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ट्रंप फिर बोले: “मेरा 200% टैरिफ डर काम आया, वरना न्यूक्लियर वॉर हो जाता”

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने भारत‑पाक संघर्ष को 200% टैरिफ की धमकी देकर रोका और पाक PM ने उनके सामने कहा कि उन्होंने “25 मिलियन जानें बचाईं।” ट्रंप ने कहा ट्रेड डील बंद कर देता; भारत ने तीसरे पक्ष की मध्यस्थता के दावे को लगातार खारिज किया है।

“11 जेट गिराए गए, युद्ध भड़क रहा था” — ट्रंप का नया बयान, भारत‑पाक सीजफायर पर तीसरे पक्ष की भूमिका पर विवाद

ट्रंप का नया दावा: “200% टैरिफ धमकी से भारत‑पाक संघर्ष रुका, वरना न्यूक्लियर वॉर हो सकता था”

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दावा किया है कि उन्होंने पिछले साल भारत और पाकिस्तान के बीच हुए संघर्ष को “200 प्रतिशत टैरिफ” की धमकी देकर रोक दिया था। वॉशिंगटन में “Gaza Board of Peace” इवेंट में बोलते हुए ट्रंप ने कहा कि उन्होंने दोनों देशों से कहा था कि अगर लड़ाई नहीं रुकी तो वे ट्रेड डील्स नहीं करेंगे और 200% टैरिफ लगा देंगे। ट्रंप के मुताबिक, उनकी इस आर्थिक चेतावनी ने युद्ध को आगे बढ़ने से रोक दिया और यह संघर्ष “न्यूक्लियर” रूप ले सकता था।

ट्रंप ने यह भी कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने अमेरिकी अधिकारियों की मौजूदगी में उनसे कहा कि उन्होंने “25 मिलियन लोगों की जान बचाई” है। ट्रंप ने मंच से कहा कि “युद्ध भड़क रहा था, प्लेन गिराए जा रहे थे” और उन्होंने खुद फोन पर बात करके दोनों पक्षों को “सेटल” करने के लिए कहा।

ट्रंप ने क्या कहा? — मुख्य बातें

ट्रंप के बयान के प्रमुख अंश इस तरह हैं:

  • “मैं ट्रेड डील नहीं करूँगा” — अगर आप दोनों लड़ाई बंद नहीं करते।
  • “200 प्रतिशत टैरिफ” — अगर लड़ाई जारी रही तो दोनों पर।
  • “पैसा और नुकसान” — ट्रंप का दावा है कि आर्थिक नुकसान के डर से दोनों पक्ष पीछे हटे।
  • “11 जेट गिराए गए” — ट्रंप ने संघर्ष के दौरान 11 जेट गिरने का दावा भी दोहराया।

ट्रंप ने यह भी कहा कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को “बहुत अच्छी तरह” जानते हैं और उन्होंने दोनों देशों को फोन किया था।

भारत की स्थिति: “तीसरे पक्ष की मध्यस्थता नहीं”

इस पूरे मुद्दे पर भारत का रुख पहले जैसा ही बताया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, नई दिल्ली ने लगातार ट्रंप के “थर्ड पार्टी मेडिएशन” के दावे को खारिज किया है और कहा है कि सीजफायर और डी‑एस्केलेशन भारत‑पाकिस्तान के बीच सीधे संवाद से हुआ।

यानी ट्रंप जहां अपनी भूमिका को निर्णायक बता रहे हैं, वहीं भारत इस दावे को स्वीकार नहीं करता और इसे द्विपक्षीय (bilateral) प्रक्रिया मानता है।

ट्रंप ने यह दावा पहले भी क्यों किया था?

रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप मई 10 (पिछले साल) से अलग‑अलग प्लेटफॉर्म्स पर इस तरह के दावे करते रहे हैं कि वॉशिंगटन की मध्यस्थता के बाद भारत और पाकिस्तान “फुल और इमीडिएट” सीजफायर पर सहमत हुए। ट्रंप ने Fox Business को दिए इंटरव्यू, National Prayer Breakfast और Truth Social पोस्ट्स में भी ऐसे ही दावे किए हैं और कहा है कि उन्होंने टैरिफ को “लेवरेज” की तरह इस्तेमाल किया।

यह “बार‑बार दोहराना” इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे भारत‑अमेरिका संबंधों में सार्वजनिक नैरेटिव का फर्क दिखता है—अमेरिकी राष्ट्रपति इसे अपनी जीत की तरह पेश करते हैं, जबकि भारत अपनी रणनीतिक स्वायत्तता और द्विपक्षीयता को प्राथमिकता देता है।

