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झारखंड की माटी, संघर्ष की परंपरा और 54वाँ स्थापना दिवस।

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धनबाद की धरती पर फिर लहराएगा झामुमो का परचम।

धनबाद । 4 फरवरी 2026 को धनबाद की ऐतिहासिक धरती एक बार फिर झारखंड के संघर्ष, स्वाभिमान और जनआंदोलन की साक्षी बनने जा रही है। झारखंड मुक्ति मोर्चा अपने 54वें स्थापना दिवस को पूरे जोश, संकल्प और जनसमर्थन के साथ मनाने जा रहा है। यह सिर्फ एक राजनीतिक आयोजन नहीं, बल्कि उस संघर्ष की जीवंत अभिव्यक्ति है जिसने झारखंड को पहचान दिलाई।

झारखंड मुक्ति मोर्चा की नींव दिशोम गुरु स्वर्गीय शिबू सोरेन ने रखी थी।जल, जंगल, जमीन और आदिवासी-अस्मिता की रक्षा के लिए। आज वही विचारधारा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के युवा, ईमानदार और जनपक्षीय नेतृत्व में नई ऊंचाइयों को छू रही है।

संघर्ष से संगठन तक : सूरज महतो की राजनीतिक यात्रा

झारखंड मुक्ति मोर्चा के इस गौरवशाली सफर में सूरज महतो जैसे जमीनी नेताओं की भूमिका अहम रही है। वर्ष 2014 से लगातार सक्रिय राजनीति में जुड़े सूरज महतो पार्टी की विचारधारा के प्रति अपनी निष्ठा और कर्मठता के लिए जाने जाते हैं। उनकी मेहनत और संघर्ष को देखते हुए पार्टी ने 2014 में बाघमारा विधानसभा से उन्हें चुनाव लड़ने का अवसर दिया।

वर्ष 2015 में धनबाद के गोल्फ ग्राउंड में आयोजित स्थापना दिवस के भव्य कार्यक्रम में उन्हें दिशोम गुरु शिबू सोरेन और वर्तमान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ मंच साझा करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।जो उनके राजनीतिक जीवन का एक अविस्मरणीय क्षण रहा।

युवा नेतृत्व, जनसंघर्ष और नई ऊर्जा

एक किसान परिवार में जन्मे, बेहद ओजस्वी और जुझारू नेता सूरज महतो झारखंड मुक्ति युवा मोर्चा के धनबाद जिलाध्यक्ष के रूप में युवाओं की आवाज बने हुए हैं। किसानों, मजदूरों, गरीबों और विस्थापितों के हक की लड़ाई में वे लगातार पार्टी के झंडे तले संघर्षरत हैं।

4 फरवरी 2026 को जब धनबाद की भूमि एक बार फिर स्थापना दिवस की साक्षी बनेगी, तब सूरज महतो इस ऐतिहासिक आयोजन को सफल और यादगार बनाने में पूरी ऊर्जा के साथ जुटे हुए हैं। युवा मोर्चा के नेतृत्व में संगठन को और मजबूत करने, पार्टी की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने और कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाने का संकल्प लिया गया है।

भविष्य की ओर कदम

झारखंड मुक्ति मोर्चा का 54वाँ स्थापना दिवस सिर्फ अतीत की याद नहीं, बल्कि भविष्य की दिशा तय करने का अवसर है। यह कार्यक्रम संघर्ष, एकता और संकल्प का प्रतीक बनेगा।जहां युवा, किसान, मजदूर और आम जनता एक साथ पार्टी की ताकत का एहसास कराएंगे।

धनबाद की धरती से एक बार फिर संदेश जाएगा। झारखंड झुकेगा नहीं, झामुमो रुकेगा नहीं।

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Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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