कांग्रेस सांसद शशि थरूर को St Xavier’s University, Kolkata की 7वीं दीक्षांत में मानद D.Litt (Doctor of Letters) से सम्मानित किया गया, जिसे उन्होंने भारत में अपना पहला मानद डॉक्टरेट बताया। समारोह में 1,052 छात्रों को डिग्री, 25 PhD स्कॉलर्स को सम्मान और 17 गोल्ड मेडल दिए गए।
थरूर ने बताया ‘सबसे कीमती’ सम्मान: भारत में पहला Honorary Doctorate, बोले—“मैंने एक डॉक्टरेट मेहनत से कमाई”
St Xavier’s University, Kolkata की 7वीं दीक्षांत में शशि थरूर को मानद D.Litt: “भारत में मेरा पहला Honorary Doctorate”
राजनयिक से राजनेता बने कांग्रेस सांसद शशि थरूर को शनिवार को कोलकाता स्थित St Xavier’s University ने मानद Doctor of Letters (D.Litt) की उपाधि से सम्मानित किया। थरूर ने इसे भारत में अपना पहला मानद डॉक्टरेट बताया और कहा कि एक “Xaverian” के तौर पर यह सम्मान उनके लिए और भी खास बन जाता है। यह उपाधि यूनिवर्सिटी की सातवीं दीक्षांत (7th convocation) के दौरान दी गई, जो बिस्वा बांग्ला कन्वेंशन सेंटर, न्यू टाउन में आयोजित हुई।
थरूर ने X (पूर्व ट्विटर) पर लिखा कि वे इस सम्मान से “incredibly honoured and humbled” हैं। उन्होंने यह भी याद किया कि सात साल पहले वे इसी विश्वविद्यालय के पहले दीक्षांत समारोह में convocation speaker भी रहे थे। थरूर ने कहा कि उन्होंने एक डॉक्टरेट “hard way” यानी कड़ी मेहनत से हासिल की है और इससे पहले कुछ मानद डॉक्टरेट मिल चुके हैं, लेकिन भारत में यह उनका पहला honorary doctorate है।
दीक्षांत समारोह में कितने छात्रों को डिग्री मिली?
इस दीक्षांत समारोह में बड़ी संख्या में छात्रों और रिसर्च स्कॉलर्स को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में 1,052 अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट छात्रों को डिग्रियां प्रदान की गईं। इसके अलावा 25 PhD स्कॉलर्स को felicitated किया गया और 17 छात्रों को गोल्ड मेडल दिए गए।
तालिका: Convocation 2026 – मुख्य आंकड़े
| श्रेणी | संख्या |
|---|---|
| UG/PG डिग्री | 1,052 |
| PhD स्कॉलर्स सम्मानित | 25 |
| गोल्ड मेडल | 17 |
थरूर का दीक्षांत संदेश: “शिक्षा जानकारी से आगे, विवेक तक जाए”
अपने संबोधन में थरूर ने शिक्षा की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षा को सिर्फ information तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि formation यानी व्यक्तित्व-निर्माण तक जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा को केवल competence (काबिलियत) तक नहीं, बल्कि conscience (विवेक/नैतिक चेतना) तक ले जाना जरूरी है। थरूर के मुताबिक, शिक्षा की वास्तविक कीमत इस बात में है कि उसका उपयोग समाज की सेवा में कैसे होता है।
उन्होंने बताया कि Jesuit संस्थानों में पढ़ाई के दौरान उन्हें कुछ मूलभूत मूल्य मिले—जैसे बौद्धिक जिज्ञासा, मानसिक कठोरता (mental rigour), मेहनत का सम्मान, self-discipline और नैतिक/एथिकल फ्रेमवर्क में “received wisdom” यानी पहले से मान ली गई बातों पर सवाल करने की आदत। यह वही बात है जो आज के युवाओं को सिर्फ करियर नहीं, बल्कि नागरिक के रूप में भी मजबूत बनाती है।
महिलाओं की उपलब्धि पर थरूर की खास टिप्पणी
थरूर ने यह भी कहा कि उन्हें यह देखकर खुशी हुई कि अकादमिक क्षेत्र में महिलाओं ने तेज प्रगति की है। उन्होंने बताया कि इस दीक्षांत में ज्यादातर गोल्ड मेडलिस्ट महिलाएं थीं, जो बदलते शैक्षिक माहौल का मजबूत संकेत है।
उन्होंने छात्रों से कहा कि भारत का भविष्य “स्लोगन” से नहीं लिखा जाएगा, बल्कि ऐसे नागरिकों से बनेगा जो skill के साथ sensitivity, confidence के साथ humility, और success के साथ service को जोड़ना जानते हों। उन्होंने युवाओं से civic responsibility को प्राथमिकता देने की अपील की।
थरूर का कोलकाता से जुड़ाव: “पहचान की जड़ें”
थरूर ने इस सम्मान को “deeply special” बताया, क्योंकि वे St. Xavier’s Collegiate School, Kolkata के छात्र रह चुके हैं (1969-1971)। ऐसे में उसी ‘Xaverian’ परंपरा से जुड़े संस्थान द्वारा सम्मानित होना उनके लिए भावनात्मक और व्यक्तिगत महत्व रखता है।
शशि थरूर का सार्वजनिक जीवन: संक्षिप्त संदर्भ
थरूर 2009 से तिरुवनंतपुरम (केरल) से लगातार सांसद रहे हैं और यह उनका चौथा कार्यकाल बताया गया है। राजनीति के साथ-साथ वे लेखक और वक्ता के रूप में भी पहचाने जाते हैं, इसलिए मानद D.Litt का यह सम्मान उनके साहित्यिक और बौद्धिक योगदान की सार्वजनिक स्वीकृति के तौर पर भी देखा जा रहा है।
FAQs (5)
- शशि थरूर को कौन सा सम्मान मिला है?
St Xavier’s University, Kolkata ने शशि थरूर को मानद Doctor of Letters (D.Litt) की उपाधि से सम्मानित किया। - क्या यह थरूर का भारत में पहला मानद डॉक्टरेट है?
हाँ, थरूर ने खुद कहा कि यह भारत में उनका पहला honorary doctorate है। - दीक्षांत समारोह कहां आयोजित हुआ था?
यह समारोह बिस्वा बांग्ला कन्वेंशन सेंटर, न्यू टाउन, कोलकाता में हुआ। - इस दीक्षांत में कितने छात्रों को डिग्री और कितने गोल्ड मेडल मिले?
1,052 UG/PG छात्रों को डिग्री मिली, 25 PhD स्कॉलर्स को सम्मानित किया गया और 17 छात्रों को गोल्ड मेडल मिले। - थरूर ने शिक्षा को लेकर क्या संदेश दिया?
उन्होंने कहा कि शिक्षा information से formation तक और competence से conscience तक जाए; शिक्षा की सबसे बड़ी कीमत समाज की सेवा में होती है।
- 17 gold medals women achievers
- 25 PhD scholars felicitated
- 7th convocation 1052 degrees awarded
- Biswa Bangla Convention Centre New Town
- Doctor of Letters honoris causa Tharoor
- education beyond information to formation
- Shashi Tharoor honorary D.Litt India
- St Xavier’s University Kolkata convocation
- Tharoor Jesuit education values
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