अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वॉशिंगटन के ‘Board of Peace’ इवेंट में दावा दोहराया कि पिछले साल भारत-पाक तनाव के दौरान उन्होंने PM मोदी से बात की और ट्रेड-टैरिफ दबाव से संघर्ष रुकवाया। ट्रंप ने 200% टैरिफ और “11 जेट” गिरने जैसी बातें कहीं, जबकि भारत पहले ही थर्ड-पार्टी मध्यस्थता के दावों को खारिज करता रहा है।
ऑपरेशन ‘सिंदूर’ के बाद तनाव और सीजफायर: ट्रंप बोले “11 जेट गिरे”, “न्यूक्लियर हो सकता था”
ट्रंप ने फिर दोहराया India-Pak ceasefire दावा: “PM मोदी से बात हुई, वो अभी हमें देख रहे हैं”
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दावा किया है कि पिछले साल भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव के दौरान उन्होंने सीधे हस्तक्षेप कर संघर्ष रुकवाने में भूमिका निभाई थी। वॉशिंगटन में ‘Board of Peace’ इवेंट के दौरान ट्रंप ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की थी और मजाकिया लहजे में यह भी जोड़ दिया कि “वो एक्साइटेड हैं” और “अभी हमें देख रहे हैं।” यह बयान कूटनीतिक रूप से संवेदनशील माना जा रहा है, क्योंकि भारत पहले भी बार-बार कह चुका है कि किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता नहीं हुई थी।
ट्रंप ने मंच से कहा, “Pakistan and India… I spoke to Prime Minister Modi. He’s excited. He’s watching us right now.” साथ ही, उन्होंने दोहराया कि जब हालात बिगड़े तो उन्होंने दोनों देशों को चेतावनी दी कि अगर लड़ाई नहीं रुकी तो वे ट्रेड डील्स रोक देंगे और भारी टैरिफ लगा देंगे।
ट्रंप का ‘ट्रेड प्रेशर’ दावा: 200% टैरिफ की धमकी और “फोन कॉल” वाली कहानी
ट्रंप ने इस इवेंट में दावा किया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान से कहा था, “मैं आप दोनों के साथ ट्रेड डील्स नहीं करूंगा अगर आप इसे सेटल नहीं करते।” उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने 200 प्रतिशत टैरिफ लगाने की बात कही थी, ताकि दोनों देशों पर आर्थिक दबाव बने और संघर्ष रुक जाए।
उन्होंने संघर्ष को लेकर कुछ और दावे भी किए—जैसे “युद्ध रेजिंग था”, “प्लेन गिराए जा रहे थे” और “11 जेट शॉट डाउन” हुए। ट्रंप ने यह भी कहा कि यह टकराव न्यूक्लियर दिशा में जा सकता था। ये दावे अमेरिकी घरेलू राजनीति में “सख्त डीलमेकर” वाली इमेज से भी जुड़े माने जाते हैं, लेकिन भारत की तरफ से इस तरह की कहानी को पहले ही नकारा जाता रहा है।
मई 2025 का संदर्भ: ऑपरेशन ‘सिंदूर’ और उसके बाद सीजफायर का मुद्दा
रिपोर्ट के मुताबिक, यह तनाव भारत द्वारा मई 2025 में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू करने के बाद बढ़ा था। ट्रंप का कहना है कि तभी उन्होंने फोन पर बात करके स्थिति को शांत कराया।
मनीकंट्रोल रिपोर्ट में बताया गया है कि ऑपरेशन सिंदूर 7 मई 2025 को हुआ, जिसमें भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर (PoK) में “आतंकी इन्फ्रास्ट्रक्चर” को निशाना बनाया था, और यह कार्रवाई 22 अप्रैल 2025 के पहलगाम हमले (जिसमें 26 नागरिक मारे गए थे) के बाद की गई थी।
ट्रंप का दावा “US-mediated ceasefire” पुराना है: मई 10 पोस्ट से लेकर अब तक
