समर्थकों की भीड़ में नेता के साथ भी हुई हाथापाई,वीडियो सोशल मीडिया में वायरल।
धनबाद । नगर निकाय चुनाव सोमवार को संपन्न हुआ।लेकिन,नगर निगम क्षेत्र के वार्ड 5, 22 और 27 में मतदान के दौरान बूथों में हंगामा भी हुआ।बीच में संबंधित पदाधिकारियों एवं प्रशासन के हस्तक्षेप से मामला शांत कराया गया एवं मतदान संपन्न हुआ।कहीं पार्षद प्रत्याशी के समर्थक मतदान केंद्र पर आपस में भिड़ गये।तो कहीं लोगों ने विरोध जताया और भीड़ समर्थकों के साथ नेता के साथ भी हाथपाई हो गई।जिसका वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हैं।
वार्ड 5 के मतदान केंद्र पर विवाद की स्थिति।
नगर निकाय चुनाव के दौरान वार्ड 5 के लकड़का में एक बूथ पर मतदान के समय अचानक विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई।बताया जा रहा है कि कहासुनी से शुरू हुआ मामला देखते ही देखते बढ़ गया,जिससे मतदान केंद्र पर अफरा-तफरी मच गई।
आरोप है कि मतदान केंद्र के अंदर मतदाताओं पर जबरन वोट डालने का दबाव बनाने की कोशिश की गई। घटना से नाराज़ स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया और मतदान केंद्र के बाहर हंगामा करने लगे।
सूचना मिलते ही बाघमारा क्षेत्र के कतरास थाना प्रभारी असित कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।अधिकारियों ने स्थिति को शांत कराया और लोगों को समझाकर मामला नियंत्रण में किया।पुलिस की मौजूदगी में मतदान प्रक्रिया दोबारा सुचारु रूप से शुरू हुई।
वार्ड 22 के सूसनीलेवा नागनगर में तनाव की स्थिति।
नगर निगम चुनाव के दौरान वार्ड 22 के सूसनीलेवा नाग नगर में माहौल तनावपूर्ण हो गया। बूथ संख्या 58, 59, 13 और 14 पर दो पार्षद प्रत्याशियों के समर्थक आमने-सामने आ गये।कहासुनी से शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते धक्का-मुक्की में बदल गया।हालांकि प्रशासन की तत्परता से हालात पर काबू पा लिया गया और मतदान प्रक्रिया दोबारा सामान्य हो गई।नगर निगम चुनाव के बीच सूसनीलेवा नागनगर का मतदान केंद्र अचानक विवाद का केंद्र बन गया।वार्ड पार्षद प्रत्याशी शिल्पी कुमारी के प्रतिनिधि की मौजूदगी और कथित हस्तक्षेप को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में नाराजगी थी। मतदान केंद्र के पास भीड़ जुटने से माहौल गरमा गया।प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बहस इतनी बढ़ी कि समर्थकों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई।ग्रामीणों ने हस्तक्षेप कर स्थिति संभालने की कोशिश की।इसी दौरान प्रतिनिधि को दौड़ाकर पीटने और बाहर निकालने की भी बात सामने आई है।जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि “हम लोग शांतिपूर्वक मतदान करना चाहते थे,लेकिन माहौल खराब करने का प्रयास किया गया।जिसका हम ग्रामीणों ने विरोध किया”।
इस घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची।पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत कराया। पुलिस बल तैनात कर मतदान संपन्न हुआ।पुलिस का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में किया गया।मतदान शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराया गया।
वार्ड 27 के मतदान केन्द्रों में भी हुआ हंगामा।
वार्ड संख्या 27 के बूथ नंबर 106, 110, 111 और 112 पर हंगामा हुआ।पार्षद प्रत्याशी पुष्पा देवी और पार्षद प्रत्याशी पिंकी देवी के समर्थकों के बीच तीखी नोकझोंक के बाद हाथापाई की स्थिति हुई। आरोप-प्रत्यारोप के बीच माहौल कुछ देर के लिए तनावपूर्ण रहा। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लेते हुए सभी समर्थकों को मतदान केंद्र के बाहर कर दिया गया।दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाये।
पुष्पा देवी के पति संजय कुमार सिंह का आरोप है कि पिंकी देवी की जेठानी उर्मिला देवी उसी बूथ पर बीएलओ के रूप में पदस्थापित हैं और मतदाताओं को प्रभावित करने का प्रयास कर रही थी। उनका कहना है कि उनके मित्र रमेश कुमार सिंह का कॉलर पकड़कर प्रमोद कुमार यादव ने बाहर कर दिया।संजय सिंह का आरोप है कि वे लोग सड़क के बाहर खड़े थे,इसके बावजूद उन पर हमला किया गया।
वहीं दूसरी ओर, पिंकी देवी के अभिकर्ता और रिश्तेदार प्रमोद कुमार यादव ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि संजय कुमार सिंह बाहर से लोगों को लाकर मतदान कराने की कोशिश कर रहे थे, जिसे रोका गया। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ा और हाथापाई के बाद पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को बूथ परिसर से बाहर कर दिया।
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