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मुंबई समिट में पीयूष गोयल ने की मोदी की तारीफ: “कभी डांटा नहीं, 100% सुनते हैं”

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Piyush Goyal praises PM Modi calm leadership
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केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने मुंबई के Global Economic Cooperation Summit में PM नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को “शांत और करुणामय” बताया। गोयल बोले—“वह पिता जैसे हैं, 12 साल में कभी डांटा नहीं, आवाज़ नहीं उठाई”; कोविड में रोज़ 10-15 कॉल कर बुजुर्गों का हाल भी पूछते थे।

“ट्रस्ट ही आर्थिक कूटनीति का मंत्र” – गोयल बोले: 2047 तक 30-35 ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी का लक्ष्य, मोदी का नेतृत्व ‘शांत’

पीयूष गोयल ने PM मोदी के नेतृत्व को बताया ‘शांत’: “पिता जैसे हैं, कभी आवाज़ नहीं उठाई”

केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की खुलकर तारीफ करते हुए उन्हें “शांत और करुणामय” नेता बताया। मुंबई में Global Economic Cooperation Summit के मंच से गोयल ने कहा, “वह पिता जैसे हैं। 12 सालों में जब से मैंने उन्हें प्रधानमंत्री के रूप में देखा है, उन्होंने कभी किसी को डांटा नहीं।” गोयल ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री “कभी आवाज़ नहीं उठाते।”

गोयल का यह बयान एक वीडियो क्लिप के रूप में सोशल मीडिया पर भी चर्चा में है। उन्होंने मोदी को ऐसा मेंटर बताया जो टीम को साथ लेकर चलता है, मार्गदर्शन करता है और धैर्य के साथ परिस्थितियों को संभालने में मदद करता है। गोयल के मुताबिक, प्रधानमंत्री एक “great listener” हैं और किसी भी बातचीत या मीटिंग में उनका “concentration 100%” रहता है।

कोविड काल का किस्सा: “रोज़ 10-15 कॉल करके बुजुर्गों का हाल पूछते थे”

पीयूष गोयल ने कोविड-19 संकट के समय का एक किस्सा साझा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने उन लोगों को व्यक्तिगत रूप से फोन किए जिन्हें वे वर्षों से जानते थे। गोयल के अनुसार, प्रधानमंत्री रोज़ाना 10 से 15 कॉल करते थे, जिनमें वरिष्ठ नागरिक और अन्य लोग शामिल होते थे, ताकि यह पता चल सके कि उन्हें किसी तरह की मदद या सहायता की जरूरत तो नहीं है।

गोयल ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री माता-पिता की तरह “handhold” करते हैं और लोगों को उनके सफर में सपोर्ट देते हैं। उनके मुताबिक, मोदी टीम को मेंटर करते हैं, गाइड करते हैं, “लैटरल थिंकिंग” के लिए प्रोत्साहित करते हैं और कई बार “connect the dots” करके बड़े फैसले लेने में मदद करते हैं।

समिट में दूसरा संदेश: आर्थिक कूटनीति का ‘ट्रस्ट’ मॉडल

मोदी के नेतृत्व की तारीफ के साथ-साथ गोयल ने समिट में भारत की आर्थिक कूटनीति (economic diplomacy) पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि आर्थिक कूटनीति का पहला सिद्धांत है कि स्टेकहोल्डर्स से दूर बैठकर बात करने के बजाय उनके करीब जाएं और संवाद बढ़ाएं।

गोयल ने अपनी नीति को एक शब्द में समेटते हुए कहा: “trust”। उनके मुताबिक, जब सामने वाला देश/पार्टी यह भरोसा कर ले कि आप पर विश्वास किया जा सकता है, और जब आप भी सामने वाले पर भरोसा करते हैं, तो बातचीत और समझौते का रास्ता आसान हो जाता है।

2047 का लक्ष्य: 30-35 ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी का विजन

पीयूष गोयल ने कहा कि भारत 2047 तक 30-35 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में काम कर रहा है। उनके अनुसार, आज की आर्थिक कूटनीति का लक्ष्य सिर्फ ट्रेड बढ़ाना नहीं है, बल्कि निवेश सुरक्षित करना, बेस्ट-इन-क्लास टेक्नोलॉजी तक पहुंच बनाना, और भारतीय युवाओं व पूंजी के लिए वैश्विक अवसर तैयार करना भी है।

उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने हाल के समय में कम समय में “आठ या नौ” ट्रेड एग्रीमेंट्स पूरे किए हैं, जिनमें से कुछ पर चर्चा करीब दो दशकों से चल रही थी। यह बयान भारत की ट्रेड नेगोशिएशन स्पीड और रणनीति पर भी संकेत देता है।

इस बयान की राजनीतिक और सार्वजनिक अहमियत

गोयल के बयान में दो स्तर पर संदेश दिखता है। पहला, प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व को ‘मेंटोर-स्टाइल’ और ‘कंपैशनेट’ बताकर एक ऐसी छवि पेश की गई है जो सामान्यतः कठोर निर्णयों वाली राजनीति में कम दिखती है। दूसरा, “trust” और “engagement” को आर्थिक कूटनीति का आधार बताकर सरकार की ट्रेड/इन्वेस्टमेंट रणनीति को नैतिक और व्यावहारिक दोनों फ्रेम में रखा गया है।

यह भी ध्यान देने वाली बात है कि कोविड काल में “व्यक्तिगत कॉल” वाला उदाहरण गोयल ने खास तौर पर इसलिए बताया ताकि संकट की घड़ी में शीर्ष नेतृत्व की ‘ह्यूमन टच’ वाली भूमिका को रेखांकित किया जा सके।

FAQs (5)

  1. पीयूष गोयल ने PM मोदी के बारे में क्या कहा?
    गोयल ने कहा कि PM मोदी “पिता जैसे हैं”, 12 साल में उन्होंने कभी किसी को डांटा नहीं और “कभी आवाज़ नहीं उठाई।”
  2. गोयल ने कोविड काल को लेकर क्या दावा किया?
    गोयल के अनुसार, कोविड संकट के समय PM मोदी रोज़ 10 से 15 कॉल करके वरिष्ठ नागरिकों और परिचित लोगों से उनका हाल पूछते थे और जरूरत पड़ने पर सहायता की बात करते थे।
  3. गोयल ने मोदी के काम करने के तरीके को कैसे बताया?
    उन्होंने कहा कि मोदी “great listener” हैं, उनका “concentration 100%” रहता है, वे टीम को साथ लेकर चलते हैं, मेंटर करते हैं और परिस्थितियों में “connect the dots” करने में मदद करते हैं।
  4. Global Economic Cooperation Summit कहां हुआ?
    यह समिट मुंबई में हुआ, जहां पीयूष गोयल ने यह बयान दिया।
  5. गोयल ने आर्थिक कूटनीति (economic diplomacy) के बारे में क्या कहा?
    उन्होंने कहा कि आर्थिक कूटनीति का मूल सिद्धांत “trust” है और भारत 2047 तक 30-35 ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी बनने की दिशा में काम कर रहा है; भारत ने कम समय में 8-9 ट्रेड एग्रीमेंट्स भी पूरे किए हैं।

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