Home मध्य प्रदेश आदिवासी लोकगीत और सत्संग की अनोखी प्रतियोगिता में एकल की 7 टीमों ने लिया भाग।
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आदिवासी लोकगीत और सत्संग की अनोखी प्रतियोगिता में एकल की 7 टीमों ने लिया भाग।

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गुना (म.प्र) । एकल अभियान द्वारा आयोजित ‘सत्संग प्रतियोगिता’ ग्रामीण और जनजाति क्षेत्रों में भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और भक्ति गीतों को बढ़ावा देने वाली एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगी। इस कार्यक्रम में स्थानीय लोक कलाकार और आदिवासी भजन मंडलियां ने पारंपरिक वेशभूषा के साथ बड़े उत्साह से भाग लिया। यह अभियान “संस्कार शिक्षा” के अंतर्गत ग्रामों में सामाजिक और सांस्कृतिक जनजागरण का काम करेगी। उक्त बातें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्रीय कार्यवाह अशोक अग्रवाल ने कही। इससे पूर्व संभाग स्तरीय सत्संग प्रतियोगिता का शुभारंभ मुख्य अतिथि अशोक अग्रवाल, विशिष्ट अतिथि एकल अभियान पी सेवन प्रभाग जागरण शिक्षा प्रभारी विकास जैन नखराली एवं हरिकथा संभाग अध्यक्ष घनश्याम रघुवंशी ने समिति सदस्यों के साथ भारत माता के चित्र पर दीप प्रज्वलन कर प्रतियोगिता का विधिवत आरंभ कराया। जागरण शिक्षा प्रभारी विकास जैन नखराली ने बताया कि धर्म और संस्कारों को बढ़ावा देने एकल अभियान ने अनोखी पहल करते हुए श्री हरि संस्कार शिक्षा मध्य भारत प्रांत की संभाग स्तरीय सत्संग प्रतियोगिताओ का आयोजन शुक्रवार को गोपाल मंदिर गुना में आयोजित किया गया। इस प्रतियोगिता में खंडवा, खरगोन, रतलाम, बरेली, शिवपुरी, डबरा ओर गुना सहित सात सत्संग मंडलियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल सुरेश बाबू शर्मा, डॉ बसुंधरा भार्गव एवं रेणु अग्रवाल द्वारा अपना निर्णय दिया।जिसमें खंडवा की भजन मंडली ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, दूसरे स्थान पर बरेली रही और तीसरा स्थान खरगोन को प्राप्त हुआ। जिनको मंचासीन अतिथियों ने श्री रामचरित मानस ग्रंथ एवं प्रमाणपत्र भेंट कर तीनों भजन मंडलियों को सम्मानित किया गया। विकास जैन ने कहा कि यह विजेता टीमें 2 से 5 अप्रैल 2026 को अधोध्या में आयोजित एकल की राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में अपना प्रतिनिधित्व कर अपने संच और गांव का नाम रोशन करेगी।जैन ने कहा कि यह प्रतियोगिता का उद्देश्य ग्राम, उपसंच, संच, अंचल और संभाग स्तर से चयनित होकर इन भजन मंडलियों को राष्ट्रीय स्तर पर मंच प्रदान करना और संस्कार शिक्षा को सुदृढ़ करना हैं।

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Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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