ट्रंप ने इससे पहले 10 मई 2025 को सोशल मीडिया पर दावा किया था कि “US-mediated talks” के बाद भारत और पाकिस्तान “full and immediate ceasefire” पर सहमत हो गए हैं। वह तब से कई मंचों पर खुद को इस सीजफायर का क्रेडिट देते रहे हैं—Truth Social पोस्ट, नेशनल प्रेयर ब्रेकफास्ट जैसे इवेंट्स और मीडिया इंटरव्यू में भी।
इस बार ‘Board of Peace’ इवेंट में ट्रंप ने वही नैरेटिव फिर दोहराया और दावा किया कि टैरिफ/ट्रेड दबाव निर्णायक था।
भारत का रुख: “थर्ड-पार्टी मध्यस्थता नहीं” (पहले के इनकार का संदर्भ)
इस तरह के दावों पर नई दिल्ली का रुख पहले से स्पष्ट रहा है। मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने पहले भी ट्रंप के उस दावे को खारिज किया था कि पीएम मोदी ने उन्हें आश्वासन दिया था कि भारत रूसी तेल खरीदना बंद कर देगा—भारत ने कहा था कि ऐसी कोई बातचीत/आश्वासन नहीं हुआ। इसी तरह, सीजफायर के संदर्भ में भी भारत की लाइन यह रही है कि फैसले सीधे भारत-पाक के आपसी चैनलों के जरिए हुए, किसी तीसरे पक्ष के जरिए नहीं।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि ट्रंप के “मैंने रुकवाया” वाले बयानों से भारत की उस पारंपरिक नीति पर असर पड़ सकता है जिसमें वह भारत-पाक मुद्दों पर किसी बाहरी मध्यस्थता को स्वीकार नहीं करता। यही कारण है कि ऐसे बयान राजनीतिक से ज्यादा डिप्लोमैटिक स्तर पर चर्चा का विषय बन जाते हैं।
अब आगे क्या: बयान का असर और संभावित सवाल
ट्रंप के इस बयान के बाद भारत-अमेरिका संबंधों में सार्वजनिक बयानबाज़ी का टोन फिर चर्चा में आ सकता है, खासकर तब जब ट्रेड और टैरिफ मुद्दे पहले से संवेदनशील हैं। भारत के लिए यह चुनौती रहती है कि वह रणनीतिक साझेदारी बनाए रखते हुए भी अपने “स्ट्रैटेजिक ऑटोनॉमी” वाले सिद्धांत को कमजोर न होने दे। दूसरी तरफ, ट्रंप लगातार अपने रोल का श्रेय लेकर घरेलू दर्शकों के सामने कूटनीतिक “विक्ट्री” दिखाने की कोशिश करते दिखते हैं।
FAQs (5)
- ट्रंप ने क्या कहा कि उन्होंने PM मोदी से कब बात की?
ट्रंप ने कहा कि पिछले साल भारत-पाक तनाव के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की थी और “वो अभी हमें देख रहे हैं” जैसी बात भी कही। - ट्रंप ने सीजफायर कराने के लिए क्या तरीका बताना दावा किया?
ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने दोनों देशों को ट्रेड डील रोकने और 200% टैरिफ लगाने की धमकी दी थी, जिसके बाद संघर्ष रुका। - ट्रंप ने संघर्ष को लेकर कौन से विवादित दावे किए?
उन्होंने कहा कि “11 जेट शॉट डाउन” हुए और यह संघर्ष न्यूक्लियर रूप ले सकता था। - ऑपरेशन ‘सिंदूर’ क्या था और इसका संदर्भ क्यों आया?
रिपोर्ट के अनुसार, मई 2025 में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और PoK में “आतंकी इन्फ्रास्ट्रक्चर” को निशाना बनाया था, जिसके बाद तनाव बढ़ा और सीजफायर की चर्चा हुई। - भारत इस तरह की “US-mediated” दावों पर क्या रुख रखता है?
भारत का रुख लगातार यह रहा है कि भारत-पाक डी-एस्केलेशन और सीजफायर फैसले सीधे दोनों देशों के बीच संचार के जरिए हुए, किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता से नहीं।
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