केंद्रीय मंत्री और तमिलनाडु चुनाव प्रभारी पीयूष गोयल ने अभिनेता विजय की पार्टी TVK के प्रभाव को खारिज करते हुए कहा कि वे “अच्छे अभिनेता” हैं, लेकिन “बिना किसी संगठनात्मक ताकत वाला अपस्टार्ट विजेता नहीं बनेगा”, और कमल हासन सहित कई फिल्म स्टारों का उदाहरण दिया।
पीयूष गोयल बोले – “अच्छे अभिनेता हैं, पर बिना संगठन वाला अपस्टार्ट विजेता नहीं बनता”
तमिलनाडु चुनाव में विजय की एंट्री पर पीयूष गोयल का तंज: “बिना संगठन वाला अपस्टार्ट विजेता नहीं बनता”
केंद्रीय मंत्री और तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए BJP के राज्य चुनाव प्रभारी पीयूष गोयल ने अभिनेता विजय और उनकी नई पार्टी ‘तमिऴगா வெற்றி கழகம்’ (TVK) के चुनावी प्रभाव को कमतर आंकते हुए तीखी टिप्पणी की है। CNN-News18 के ‘Rising Bharat’ कार्यक्रम में राहुल शिवशंकर से बातचीत के दौरान गोयल ने कहा कि “फिल्म स्टार आते जाते रहते हैं” और “एक अपस्टार्ट, जिसके पीछे कोई संगठनात्मक ताकत नहीं, विजेता नहीं बन सकता।”
गोयल ने कहा, “वह (विजय) एक अच्छे अभिनेता हैं, लेकिन अगर उन्होंने खुद को CM घोषित कर दिया है… एक अपस्टार्ट, जिसके पास संगठन का कोई सहारा नहीं, वह विजेता नहीं होगा।” इस टिप्पणी के ज़रिए उन्होंने साफ संकेत दिया कि BJP विजय की पार्टी TVK को तुरंत किसी बड़े राजनीतिक फैक्टर के रूप में नहीं देख रही।
“किंग बनना चाहते हैं, किंगमेकर नहीं”: विजय पर कटाक्ष
विजय ने हाल में बयान दिया था कि वे तमिलनाडु की राजनीति में “किंगमेकर नहीं, खुद किंग बनना चाहते हैं”। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए गोयल ने कहा, “हर कोई अपने बारे में ग्लोरिफाइड व्यू रखने का हकदार है। वह एक अच्छे, लोकप्रिय अभिनेता हैं… फिल्म स्टार हमेशा अपने बारे में बहुत ऊंची राय रखते हैं।”
गोयल ने इशारों‑इशारों में कहा कि सिर्फ स्टारडम के भरोसे CM बनने का सपना देखना ज़मीनी राजनीति की कठिन हकीकत से अलग है, जहां बूथ‑स्तर से लेकर राज्य‑स्तर तक मजबूत संगठन और लंबे समय की राजनीतिक जमावट की जरूरत होती है।
कमल हासन का उदाहरण: “2 प्रतिशत वोट भी नहीं, डबल डिजिट तक नहीं पहुंचे”
अभिनेता‑से‑नेता बने कमल हासन का ज़िक्र करते हुए गोयल ने कहा, “कई फिल्म स्टारों ने सोचा कि वे तमिलनाडु पर धावा बोल देंगे। कमल हासन को देखिए, उन्हें 2 प्रतिशत से भी कम वोट मिले। वे डबल डिजिट तक नहीं पहुंच पाए।”
गोयल का तर्क था कि MGR और जयललिता जैसे सफल फिल्म स्टार‑राजनेताओं के पीछे पहले से स्थापित पार्टियां और लंबे समय की संगठनात्मक तैयारी थी, जबकि नए चेहरे बिना किसी मजबूत पार्टी ढांचे के अचानक “किंग” बनने की सोच रखते हैं, जो व्यावहारिक नहीं है।
MGR–जयललिता बनाम आज के फिल्म स्टार
गोयल ने स्पष्ट तौर पर कहा, “MGR या जयललिथा स्थापित पार्टियों में थे। CM बनने से पहले उनके पास सालों‑साल का अनुभव और मजबूत संगठन था। एक अपस्टार्ट, बिना किसी संगठनात्मक बैकिंग के, विजेता नहीं बन सकता।”
उन्होंने यह भी जोड़ा कि कुछ इसी तरह का नैरेटिव बिहार में भी देखने को मिला था—मतलब वहां भी ‘नई ताकत’ के रूप में प्रोजेक्ट किए गए कुछ चेहरों के बारे में कहा गया कि वे चुनाव जीतेंगे, लेकिन नतीजे उम्मीदों के बिल्कुल उलट रहे।
BJP का संकेत: स्टारडम से ज्यादा ज़मीनी संगठन पर भरोसा
पीयूष गोयल की बातों से यह साफ संदेश जाता है कि तमिलनाडु में BJP अपनी रणनीति स्टार‑फैक्टर पर नहीं, बल्कि धीरे‑धीरे खड़ा हो रहे संगठन, स्थानीय नेतृत्व और गठबंधन राजनीति पर आधारित रखना चाहती है।
विजय की TVK को लेकर मीडिया में चल रही चर्चा के बीच गोयल का यह रुख यह दिखाता है कि BJP कम से कम सार्वजनिक रूप से अभिनेता की राजनीतिक चुनौती को न्यूनतम बता कर पेश कर रही है—ताकि अपने कैडर का फोकस संगठन और मुद्दों पर बना रहे, न कि सिर्फ चेहरों की लोकप्रियता पर।
5 FAQs
- पीयूष गोयल ने अभिनेता विजय के बारे में क्या कहा?
उन्होंने कहा कि विजय “एक अच्छे अभिनेता” हैं, लेकिन “अगर उन्होंने खुद को CM घोषित कर लिया है, तो एक अपस्टार्ट, जिसके पास कोई संगठनात्मक बैकिंग नहीं, वह विजेता नहीं बनेगा।” - गोयल ने फिल्म स्टारों की राजनीति पर क्या टिप्पणी की?
गोयल ने कहा कि “फिल्म स्टार आते जाते रहते हैं” और वे अक्सर अपने बारे में बहुत ऊंची राय रखते हैं, लेकिन केवल स्टारडम से चुनाव नहीं जीते जा सकते। - कमल हासन का उदाहरण क्यों दिया गया?
उन्होंने याद दिलाया कि कमल हासन ने सोचा था कि वे तमिलनाडु की राजनीति में बड़ी ताकत बनेंगे, लेकिन उनकी पार्टी को 2 प्रतिशत से भी कम वोट मिले और वे डबल डिजिट तक नहीं पहुंचे। - MGR और जयललिता का संदर्भ किसलिए आया?
गोयल ने बताया कि MGR और जयललिता सफल इसलिए थे क्योंकि वे पहले से स्थापित पार्टियों में थे और उनके पीछे मजबूत संगठन था, जबकि आज के कुछ स्टार बिना संगठन के सीधे CM बनने की सोच रखते हैं। - BJP का समग्र संदेश क्या है?
BJP यह संदेश दे रही है कि तमिलनाडु में चुनाव संगठन, जमीनी नेटवर्क और दीर्घकालिक राजनीतिक काम से जीते जाते हैं, सिर्फ किसी एक फिल्म स्टार की लोकप्रियता से नहीं; इसलिए विजय की पार्टी TVK को फिलहाल “अपस्टार्ट” के रूप में ही देखा जा रहा है।
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