प्रयागराज की विशेष POCSO अदालत ने झूंसी थाने को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ नाबालिग लड़कों के यौन शोषण के आरोपों पर FIR दर्ज कर जांच करने का आदेश दिया। याचिका में BNS की यौन अपराध धाराएं और POCSO की धारा 3/5/9/17 लगाने की मांग थी, जिसे कोर्ट ने स्वीकार किया।
विद्या मठ (वाराणसी) में ‘बाटूक’ शोषण का आरोप: कोर्ट ने FIR का आदेश दिया, पुलिस करेगी जांच
प्रयागराज: POCSO अदालत ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया
प्रयागराज की एक विशेष POCSO अदालत ने शनिवार को झूंसी पुलिस स्टेशन के SHO को आदेश दिया कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ FIR दर्ज कर नाबालिग लड़कों के यौन शोषण के आरोपों की जांच की जाए। अदालत का यह आदेश उस याचिका पर आया जिसमें दावा किया गया था कि वाराणसी के विद्या मठ आश्रम में ‘बाटूक’ कहे जाने वाले बच्चों के साथ यौन उत्पीड़न हुआ। कोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए पुलिस को जांच के निर्देश दिए हैं।
अदालत ने पहले क्या देखा, फिर आदेश क्यों दिया?
रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले सप्ताह विशेष न्यायाधीश (POCSO एक्ट) विनोद कुमार चौरसिया की अदालत ने इस मामले में फैसला सुरक्षित रखा था। यह याचिका अशुतोष ब्रह्मचारी महाराज और अन्य लोगों ने दाखिल की थी, जिसमें कथित पीड़ित ‘बाटूक’ बच्चों के बयान दर्ज होने और प्रस्तुत सबूतों की जांच के बाद FIR का निर्देश देने की मांग की गई थी। कोर्ट ने उपलब्ध सामग्री और बयान देखने के बाद पुलिस को केस दर्ज कर जांच आगे बढ़ाने का आदेश दे दिया।
याचिका में कौन-कौन सी धाराओं का जिक्र था?
याचिकाकर्ताओं ने FIR दर्ज कराने के लिए BNS (भारतीय न्याय संहिता) की कई धाराओं के साथ-साथ POCSO एक्ट की धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग की थी। रिपोर्ट में बताया गया है कि BNS की धाराएं 69, 74, 75, 76, 79 और 109 (यौन अपराधों से जुड़ी) और POCSO एक्ट की धारा 3/5/9 तथा 17 के तहत केस दर्ज करने की मांग की गई थी। अदालत ने याचिका स्वीकार करते हुए पुलिस को जांच करने का आदेश दिया।
याचिकाकर्ता का दावा: “अब न्याय मिलेगा”, ‘सनातन यात्रा’ का ऐलान
अशुतोष ब्रह्मचारी ने कोर्ट के आदेश के बाद कहा, “अब हमें न्याय मिलेगा।” उन्होंने यह भी कहा कि वे आज से यहां से विद्या मठ (वाराणसी) तक ‘सनातन यात्रा’ आयोजित कर रहे हैं और दावा किया कि वहां बच्चों के यौन शोषण से जुड़ा पर्याप्त सबूत मौजूद है, जिसे उन्होंने अदालत में दिया है और पुलिस को भी सौंपेंगे।
आरोपों का केंद्र: विद्या मठ और ‘बाटूक’ बच्चे
खबर के अनुसार, आरोपों में कहा गया है कि विद्या मठ आश्रम से जुड़े कुछ स्थानों पर नाबालिग लड़कों का यौन शोषण किया गया। ‘बाटूक’ शब्द आश्रम में रहने वाले छोटे लड़कों के लिए इस्तेमाल किया जाता है। अदालत ने इन्हीं कथित पीड़ितों के बयान दर्ज होने और सबूत सामने आने के बाद FIR का निर्देश दिया है, ताकि औपचारिक जांच प्रक्रिया शुरू हो सके।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पहले भी विवादों में रहे हैं
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद हाल के दिनों में प्रयागराज के माघ मेले के आयोजकों/प्रशासन के साथ टकराव को लेकर भी सुर्खियों में रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया था कि मौनी अमावस्या पर उन्हें स्नान करने से रोका गया। हालांकि यह अलग संदर्भ है, लेकिन इससे यह संकेत मिलता है कि वे पहले से सार्वजनिक विवादों में रहे हैं।
अब आगे क्या होगा? (सरल भाषा में)
अब क्योंकि अदालत ने FIR दर्ज करने का आदेश दिया है, प्रक्रिया आमतौर पर इस तरह आगे बढ़ती है:
- झूंसी थाना FIR रजिस्टर करेगा।
- पुलिस जांच शुरू करेगी, बयान और सबूत जुटाए जाएंगे।
- जरूरत पड़ने पर मेडिकल/फोरेंसिक, डिजिटल सबूत, और गवाहों की जांच होगी।
- जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई (चार्जशीट/क्लोजर रिपोर्ट) होगी।
(यह सामान्य प्रक्रिया है; केस के तथ्य और कोर्ट/पुलिस की कार्यवाही के अनुसार कदम बदल सकते हैं।)
FAQs (5)
- किस कोर्ट ने FIR का आदेश दिया?
प्रयागराज की विशेष POCSO अदालत ने झूंसी पुलिस स्टेशन के SHO को FIR दर्ज करने का आदेश दिया। - किसके खिलाफ FIR दर्ज करने का निर्देश है?
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ नाबालिग लड़कों के यौन शोषण के आरोपों पर FIR दर्ज करने का निर्देश दिया गया है। - आरोप किस जगह से जुड़े बताए गए हैं?
खबर के मुताबिक, आरोप वाराणसी के विद्या मठ आश्रम से जुड़े हैं, जहां ‘बाटूक’ कहे जाने वाले लड़कों के शोषण की बात कही गई है। - याचिका किसने दाखिल की थी?
याचिका अशुतोष ब्रह्मचारी महाराज और अन्य लोगों ने दाखिल की थी, जिसमें FIR दर्ज कराने और जांच के निर्देश की मांग की गई थी। - अब केस में अगला कदम क्या होगा?
अदालत के आदेश के बाद पुलिस FIR दर्ज कर जांच शुरू करेगी और सबूत/बयानों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया चलेगी।
- Ashutosh Brahmachari Maharaj petition BNS 173(4)
- BNS sections 69 74 75 76 79 109
- Jhunsi police station FIR Prayagraj
- POCSO court orders FIR Avimukteshwaranand
- POCSO sections 3 5 9 17
- Sanatan Yatra Vidya Math protest
- sexual abuse allegations boys ashram
- Special Judge Vinod Kumar Chaurasia order
- Vidya Math Varanasi batook abuse allegations
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