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युवा साधक विकी सिंह दसौंधी की पहल को मिली व्यापक सराहना

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Initiative of young seeker Vicky Singh Dasoundhi received widespread appreciation
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काशी में सम्पन्न वैदिक शक्ति महाअनुष्ठान बना चर्चा का विषय, युवा साधक विकी सिंह दसौंधी की पहल को मिली व्यापक सराहना

वाराणसी। काशी के पावन घाटों पर हाल ही में सम्पन्न हुए एक विशेष वैदिक शक्ति महाअनुष्ठान ने आध्यात्मिक और सामाजिक जगत का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। शास्त्रोक्त विधि से सम्पन्न इस आयोजन का नेतृत्व युवा साधक विकी सिंह दसौंधी ने किया, जिन्हें उनके निकटवर्ती लोग स्नेहपूर्वक “विकी” नाम से जानते हैं। उनका दीक्षित एवं आध्यात्मिक नाम अलग है, जबकि सार्वजनिक जीवन में वे इसी नाम से अधिक परिचित हैं।

मुंबई निवासी तथा दिल्ली में शिक्षित विकी सिंह दसौंधी बचपन से ही सनातन धर्म, वेद, उपनिषद और दर्शन शास्त्र के अध्ययन से जुड़े रहे हैं। शाक्त परंपरा में दीक्षित होने के बाद उन्होंने वैदिक साधना और भारतीय ज्ञान परंपरा के प्रचार-प्रसार को अपना प्रमुख कार्यक्षेत्र बनाया।

दो दिन पूर्व सम्पन्न हुए इस विशेष अनुष्ठान में वैदिक मंत्रोच्चार, अग्निहोत्र और शक्ति उपासना के माध्यम से राष्ट्र कल्याण, सामाजिक समरसता और विश्व शांति की कामना की गई। आयोजन में काशी की प्राचीन वैदिक परंपराओं का शास्त्रीय स्वरूप देखने को मिला।

विकी सिंह दसौंधी का मानना है कि शक्ति साधना केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आत्मबल, अनुशासन और सकारात्मक चेतना को जागृत करने का एक प्राचीन भारतीय विज्ञान है, जिसे आधुनिक समाज के सामने व्यावहारिक रूप में प्रस्तुत करने की आवश्यकता है।

सूत्रों के अनुसार राजनीतिक, सामाजिक और व्यावसायिक क्षेत्रों से जुड़े अनेक प्रतिष्ठित व्यक्तित्व समय-समय पर उनसे सनातन दर्शन, वैदिक परंपराओं और आध्यात्मिक विषयों पर विचार-विमर्श एवं मार्गदर्शन प्राप्त करते हैं। हालांकि ऐसे संवादों को सदैव व्यक्तिगत गोपनीयता और मर्यादा के दायरे में रखा जाता है।

इस संपूर्ण अभियान में काशी के प्रसिद्ध आचार्य अरविंद मिश्र जी एवं उनकी विद्वान आचार्यों की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वैदिक शास्त्रों के अनुरूप अनुष्ठानों के संचालन और पारंपरिक विधानों के संरक्षण में उनका विशेष योगदान रहा।

इस मुहिम का संचालन विशाल फाउंडेशन द्वारा किया गया, जो भारतीय संस्कृति, वैदिक परंपराओं और सनातन मूल्यों के संरक्षण एवं जनजागरण के लिए समर्पित संस्था के रूप में कार्य कर रहा है। फाउंडेशन का उद्देश्य प्राचीन भारतीय ज्ञान को आधुनिक समाज और नई पीढ़ी तक सकारात्मक एवं व्यावहारिक रूप में पहुँचाना है।

काशी में सम्पन्न यह महाअनुष्ठान केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय आध्यात्मिक विरासत और सनातन संस्कृति को नई पीढ़ी से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।

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Written by
Yudhishthir Mahato

Yudhishthir Mahato is a journalist. He has been doing journalism for the past several years. He started journalism as a reporter in the year 2017. He also worked for newspapers, news portals and TV channels. Currently, along with journalism, he also does public relations work. He has done M.A in Mass Communication from Binod Bihari Mahato Koyalanchal University. He has been honored by many organizations. Apart from this, he also writes songs and poems.

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