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रोहित पवार ने लिखा PM को पत्र: “जांच पूरी होने तक एविएशन मंत्री राम मोहन नायडू से इस्तीफा दिलाइए”

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Rohit Pawar Questions DGCA Oversight in Ajit Pawar Crash Case
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बारामती प्लेन क्रैश (28 जनवरी) में 5 लोगों की मौत, जिसमें उपमुख्यमंत्री अजित पवार भी शामिल थे। NCP(SP) नेता रोहित पवार ने ऑपरेटर VSR Ventures पर ‘ताकतवर राजनीतिक-बिजनेस’ लिंक का आरोप लगाया और CVR रिकॉर्डिंग (30 मिनट बनाम 2 घंटे नियम) में विसंगति उठाई। PM मोदी-शाह से निष्पक्ष जांच की अपील।

“CVR नियम 2 घंटे का, रिकॉर्डिंग सिर्फ 30 मिनट?”—बारामती हादसे में रोहित पवार ने उठाए DGCA पर सवाल

बारामती प्लेन क्रैश: रोहित पवार का आरोप—ऑपरेटर के ‘ताकतवर’ लिंक, CVR में ‘गंभीर विसंगति’ का दावा

महाराष्ट्र की राजनीति में बारामती प्लेन क्रैश को लेकर विवाद और तेज हो गया है। NCP (SP) के जनरल सेक्रेटरी और विधायक रोहित पवार ने शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि इस हादसे में शामिल प्राइवेट जेट ऑपरेटर के “बहुत प्रभावशाली” राजनीतिक और कारोबारी लोगों से संबंध हैं। रोहित पवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से अपील की कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराई जाए, ताकि “अजित दादा” को न्याय मिल सके।

रोहित पवार के मुताबिक, जैसे-जैसे मामले की परतें खुल रही हैं, यह बात सामने आती जा रही है कि दिल्ली स्थित चार्टर फर्म VSR Ventures (VSR Aviation) को कुछ शक्तिशाली लोगों का “समर्थन” मिल रहा है। उन्होंने कहा कि इनमें कुछ लोग राज्य सरकारों में पदों पर हैं और कुछ केंद्र की सत्तारूढ़ पार्टी से जुड़े बताए जाते हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि कुछ प्रमुख व्यवसायी भी राजनीतिक रूप से जुड़े हुए हैं और कथित तौर पर VSR कंपनी से जुड़े हो सकते हैं।

“साजिश दो तरह की हो सकती है”—राजनीतिक या कारोबारी?

रोहित पवार ने इस मामले में “कंस्पिरेसी” की संभावना का उल्लेख करते हुए कहा कि साजिश दो प्रकार की हो सकती है—राजनीतिक या कमर्शियल (कारोबारी)। उन्होंने कहा कि यह पता करने की कोशिश की जा रही है कि इस केस में किस तरह की साजिश हो सकती है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ “आवाज़ें” नैरेटिव को कंट्रोल करने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन अगर सच में न्याय चाहिए तो देश के सबसे शक्तिशाली नेता ही निष्पक्ष जांच सुनिश्चित कर सकते हैं।

हादसा किस विमान का था और कब हुआ?

रिपोर्ट के अनुसार, यह हादसा Bombardier Learjet 45 (VT-SSK) से जुड़ा था, जिसे VSR Ventures (VSR Aviation) ऑपरेट कर रही थी। विमान 28 जनवरी को सुबह करीब 8:10 बजे छत्रपति शिवाजी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (मुंबई) से बारामती के लिए रवाना हुआ था। ऑपरेटर की तरफ से यह दावा किया गया कि लैंडिंग के दौरान विजिबिलिटी (दृश्यता) की बाधाओं ने भूमिका निभाई हो सकती है।

इस दुर्घटना में कुल 5 लोगों की मौत हुई, जिनमें महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार भी शामिल थे। इसी वजह से यह मामला केवल एविएशन सेफ्टी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक रूप से भी बेहद संवेदनशील हो गया है।

CVR विवाद: “रूल 2 घंटे का, रिकॉर्डिंग 30 मिनट की कैसे?”

