Home देश गोवा क्लब त्रासदी के बाद भुवनेश्वर बार में आग: दमकल ने घंटों की मशक्कत के बाद काबू पाया
देश

गोवा क्लब त्रासदी के बाद भुवनेश्वर बार में आग: दमकल ने घंटों की मशक्कत के बाद काबू पाया

Share
No Limit Bar Blaze in Bhubaneswar: Rooftop Bar Destroyed
Share

भुवनेश्वर के सत्य विहार इलाके में एक बार में सुबह भीषण आग लग गई। घना धुआं उठने से अफरातफरी मच गई, लेकिन दमकल की त्वरित कार्रवाई से आग पर काबू पा लिया गया और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है; शॉर्ट सर्किट की आशंका, जांच जारी है।

भुवनेश्वर के बार में भीषण आग: सत्य विहार में मचा हड़कंप, गनीमत रही कि कोई हताहत नहीं

भुवनेश्वर के बार में भीषण आग, सत्य विहार इलाका धुएं से घिरा – बड़ी घटना में राहत की बात, कोई हताहत नहीं

ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर के सत्य विहार इलाके में शुक्रवार सुबह एक बार में लगी भीषण आग से आसपास के इलाके में अफरातफरी मच गई। इमारत की ऊपरी मंजिल से घना काला धुआं उठता देख स्थानीय लोगों ने तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी, जिसके बाद दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और लगभग एक से दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। पुलिस और फायर विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, इस घटना में किसी के घायल या हताहत होने की सूचना नहीं है, जो इतनी तेज़ आग के बीच राहत की बड़ी बात है।​​

स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, आग सत्य विहार क्षेत्र की एक इमारत की टॉप फ्लोर पर स्थित बार‑रेस्टोरेंट से शुरू हुई, जहां से आग और धुआं तेजी से फैलते हुए पूरे फ्लोर को अपनी चपेट में ले लिया। ‘नो लिमिट’ नाम से चल रहे इस बार का इंटीरियर लगभग पूरी तरह जलकर खाक हो गया और भीतर रखे फर्नीचर, सजावट और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को भारी नुकसान पहुंचा। कई प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कुछ ही मिनटों में धुएं का गुबार इतना गहरा हो गया कि आसपास के दुकानदारों और राहगीरों को तुरंत सुरक्षित दूरी बनानी पड़ी और पुलिस को ट्रैफिक डायवर्ट करना पड़ा, जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग के एक हिस्से पर वाहनों की लंबी कतार लग गई।​

दमकल की तेज़ कार्रवाई, आग को आसपास की इमारतों तक फैलने से रोका गया

फायर कंट्रोल रूम को सुबह करीब 8:50 बजे सूचना मिलने के बाद दो से पांच दमकल गाड़ियों को तुरंत मौके पर रवाना किया गया। फायर ब्रिगेड की टीमों ने लगभग एक घंटे से अधिक समय तक लगातार पानी की बौछारें कर आग को नियंत्रित किया और यह सुनिश्चित किया कि लपटें बगल की इमारतों या निचली मंजिलों तक न फैलें। अधिकारियों के मुताबिक, आग मुख्य रूप से छत पर बने बार एरिया में सीमित रही, हालांकि वहां मौजूद सामग्री और इंटीरियर काफी हद तक नष्ट हो गए।​

ओडिशा फायर सर्विस के अधिकारियों ने बताया कि आग के कारणों का अभी आधिकारिक रूप से पता नहीं चल पाया है, लेकिन शुरुआती आशंकाओं के अनुसार शॉर्ट सर्किट या किसी ऑपरेशनल गलती की वजह से यह घटना हो सकती है। दमकल कर्मियों ने यह भी कहा कि पूरी तरह ठंडा होने के बाद ही फॉरेंसिक और टेक्निकल टीम मौके का मुआयना करेगी, जिसके बाद अंतिम रिपोर्ट में आग की सही वजह और नुकसान का अनुमान दर्ज किया जाएगा।​​

फायर सेफ्टी पर फिर सवाल, गोवा क्लब हादसे की पृष्ठभूमि में बढ़ी चिंता

यह घटना ऐसे समय में हुई है जब कुछ ही दिन पहले गोवा के अर्पोरा इलाके के एक नाइटक्लब में लगी भीषण आग में 25 लोगों की मौत हो चुकी है, जहां बाद में फायर सेफ्टी के गंभीर उल्लंघन सामने आए थे। गोवा मामले में फुलैमेबल डेकोरेशन, इलेक्ट्रिक फायरवर्क्स और नॉन‑फंक्शनल फायर एक्सटिंग्विशर्स ने क्लब को मिनटों में ‘डेथ ट्रैप’ में बदल दिया, जिसके बाद देशभर में रेस्तरां, बार और क्लबों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे हैं।

भुवनेश्वर की इस घटना के बाद भी कई स्थानीय रिपोर्टों में यह बात सामने आई कि संबंधित बार में अनिवार्य अग्नि सुरक्षा सिस्टम और वैध फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट को लेकर जांच की जा रही है। प्रारंभिक निरीक्षण में अधिकारियों को यह संदेह हुआ कि या तो फायर अलार्म, स्प्रिंकलर और अन्य सेफ्टी उपकरण ठीक से इंस्टॉल नहीं थे, या फिर उनका मेंटेनेंस पर्याप्त नहीं था, जिस वजह से आग तेजी से भड़की और पूरे बार एरिया को नुकसान पहुंचा दिया।