संघर्ष का बैकग्राउंड: ऑपरेशन सिंदूर और पहलगाम हमला

रिपोर्ट के मुताबिक, यह संघर्ष भारत द्वारा 7 मई (पिछले साल) को “Operation Sindoor” शुरू करने के बाद हुआ। यह ऑपरेशन 22 अप्रैल के पहलगाम हमले के बाद किया गया, जिसमें 26 नागरिकों की मौत हुई थी, और इसके बाद भारत ने पाकिस्तान व PoK में “टेरर इन्फ्रास्ट्रक्चर” को निशाना बनाने की बात कही थी।

इसी पृष्ठभूमि में सीजफायर और डी‑एस्केलेशन की घटनाएं सामने आईं, जिन पर ट्रंप अब भी “टैरिफ‑थ्रेट” को निर्णायक वजह बता रहे हैं।

दावा बनाम आधिकारिक रुख: एक नजर में

तालिका: ट्रंप के दावे और भारत की आधिकारिक लाइन

मुद्दाट्रंप का दावाभारत का रुख
सीजफायर कैसे हुआUS दबाव/मध्यस्थता और टैरिफ धमकी सेभारत‑पाक के बीच सीधे संवाद से, कोई तीसरा पक्ष नहीं
“200% टैरिफ”आर्थिक नुकसान के डर से दोनों पीछे हटेभारत ने ऐसे दावे स्वीकार नहीं किए
“25 मिलियन जानें”पाक PM ने धन्यवाद दियाभारत ने आधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं की
“न्यूक्लियर वॉर”टैरिफ न होते तो न्यूक्लियर हो सकता थाभारत ने ऐसे अनुमान/नैरेटिव का समर्थन नहीं किया

इस बयान का संभावित असर: कूटनीति और घरेलू राजनीति

ट्रंप के बयानों का असर दो स्तरों पर देखा जा सकता है। पहला, यह अमेरिका की “टैरिफ‑डिप्लोमेसी” वाली छवि को मजबूत करता है, जहां व्यापार और शुल्क को विदेश नीति का औजार बताया जाता है। दूसरा, भारत‑पाक जैसे संवेदनशील मामलों में “क्रेडिट किसे मिले” वाली बहस को हवा मिलती है, जिसे भारत आमतौर पर पसंद नहीं करता क्योंकि वह इसे द्विपक्षीय चैनल और संप्रभु निर्णय मानता है।

साथ ही, जब ऐसे बयान वीडियो क्लिप के रूप में सामने आते हैं, तो सोशल मीडिया पर संदर्भ से काटकर चर्चा बढ़ जाती है। यही वजह है कि भारत की आधिकारिक लाइन अक्सर “रिकॉर्ड पर” रखी जाती है—कि फैसला भारत के हित और सीधे संवाद के आधार पर था।

FAQs

  1. ट्रंप ने भारत‑पाक संघर्ष रोकने को लेकर क्या दावा किया?
    ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने दोनों देशों को 200% टैरिफ की धमकी देकर और ट्रेड डील रोकने की बात कहकर संघर्ष रुकवा दिया।
  2. “25 मिलियन जानें” वाला बयान किस बारे में है?
    ट्रंप के अनुसार, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने अमेरिकी अधिकारियों की मौजूदगी में उनसे कहा कि उन्होंने संघर्ष रोककर “25 मिलियन लोगों की जान बचाई।”
  3. भारत ने ट्रंप के “मध्यस्थता” वाले दावे पर क्या कहा?
    रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने लगातार तीसरे पक्ष की किसी भी मध्यस्थता को खारिज किया है और कहा है कि डी‑एस्केलेशन और सीजफायर भारत‑पाकिस्तान के बीच सीधे संवाद से हुआ।
  4. ट्रंप ने टैरिफ के अलावा और क्या कहा?
    ट्रंप ने कहा कि युद्ध “न्यूक्लियर” बन सकता था और उन्होंने “11 जेट गिराए गए” का दावा भी किया।
  5. यह संघर्ष किस घटना के बाद बढ़ा था?
    रिपोर्ट के अनुसार, 22 अप्रैल के पहलगाम हमले (26 नागरिक मारे गए) के बाद भारत ने 7 मई को Operation Sindoor शुरू किया, जिसके बाद तनाव और संघर्ष की स्थिति बनी।

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