रोहित पवार ने सबसे बड़ा सवाल कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर (CVR) को लेकर उठाया। उन्होंने कहा कि CVR रिकॉर्डिंग की अवधि कथित तौर पर सिर्फ 30 मिनट थी, जबकि DGCA की शर्त के मुताबिक यह 2 घंटे होनी चाहिए।

उन्होंने सवाल किया, “अगर CVR सिर्फ 30 मिनट रिकॉर्ड कर सकता है और नियम कहता है कि 2 घंटे होना चाहिए, तो फिर वह विमान रजिस्टर कैसे हुआ?” यह सवाल सीधे DGCA की निगरानी और अनुमोदन प्रक्रिया पर भी खड़े होते हैं।

रोहित पवार का PM को पत्र: एविएशन मंत्री के इस्तीफे की मांग

रोहित पवार ने शनिवार को प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर मांग की कि केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू से कहा जाए कि वे इस केस की जांच पूरी होने तक अपने पद से इस्तीफा दें।

पत्र में रोहित पवार ने लिखा कि यह कदम इसलिए जरूरी है ताकि जांच पर कोई प्रभाव या हस्तक्षेप न हो और यह भी निष्पक्ष तरीके से जांच हो सके कि क्या DGCA किसी भी तरह से VSR के मामले में “कम्प्रोमाइज” हुआ था या नहीं।

इस पूरे विवाद का राजनीतिक अर्थ क्या है?

इस मुद्दे में तीन स्तरों पर दबाव बनता दिख रहा है। पहला, जांच की पारदर्शिता—क्योंकि मृतकों में एक शीर्ष राजनीतिक नेता शामिल हैं। दूसरा, एविएशन रेगुलेशन—क्योंकि CVR जैसी सेफ्टी-क्रिटिकल चीज पर सवाल उठ रहे हैं। तीसरा, राजनीतिक नैरेटिव—क्योंकि रोहित पवार “ताकतवर” लिंक और “नैरेटिव कंट्रोल” की बात कर रहे हैं।

आने वाले दिनों में जांच एजेंसियों, DGCA और मंत्रालय के जवाब, साथ ही तकनीकी रिपोर्ट्स (CVR/फ्लाइट डेटा और पोस्ट-क्रैश निष्कर्ष) इस मामले में सबसे निर्णायक होंगे। फिलहाल, रोहित पवार की मांग है कि जांच पर किसी भी तरह का दबाव न पड़े और इसे देश के शीर्ष नेतृत्व की निगरानी में निष्पक्षता से पूरा किया जाए।

Table: इस केस में मुख्य दावे और सवाल

मुद्दाक्या दावा/सवाल उठाया गया
ऑपरेटर के लिंकVSR Ventures के प्रभावशाली राजनीतिक/बिजनेस लोगों से संबंध होने का आरोप
साजिश का एंगलराजनीतिक या कमर्शियल—किस तरह की साजिश, यह जांच का विषय
CVR रिकॉर्डिंग30 मिनट रिकॉर्डिंग बनाम DGCA का 2 घंटे का नियम—विमान रजिस्ट्रेशन कैसे?
मंत्री पर मांगजांच पूरी होने तक नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू के इस्तीफे की मांग

FAQs (5)

  1. बारामती प्लेन क्रैश में रोहित पवार ने क्या आरोप लगाया?
    उन्होंने आरोप लगाया कि हादसे में शामिल प्राइवेट जेट ऑपरेटर VSR Ventures को “बहुत प्रभावशाली” राजनीतिक और कारोबारी लोगों का समर्थन/लिंक मिल रहा है और इसलिए निष्पक्ष जांच जरूरी है।
  2. यह हादसा किस विमान से जुड़ा था?
    यह Bombardier Learjet 45 (VT-SSK) से जुड़ा था, जिसे VSR Ventures (VSR Aviation) ऑपरेट कर रही थी।
  3. CVR को लेकर रोहित पवार ने क्या सवाल उठाया?
    उन्होंने कहा कि CVR रिकॉर्डिंग कथित तौर पर 30 मिनट की है, जबकि नियम के अनुसार 2 घंटे की होनी चाहिए—तो विमान का रजिस्ट्रेशन कैसे हुआ?
  4. रोहित पवार ने PM मोदी और अमित शाह से क्या अपील की?
    उन्होंने PM मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने की अपील की ताकि “अजित दादा” को न्याय मिल सके।
  5. रोहित पवार ने नागरिक उड्डयन मंत्री को लेकर क्या मांग की?
    उन्होंने PM को पत्र लिखकर मांग की कि जांच पूरी होने तक नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू से इस्तीफा देने को कहा जाए, ताकि जांच पर कोई प्रभाव न पड़े।

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