बार पूरी तरह जलकर खाक, लेकिन कोई जनहानि नहीं – प्रशासन ने शुरू की जांच

घटना के बाद पुलिस और नगर प्रशासन ने प्रभावित इमारत के आसपास के हिस्से को अस्थायी रूप से घेराबंदी कर दिया, ताकि कोई भी व्यक्ति असुरक्षित ढांचे में अंदर न जा सके। फायर अधिकारियों ने बताया कि अंदर का अधिकांश फर्नीचर, लकड़ी की सजावट और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पूरी तरह जल चुके हैं और संरचना की स्थिरता की जांच जारी है, ताकि यह तय किया जा सके कि आगे मरम्मत संभव है या इमारत के हिस्सों को गिराना पड़ेगा।​

पुलिस ने बार मालिकों और मैनेजमेंट से पूछताछ शुरू कर दी है, जिसमें फायर सेफ्टी क्लीयरेंस, लाइसेंस, बिजली के कनेक्शन और हाल में हुए किसी इलेक्ट्रिकल वर्क के बारे में जानकारी ली जा रही है। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि यदि जांच में अग्नि सुरक्षा मानकों के उल्लंघन या नियमों की अनदेखी साबित हुई तो संबंधित संचालकों पर कड़ी कार्रवाई, जुर्माना और लाइसेंस रद्द करने तक की कार्यवाही की जा सकती है।

शहरवासियों में डर और सबक: नाइटलाइफ स्थलों के लिए क्या ज़रूरी है?

घटना के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें इमारत की छत से उठता काला धुआं, दमकल की गाड़ियां और ट्रैफिक जाम साफ दिखता है। कई लोगों ने चिंता जताई कि अगर आग लगने का समय रात में होता, जब बार में भीड़ होती है, तो स्थिति कहीं अधिक गंभीर और जानलेवा हो सकती थी।​

फायर सेफ्टी विशेषज्ञों का मानना है कि बार, रेस्तरां और नाइटक्लब जैसे बंद स्थानों में नियमित फायर ड्रिल, साफ‑साफ मार्क्ड एग्जिट गेट, काम कर रहे फायर अलार्म, स्मोक डिटेक्टर और समय‑समय पर इलेक्ट्रिक वायरिंग की जांच बेहद जरूरी है। भुवनेश्वर की इस घटना ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि केवल लाइसेंस लेना काफी नहीं, बल्कि सुरक्षा मानकों का ईमानदारी से पालन करना ही लोगों की जान बचाने की असली गारंटी है।

5 FAQs (Hindi)

  1. भुवनेश्वर में आग कहां लगी और कब की घटना है?
    यह घटना ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर के सत्य विहार इलाके में स्थित एक बार में शुक्रवार सुबह हुई, जहां इमारत की टॉप फ्लोर पर अचानक आग भड़क गई।
  2. क्या इस आग में किसी के घायल या हताहत होने की खबर है?
    फायर ब्रिगेड और पुलिस के अनुसार, घटना में किसी के घायल या हताहत होने की सूचना नहीं है; समय पर सूचना और त्वरित कार्रवाई से बड़ी जनहानि टल गई।
  3. आग लगने की शुरुआती वजह क्या मानी जा रही है?
    अधिकारियों ने फिलहाल शॉर्ट सर्किट या किसी ऑपरेशनल गलती की संभावना जताई है, लेकिन वास्तविक कारण का पता विस्तृत जांच और फॉरेंसिक निरीक्षण के बाद ही चल पाएगा।
  4. कितनी दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर कैसे काबू पाया गया?
    सूचना मिलते ही दो से पांच दमकल वाहनों को मौके पर भेजा गया, जिन्होंने लगभग एक से दो घंटे की मशक्कत के बाद आग को नियंत्रित कर लिया और उसे आसपास की इमारतों तक फैलने से रोक दिया।​
  5. इस घटना के बाद क्या कार्रवाई और जांच शुरू की गई है?
    फायर और पुलिस विभाग ने बार की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था, लाइसेंस और इलेक्ट्रिकल सिस्टम की जांच शुरू कर दी है; अगर नियमों की अनदेखी या सुरक्षा उल्लंघन साबित हुआ तो संचालकों पर कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
Share

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

आर्थिक सर्वे 2025-26: 6.8-7.2% ग्रोथ अनुमान, विकसित भारत का रोडमैप- पीएम मोदी

आर्थिक सर्वे 2025-26 पेश। पीएम मोदी बोले- चुनौतीपूर्ण वैश्विक माहौल में स्थिर...

अजित पवार की दर्दनाक मौत: बारामती प्लेन क्रैश का ब्लैक बॉक्स रिकवर, फडणवीस ने मांगी पूरी जांच!

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार मुंबई से बारामती जाते विमान हादसे में...

सीजेआई सूर्या कांत का बड़ा बयान: ट्रेड यूनियन ने देश की इंडस्ट्री बंद कराई, नौकरियां छीनी!

सीजेआई सूर्या कांत ने ट्रेड यूनियनों को इंडस्ट्री बंद करने का जिम्मेदार...

शशि थरूर की राहुल-खड़गे से बंद कमरे की बातचीत: कांग्रेस में दरारें भरने का राज क्या?

शशि थरूर ने राहुल गांधी-मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात की, बोले ‘सब एक...